अगर आपकी पीएम किसान किस्त नहीं आई है, तो कारण लगभग हमेशा पोर्टल के कुछ रिकॉर्ड में से कोई एक होता है: e-KYC, भूमि सीडिंग (land seeding), आधार से जुड़ा बैंक खाता, या पात्रता जांच के कारण रोक। पहले अपना स्टेटस देखिए, फिर जो एक चीज़ बाकी है उसे ठीक कीजिए।
सबसे ताज़ा किस्त 23वीं है, जो पीआईबी (PIB) के अनुसार 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से जारी हुई। 2 अक्टूबर 2026 तक इसके बाद की किसी किस्त की घोषणा नहीं हुई है, और यह लेख कोई तारीख का अंदाज़ा नहीं देता। अगर आपको 23वीं किस्त मिल गई है, तो अभी कुछ गलत नहीं है; बस नई किस्त अभी आई ही नहीं है। यह पन्ना उन किसानों के लिए है जिन्हें 23वीं या उससे पहले की किस्त नहीं मिली।
पहला कदम: पोर्टल पर अपनी स्थिति देखिए
pmkisan.gov.in पर Farmers Corner (किसान कॉर्नर) खोलकर Know Your Status (अपनी स्थिति जानें) चुनिए। अपना पंजीकरण नंबर डालिए; OTP e-KYC के लिए दर्ज मोबाइल नंबर पर आता है। पंजीकरण नंबर भूल गए हों तो उसी पन्ने पर Know your registration no. का विकल्प है। पन्ने पर खाते का ब्योरा भी दिखता है: भुगतान की स्थिति, बैंक का नाम, UTR नंबर, भुगतान का तरीका, खाते में पैसा आया या नहीं और किस तारीख को। इस स्क्रीन को पढ़ने का तरीका पीएम किसान लाभार्थी स्थिति में है।
पैसा जारी होने के लिए तीन बातें तय करती हैं। पीआईबी के अनुसार लाभ उन किसानों को मिलता है जिनके भूमि रिकॉर्ड पीएम-किसान पोर्टल पर सीड हैं, जिनका बैंक खाता आधार से जुड़ा है और जिन्होंने e-KYC पूरी कर ली है। ज़्यादातर छूटी किस्तें इन्हीं में से किसी एक की वजह से होती हैं।
किस्त रुकने के कारण और उनका उपाय
| कारण | इसका मतलब | क्या करें | |
|---|---|---|---|
| e-KYC बाकी | पोर्टल के अनुसार पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC ज़रूरी है। OTP वाली e-KYC पोर्टल पर होती है; बायोमेट्रिक e-KYC कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर होती है। | इसे पूरा कीजिए। तरीका {{/articles/pm-kisan-ekyc-online/ | पीएम किसान e-KYC ऑनलाइन}} में है। |
| जमीन सीड नहीं हुई | आपका भूमि रिकॉर्ड राज्य द्वारा सत्यापित होकर आपकी एंट्री से नहीं जुड़ा है। | {{/articles/pm-kisan-land-seeding/ | भूमि सीडिंग सुधार}} देखिए। |
| बैंक खाता आधार से सीड नहीं है | भुगतान DBT के ज़रिए केवल आधार से जुड़े खातों में जाता है। | {{/articles/pm-kisan-aadhaar-bank-seeding/ | आधार बैंक सीडिंग}} देखिए। |
| भौतिक सत्यापन तक रोक | पोर्टल के नोट के अनुसार संदिग्ध बहिष्करण मामलों में लाभ भौतिक सत्यापन होने तक रोका जाता है, जैसे 1 फरवरी 2019 के बाद ली गई जमीन, या परिवार के एक से अधिक सदस्यों को लाभ (पति और पत्नी, या वयस्क और नाबालिग)। | Know Your Status में ब्योरा देखिए और अपने जमीन के कागज़ लेकर ब्लॉक या जिला नोडल अधिकारी से मिलिए। | |
| पात्र नहीं | संस्थागत भूमिधारक, पिछले निर्धारण वर्ष में आयकर देने वाले, सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी और कुछ अन्य वर्ग योजना से बाहर हैं। | अगर आप बाहर वाले वर्ग में हैं तो भुगतान नहीं आएगा। अगर गलती से ऐसा दिख रहा है तो शिकायत कीजिए। | |
| पंजीकरण मंजूर नहीं हुआ | भुगतान से पहले राज्य को पात्रता सत्यापित करके आपका ब्योरा अपलोड करना होता है, फिर आधार और बैंक की जांच होती है। | पंजीकरण की स्थिति देखिए; {{/articles/pm-kisan-new-farmer-registration/ | नए किसान का पंजीकरण}} पढ़िए। |
| पैसा आया दिखता है पर खाते में नहीं दिखता | स्टेटस में UTR नंबर और जमा की तारीख दिखती है, पर आपका बैलेंस नहीं बदला। | UTR नंबर लेकर बैंक जाइए। देखिए कि खाता चालू है। |
योजना में परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं, और एक परिवार को सालाना एक ही ₹6,000 मिलता है (₹2,000 की तीन किस्तों में)। अगर एक ही घर के दो वयस्क दोनों पंजीकृत हैं, तो एक की किस्त रोकी जा सकती है।
क्या छूटी हुई किस्तें मिलेंगी?
पीआईबी ने कहा है कि जिन किसानों ने अनिवार्य शर्तें (भूमि सीडिंग, आधार आधारित भुगतान और e-KYC) पूरी नहीं कीं, उनका लाभ रोका गया था, और जैसे ही वे शर्तें पूरी करते हैं उन्हें बकाया किस्तों के साथ लाभ मिलता है। इसलिए ज़रूरी है कि बाकी काम पूरा करें, दोबारा पंजीकरण न कराएं।
सब कुछ पूरा है फिर भी पैसा नहीं आया
- Farmers Corner के अंतर्गत Helpdesk - Query Form (हेल्पडेस्क क्वेरी फॉर्म) इस्तेमाल कीजिए। पीआईबी के अनुसार शिकायत संबंधित नोडल अधिकारी तक पहुंचती है।
- ब्लॉक या जिला कृषि अधिकारी से मिलिए (राज्य ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करते हैं)।
- 155261 पर फोन कीजिए, जो पीआईबी के अनुसार लाभार्थी स्थिति जानने की 24x7 IVRS लाइन है।
शिकायत के सभी रास्ते और क्या तैयार रखना है, यह पीएम किसान हेल्पलाइन और शिकायत में है। योजना के नियम और पात्रता पीएम किसान योजना पेज पर हैं।
फर्जी लिंक और OTP ठगी से सावधान
- सिर्फ pmkisan.gov.in (खुद टाइप करके) और प्ले स्टोर से आधिकारिक पीएम-किसान ऐप इस्तेमाल कीजिए। व्हाट्सऐप पर आई ऐसी APK फाइल इंस्टॉल न करें जो किस्त "जारी" करने या "लाभार्थी सूची" दिखाने का दावा करे।
- जो भी किस्त के बारे में फोन करे, उसे अपना OTP, बैंक PIN या कार्ड की जानकारी कभी न बताएं। अधिकारियों को इनकी ज़रूरत नहीं होती।
- फीस देकर किस्त जल्दी नहीं करवाई जा सकती।
स्रोत
- PIB, 23rd Instalment of PM-KISAN (20 June 2026)
- PIB, Cabinet approves continuation of PM-KISAN 2026-27 to 2030-31 (31 July 2026)
- PIB, Beneficiaries under PM-KISAN (land seeding, Aadhaar based payment and e-KYC mandatory)
- PM-KISAN portal, home page and Farmers Corner menu (archived copy of 7 June 2026)
- PM-KISAN portal, Know Your Status page (archived copy of 18 June 2026)
- PIB, PM-KISAN Scheme (grievance routes and 24x7 IVRS helpline 155261, 14 March 2023)