अपने बैंक खाते को DBT के लिए आधार से जोड़ने के लिए उस शाखा में जाइए जहां आपका खाता है (या डाकघर में, अगर खाता इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में है) और बैंक का मैंडेट और सहमति फॉर्म (mandate and consent form) जमा कीजिए। इसके बाद बैंक खाते को NPCI मैपर से सीड करता है, जिससे वह DBT-सक्षम खाता बनता है। पीएम-किसान केवल ऐसे आधार-सीडेड खाते में ही पैसा भेजता है।
योजना सालाना ₹6,000, यानी ₹2,000 की तीन किस्तें, आधार-सीडेड बैंक खातों में भेजती है, जैसा कि पीआईबी के 20 जून 2026 के 23वीं किस्त वाले नोट में लिखा है। 23वीं सबसे ताज़ा जारी किस्त है; इसके बाद की कोई घोषित नहीं हुई, इसलिए यह लेख कोई तारीख नहीं देता।
आधार से "जुड़ा" और आधार से "सीड": फर्क क्यों मायने रखता है
बैंक को अपना आधार नंबर पता होना, या पासबुक पर होना काफी नहीं है। DBT भुगतान NPCI के ज़रिए एक मैपर से जाते हैं जिसमें आपका आधार नंबर एक बैंक के सामने दर्ज होता है। DBT सिर्फ उसी खाते में आता है जो इस मैपर से सीड है। UIDAI के अनुसार आप DBT केवल एक खाते में पा सकते हैं, वही जो आप मैंडेट और सहमति फॉर्म में बताते हैं।
इसके दो व्यावहारिक नतीजे हैं:
- अगर आपके कई खाते हैं, तो एक चुनिए और अपनी पीएम-किसान एंट्री में वही इस्तेमाल कीजिए।
- अगर आप बाद में कहीं और खाता खोलकर उसे सीड करवाते हैं, तो DBT नए बताए गए खाते में जाएगा, पुराने में नहीं।
कदम दर कदम
- पहले जांचिए। UIDAI के अनुसार आप अपनी बैंक सीडिंग की स्थिति myaadhaar.uidai.gov.in पर देख सकते हैं; आंकड़े NPCI से आते हैं। NPCI की अपनी वेबसाइट पर भी सीडिंग स्टेटस का पन्ना है। UIDAI बताता है कि NPCI के आंकड़ों के सही होने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है, इसलिए नतीजा गलत लगे तो बैंक से पूछिए।
- शाखा में ले जाइए: अपना आधार कार्ड (या e-Aadhaar) और पासबुक। इसके अलावा कौन से दस्तावेज चाहिए यह बैंक तय करता है, इसलिए काउंटर पर पूछ लीजिए।
- DBT के लिए आधार सीडिंग का मैंडेट और सहमति फॉर्म मांगिए, भरिए और दस्तखत कीजिए। सीडिंग के लिए आपकी जानकारी वाली सहमति ज़रूरी है।
- पावती लीजिए और पूछिए कि कब तक दिखेगा। NPCI मैपिंग बैंक करता है; लगने वाला समय तय नहीं है।
- स्टेटस दोबारा जांचिए और फिर अपना पीएम-किसान रिकॉर्ड देखिए, जैसा पीएम किसान लाभार्थी स्थिति में बताया है।
पीएम-किसान में खाता बदलना
आपकी पीएम-किसान एंट्री का बैंक नंबर वही होना चाहिए जो सीड है। अगर पोर्टल पर नंबर या IFSC गलत है, तो खुद पंजीकरण करने वाले किसानों के लिए Farmers Corner में Edit / Update Self Registration (स्व-पंजीकरण में बदलाव) है; बाकी के लिए ब्लॉक नोडल अधिकारी इसे सुधारता है। पहले बैंक सीडिंग कीजिए, फिर पोर्टल ठीक कीजिए। पीआईबी बताता है कि भुगतान जाने से पहले PFMS और NPCI के ज़रिए बैंक खातों की जांच होती है, इसलिए बेमेल होने पर पैसा रुक जाता है।
अगर बैंक खाता नहीं है, या शाखा दूर है
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक गांवों में डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों के ज़रिए काम करता है। उसकी "Aapka Bank, Aapke Dwar" (आपका बैंक, आपके द्वार) सेवाओं पर पीआईबी की एक विज्ञप्ति में DBT को घर पर दी जाने वाली सेवाओं में गिना गया है। अपने डाकघर से पूछिए कि आपके क्षेत्र में IPPB खाता खुलवाकर DBT के लिए सीड कराया जा सकता है या नहीं; जांचे गए आधिकारिक पन्नों पर कोई तय प्रक्रिया प्रकाशित नहीं है, इसलिए डाकघर में पुष्टि कीजिए।
सीडिंग के बाद
बैंक सीडिंग तीन शर्तों में से एक है। आपको e-KYC (e-KYC ऑनलाइन) और सीड हुआ भूमि रिकॉर्ड (भूमि सीडिंग) भी चाहिए। पक्का नहीं कि क्या बाकी है, तो किस्त नहीं आई पढ़िए। योजना का ब्योरा पीएम किसान पेज पर है और कर्ज के लिए किसान क्रेडिट कार्ड देखिए।
फर्जी लिंक और OTP ठगी
- सीडिंग बैंक या डाकघर में दस्तखत किए फॉर्म पर होती है। जो फोन, व्हाट्सऐप लिंक या APK से "आधार लिंक" करने की बात करे, वह बैंक नहीं है।
- फोन करने वाले को, भले ही वह पीएम-किसान का नाम ले, अपना OTP, UPI PIN, ATM PIN या कार्ड की जानकारी कभी न बताएं।
- सीडिंग के लिए बिचौलिए को पैसे न दें।
स्रोत
- UIDAI, Direct Benefit Transfer (DBT) FAQs
- PIB, 23rd Instalment of PM-KISAN (20 June 2026)
- PM-KISAN portal, home page and Farmers Corner menu (archived copy of 7 June 2026)
- PIB, India Post Payments Bank services at the doorstep through postmen (Aapka Bank, Aapke Dwar)
- PIB, PM-KISAN Scheme (grievance routes and 24x7 IVRS helpline 155261, 14 March 2023)