पॉपलर (Populus deltoides) पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के सिंचित मैदानों में नकदी पेड़ के रूप में चलता है, जहां यमुनानगर के आसपास जैसी प्लाईवुड मिलें लट्ठे खरीदती हैं और सर्दी में पत्तियां झड़ने से पेड़ों की कतारों के बीच गेहूं, सरसों या चारा उगाया जा सकता है। इसे अच्छी सिंचित मिट्टी, भरोसेमंद नर्सरी का रोपण सामग्री और मुख्य आमदनी के लिए 6 से 8 साल का इंतजार चाहिए।
लकड़ी के बताए गए भाव यमुनानगर और जगाधरी की लकड़ी मंडियों में तय होते हैं और साल-दर-साल ऊपर-नीचे होते हैं, इसलिए हिसाब ऊंचे के साथ नीचे भाव पर भी लगाएं।
कहां उगता है और क्या चाहिए
- रकबा: ICAR और CCS HAU के लेखकों के 2026 के Indian Farming लेख में उत्तर भारत में पॉपलर कृषि वानिकी करीब 263,000 हेक्टेयर बताई गई है, जिसमें मुख्य उत्पादक हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान हैं और हिमाचल प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी उत्पादक हैं।
- हालात: गहरी, अच्छे जल निकास वाली, सिंचित दोमट से रेतीली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी है। पॉपलर पर्णपाती है और सर्दी में चार महीने तक बिना पत्तों का रहता है, जिससे गेहूं की अंतरफसल संभव होती है। क्लोन 63-N और 25-N ने सुल्तानपुर जिले (उत्तर प्रदेश) की आंशिक रूप से सुधारी क्षारीय जमीन पर दूसरों से बेहतर किया; सामान्य क्लोन खारी या जलभराव वाली जमीन पर न लगाएं।
- कतार की दिशा: उत्तर से दक्षिण की कतारों से अंतरफसल को ज्यादा रोशनी मिलती है।
क्लोन और रोपण सामग्री
| क्लोन | स्रोत / टिप्पणी | खासियत | कहां के लिए ठीक |
|---|---|---|---|
| G-48, Udai, W-22, W-32, W-39, S7C15, S7C8 | 2026 के Indian Farming लेख में ज्यादा उपज वाले क्लोन के रूप में सूचीबद्ध | G-48 लंबे समय से चलता आ रहा व्यावसायिक क्लोन है; यमुनानगर के दूरी वाले ट्रायल में पांच क्लोन में 7 साल तक W-39 (WSL-39) की ऊंचाई और मोटाई सबसे अच्छी रही | उत्तर भारत के मैदान; नर्सरी से पूछें कि आपके राज्य में अभी कौन से क्लोन सुझाए जा रहे हैं |
| G-3, D-121, ST-67 | साहित्य में पुराने क्लोन | पहले के बागानों में इस्तेमाल हुए; एक अध्ययन में G-48 केले के साथ सबसे अच्छा बढ़ा | खरीदने से पहले देखें कि अब भी सुझाए जाते हैं या नहीं |
- एक साल पुराने Entire Transplants (ETP) राज्य कृषि विश्वविद्यालय, वन विभाग की नर्सरी या भरोसेमंद नर्सरी से खरीदें। पौधे चुनने का सबसे अच्छा समय सितंबर और अक्टूबर है जब पत्ते लगे होते हैं और कीट व रोग दिख जाते हैं; रोपाई का सबसे अच्छा समय जनवरी से फरवरी है, ETP दिसंबर के आखिर से जनवरी की शुरुआत में उखाड़े जाते हैं।
- ऐसी नर्सरी से पौधे न लें जिनमें दीमक या तना छेदक का नुकसान हो या ऊपरी तने पर पाले का नुकसान हो। बहुत लंबे पौधे न चुनें, जो ज्यादा मरते हैं।
- पहुंचने पर पौधों को ताजे पानी के गड्ढों में लिटाकर रखें; रोपाई से पहले वे 10 से 12 दिन पानी में रह सकते हैं।
दूरी और रोपाई
| दूरी | प्रति एकड़ पेड़ | प्रति हेक्टेयर पेड़ | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 5 x 4 मीटर | करीब 202 | 500 | G-48 के साथ PAU के ट्रायल में इस्तेमाल हुई; 8 साल के अध्ययन में सबसे ज्यादा कार्बन भंडारण |
| 10 x 2 मीटर | करीब 202 | 500 | CCS HAU, हिसार का अध्ययन, कतारों के बीच ज्वार और बरसीम के साथ |
| 4 x 4 मीटर | करीब 253 | 625 | आम ब्लॉक दूरी |
| 5 x 5 मीटर | करीब 162 | 400 | ज्यादा चौड़ा ब्लॉक |
| 6 x 3 मीटर | करीब 225 | 556 | आम ज्यामितियों में गिनी गई |
| 4.87 x 2.74 मीटर | करीब 303 | 750 | दूरी के एक अध्ययन में गेहूं के साथ सबसे ऊंचा लाभ-लागत अनुपात (2.94) |
- करीब 1 मीटर गहरा गड्ढा खोदें। मिट्टी में 5 किलो गोबर की खाद, 200 ग्राम SSP, 25 ग्राम MOP और 25 ग्राम सूक्ष्म पोषक तत्व (Zn, Fe, Cu) मिलाएं, जैसा 2026 का लेख बताता है। उसमें जड़ों को chlorpyrifos और carbendazim के घोल में डुबोना दीमक और फफूंद से बचाव के रूप में बताया गया है; लेबल मानें और अपने KVK से पूछें।
- ETP को सीधा रखें, मिट्टी दबाएं और तुरंत सिंचाई करें।
- सीधे तने के लिए छंटाई करें, सह-नेता शाखाएं हटाएं और करीब 3 साल बाद विरलन करें, जिससे जल्दी पल्पवुड मिल सकता है।
अंतरफसल और सिंचाई
- पॉपलर की कतारों के बीच रोटेशन भर गेहूं उगाया जा सकता है, लेकिन Indian Journal of Agroforestry का एक पेपर पेड़ों के बढ़ने के साथ साल 1 से 6 तक गेहूं की उपज में 10 से 46% की कमी बताता है। चौड़ी कतारें उपज बचाती हैं: एक ट्रायल में गेहूं पास की दूरी के मुकाबले 8 x 2.5 मीटर (3.95 टन प्रति हेक्टेयर) पर बेहतर रहा।
- पॉपलर के नीचे बीज दर करीब 25% बढ़ाएं और बाद के सालों में छांव सहने वाली फसलें (हल्दी, अदरक, चारा) लें, जैसा 2026 का लेख सुझाता है। चारा, सरसों, आलू और मेंथा भी अंतरफसल के रूप में बताए गए हैं।
- पॉपलर को सिंचाई चाहिए, खासकर शुरू के सालों में और सूखे दौर में। अंतरफसल से खेत को वैसे भी नियमित पानी मिलता है; पानी के खर्च के लिए drip irrigation और solar pump देखें।
कीट और रोग
- मुख्य कीट हैं पत्ती खाने वाले कीट, पॉपलर का तना छेदक, शूट छेदक और नर्सरी में सुंडी, और दीमक। पॉपलर में पत्ती झुलसा और तने का कैंकर भी लगता है। व्यावसायिक बागानों में तना छेदक सबसे बड़ा खतरा है।
- रोकथाम के कदम हैं नियमित निगरानी, संक्रमित शाखाओं की छंटाई, नर्सरी की सफाई और अच्छी रोपण सामग्री। तना और शूट छेदक के लिए chlorpyrifos जैसे कीटनाशक का जिक्र है; इसे सिर्फ अपने KVK या राज्य विश्वविद्यालय की सलाह पर और लेबल की मात्रा में इस्तेमाल करें।
कटाई और उपज
- रोटेशन 6 से 8 साल की है। 2026 का लेख ब्लॉक बागानों में 6 से 8 साल की रोटेशन पर 20 से 25 घन मीटर प्रति हेक्टेयर प्रति साल (प्रति एकड़ करीब 8 से 10 घन मीटर) बताता है, और कहता है कि उपजाऊ जगहों पर उत्पादकता 45 घन मीटर प्रति हेक्टेयर प्रति साल से ऊपर जा सकती है, जो ऊपरी सिरा है, औसत नहीं।
- CCS HAU हिसार के अध्ययन (2008 से 2016, 10 x 2 मीटर, प्रति हेक्टेयर 500 पेड़) में 331 घन मीटर प्रति हेक्टेयर लकड़ी और कतारों के बीच ज्वार व बरसीम के साथ करीब ₹11.9 लाख प्रति हेक्टेयर का शुद्ध लाभ और 2.22 का लाभ-लागत अनुपात दर्ज हुआ, जो अकेली फसल से काफी ऊपर है।
- उसी लेख के अनुसार किसान छह साल बाद लकड़ी बेचकर ₹12 लाख प्रति हेक्टेयर (करीब ₹4.9 लाख प्रति एकड़) तक कमा सकता है। प्रति हेक्टेयर 500 पेड़ पर यह प्रति पेड़ करीब ₹2,400 है। इसे ऊपरी सिरा मानें।
लागत और कमाई
- भाव: The Tribune की 12 दिसंबर 2024 की रिपोर्ट वाले हफ्ते में यमुनानगर और जगाधरी की लकड़ी मंडियों में पॉपलर ₹1,300 से ₹1,550 प्रति क्विंटल बिका, जो पिछले हफ्ते से करीब ₹100 ऊपर था। एक व्यापारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान यमुनानगर की मांग का करीब 80% पूरा करते थे, और उत्तर प्रदेश की नई प्लाईवुड फैक्टरियां अब वह लकड़ी ले रही थीं। भाव आपूर्ति के साथ बदलते हैं, इसलिए ताजा भाव देखें।
- संवेदनशीलता: प्रति एकड़ 202 पेड़ (5 x 4 मीटर) पर प्रति पेड़ औसत लकड़ी का हर क्विंटल प्रति एकड़ 202 क्विंटल है, जिसकी कीमत ₹1,300 से ₹1,550 प्रति क्विंटल पर करीब ₹2.6 से ₹3.1 लाख है। पास की किसी कटाई से कुछ नमूने के पेड़ तौलकर अपना आंकड़ा निकालें, क्योंकि प्रति पेड़ का कोई पुष्ट वजन नहीं मिला।
- लागत: पौधे, गड्ढे, खाद, सिंचाई, छंटाई, सुरक्षा और कटाई। प्रति एकड़ की कोई पुष्ट लागत नहीं मिली; अपने KVK या पास के उत्पादक से ताजा बजट पूछें। आमदनी साल 6 से 8 में आती है, बीच में अंतरफसल की आय मिलती है।
बाजार और जोखिम
- खरीदार प्लाईवुड, विनियर, माचिस और पल्प की इकाइयां और लकड़ी के व्यापारी हैं, जो हरियाणा में यमुनानगर और जगाधरी में और अब उत्तर प्रदेश में भी बढ़ रहे हैं।
- जोखिम हैं कटाई के समय भाव का गिरना, तना छेदक का नुकसान और बाद के सालों में छांव में गेहूं की कमी। रोपे गए पॉपलर की कटाई और परिवहन के राज्य नियम अपने वन विभाग से पूछ लें; यहां किसी की पुष्टि नहीं हुई।
- कर्ज के लिए KCC, समूह में बिक्री के लिए FPO और सहायता योजनाओं के लिए subsidy finder देखें। मिलता-जुलता पेड़ eucalyptus clone है।
स्रोत
- Indian Farming (ICAR), Profitable and sustainable farming of poplar for Indian farmers, February 2026
- The Tribune, timber shortage fuels poplar rate surge in Yamunanagar (12 December 2024)
- Indian Journal of Agroforestry, performance of wheat intercropped under different tree spacings of poplar
- Indian Journal of Agroforestry, role of poplar in sustainable development of India
- Krishikosh, evaluation of poplar for spacing under nursery and field plantation (Yamunanagar clones)
