अपडेट: 3 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश के रिकॉर्ड MP Bhulekh, mpbhulekh.gov.in, पर रखे जाते हैं। किसानों से जो दो कागज माँगे जाते हैं वे खसरा (एक भूखंड) और बी-1 (एक व्यक्ति के गांव के सारे भूखंड) हैं। मुफ्त प्रति संदर्भ के लिए है, और सरकारी उपयोग के लिए प्रमाणित प्रति चाहिए।

नीचे के मेनू लेबल और शुल्क गाइड से हैं, जो लेबल पर अलग-अलग बताती हैं, इसलिए पोर्टल की स्क्रीन के अनुसार चलें। आम शब्द पूरे भारत के भू-अभिलेख पृष्ठ पर समझाए गए हैं।

खसरा और बी-1 में क्या दिखता है

  • खसरा: एक गाइड के अनुसार एक भूखंड, जिसमें सर्वे नंबर, रकबा, मिट्टी का प्रकार, मौजूदा फसल और दर्ज मालिक होता है।
  • बी-1: उसी गाइड के अनुसार पूरे गांव में मालिक का खाता: सारे भूखंड, सह-स्वामी, लंबित नामांतरण और राजस्व भुगतान की स्थिति।
  • दोनों क्यों: अकेला खसरा लंबित नामांतरण या खाते के दूसरे भूखंड नहीं दिखाता, इसलिए खरीदार या कर्ज देने वाले को बी-1 भी माँगना चाहिए।

मेनू पथ: दो गाइड क्या कहती हैं

गाइडमेनू लेबलखोज
1acre.inFree Services, फिर Bhu-Abhilekhजिला, तहसील, गांव; फिर खसरा संख्या, मालिक का नाम या ULPIN
HomeFirstभू अभिलेख (मुख्य मेनू)खसरा संख्या, मालिक का नाम या खाता नंबर

दोनों विवरण अलग हैं: ULPIN का विकल्प केवल एक गाइड में है और खाता का विकल्प केवल दूसरी में। mpbhulekh.gov.in खोलकर स्क्रीन के अनुसार चलें: जिला, तहसील और गांव चुनें, फिर खसरा या खाता नंबर डालें। खसरा और बी-1 अलग-अलग डाउनलोड करें।

भूमि रिकॉर्ड, नामांतरण या सुधार में मदद चाहिए?

मुफ्त प्रति और प्रमाणित प्रति

  • मुफ्त प्रति: 1acre.in के अनुसार तुरंत मिलती है और केवल जानकारी के लिए है।
  • प्रमाणित, डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रति: पोर्टल या स्थानीय तहसील कार्यालय से। गाइड कहती हैं कि शुल्क लग सकता है और वह जिले के हिसाब से बदलता है, पर रकम नहीं बतातीं। तहसील कार्यालय में पूछें।
  • ऑफलाइन रास्ता: एक गाइड के अनुसार पहचान पत्र और खसरा नंबर के साथ तहसील कार्यालय में आवेदन करें।

नामांतरण

  • पोर्टल: 22 जून 2020 की जनसंपर्क विभाग की एक खबर rcms.mp.gov.in का नाम लेती है। वहाँ कोई भी, या एमपी ऑनलाइन कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र, पटवारी या पंचायत सचिव के जरिए, आवेदन कर सकता है और ऑनलाइन पावती पाता है। खबर में उत्तराधिकार, पंजीकृत विक्रय, दान पत्र, न्यायालय की डिक्री और बंधक पंजीयन या मुक्ति जैसी श्रेणियाँ हैं।
  • दूसरा रास्ता: एक गाइड के अनुसार नामांतरण mpbhulekh.gov.in पर Request ID से देखा जाता है, और बिना विवाद के मामलों के लिए 45 दिन तथा ग्रामीण नामांतरण का कोई शुल्क नहीं बताया गया है। इसे अपुष्ट मानें।
  • उत्तरा ऐप: 2017 की राज्य की एक खबर सीमांकन, बटांकन, नामांतरण और प्रमाण पत्र के आवेदनों के लिए ऐप बताती है, जिसमें पटवारी के डैशबोर्ड और मोबाइल नंबर पर स्थिति है। वह अब चालू है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं है।

गलती, नक्शा और हेल्पलाइन

  • सुधार: एक गाइड के अनुसार नाम न मिलने पर तहसीलदार से सुधार आदेश लें। शुल्क और समय सीमा नहीं बताई गई।
  • भू-नक्शा: एक गाइड नक्शे के लिए bhunaksha.mp.gov.in का नाम लेती है। यह साइट और उसका खसरा रिकॉर्ड से जोड़ अपुष्ट है।
  • हेल्पलाइन: कोई सरकारी हेल्पलाइन नंबर पक्का नहीं है। तहसील कार्यालय में पूछें।

इकाइयाँ और आगे क्या करें

खसरा या बी-1 की क्षेत्रफल इकाई नहीं बताई गई है। अपनी प्रति में इकाई का शीर्षक पढ़ें, और भूमि क्षेत्रफल कनवर्टर का उपयोग करें, जिसमें बीघे का माप डाला जा सकता है।

खसरा और खाता नंबर फार्मर आईडी पंजीकरण, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान के लिए रखें। दूसरे राज्य भू-अभिलेख पृष्ठ पर हैं।

स्रोत

राज्यवार भूलेख