मौसम और तीन फसल सीज़न

खरीफ (जून-नव): मानसून पर निर्भर। धान, कपास, सोयाबीन, मक्का और दलहन के लिए समय पर अच्छा मानसून ज़रूरी है। सूखे दौर (सिंचाई) और अधिक बारिश (जल निकासी, फफूंद रोग नियंत्रण) पर ध्यान दें।

रबी (अक्टू-मार्च): गेहूं, सरसों और चना जैसी सर्दियों की फसलों को ठंडा मौसम चाहिए। कटाई (फर-मार्च) पर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खड़े गेहूं को नुकसान होता है, और पाला सब्ज़ियों व चने को नुकसान पहुंचाता है।

ज़ायद (मार्च-जून): गर्मी की फसलों (तरबूज, खरबूजा, सब्ज़ियां, चारा) को सिंचाई और भीषण गर्मी से बचाव चाहिए।

💡 सुझाव: अगर 24 घंटे में बारिश की संभावना हो तो कीटनाशक न छिड़कें - यह धुल जाता है और पैसा बर्बाद होता है। पहले पूर्वानुमान जांचें।