आप अपनी पीएम-किसान लाभार्थी स्थिति आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर अपने पंजीकरण नंबर या पोर्टल के मांगे दूसरे ब्योरे से देख सकते हैं, या 24x7 IVRS हेल्पलाइन 155261 पर फोन करके जान सकते हैं। स्टेटस बताता है कि आप पंजीकृत हैं या नहीं, किस्तें मिलीं या नहीं, और अगर नहीं मिलीं तो क्या बाकी है: आमतौर पर e-KYC, आधार-बैंक सीडिंग या भूमि सीडिंग।
मंत्रालय के अपने विवरण के अनुसार लाभ उन किसानों को मिलता है जिनके भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर सीड हैं, जिनका बैंक खाता आधार से जुड़ा है और जिन्होंने e-KYC पूरी कर ली है। "मेरा पैसा नहीं आया" वाले लगभग हर मामले में इन्हीं तीन में से कोई एक बात होती है।
योजना की स्थिति (2 अक्टूबर 2026 तक)
- 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई: 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों को करीब ₹18,880 करोड़ (पीआईबी, 20 जून 2026)। बाद के एक कैबिनेट नोट (31 जुलाई 2026) में 23वीं किस्त का आंकड़ा 9.49 करोड़ से ज्यादा किसान और ₹18,984 करोड़ से ज्यादा बताया गया है, यानी जारी होने के बाद कुल आंकड़े अपडेट हुए।
- 31 जुलाई 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने ₹3.15 लाख करोड़ के खर्च के साथ पीएम-किसान को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी। लाभ अब भी साल में ₹6,000 है, ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में।
- अगर आपकी 23वीं किस्त छूट गई, तो कारण जानने के लिए सबसे पहले स्टेटस पेज देखिए।
जांचने के तरीके
1. पोर्टल पर
- अपने ब्राउज़र में pmkisan.gov.in खोलिए (खुद टाइप कीजिए; संदेशों में आए लिंक न खोलें)।
- Farmers Corner में जाकर लाभार्थी स्थिति का विकल्प खोलिए।
- जो ब्योरा मांगा जाए (पंजीकरण नंबर या पन्ने पर दिए दूसरे पहचान विकल्प) और कैप्चा डालिए।
- हर किस्त की पंक्ति पढ़िए। भुगतान की स्थिति और e-KYC, आधार या जमीन के बारे में कोई टिप्पणी हो तो देखिए।
अगर आपको अपना पंजीकरण नंबर याद नहीं है, तो CSC या ब्लॉक कृषि कार्यालय से अपना रिकॉर्ड खोजने को कहिए।
2. फोन से
मंत्रालय ने 155261 को 24x7 IVRS आधारित हेल्पलाइन बताया है, जिससे किसान लाभार्थी स्थिति जान सकते हैं। किसी आधिकारिक पन्ने पर कोई और नंबर नहीं दिखता, इसलिए यहां कोई और नहीं दिया गया। अगर WhatsApp पर कोई नंबर आए, तो उसे असत्यापित मानिए।
3. Kisan e-Mitra और Help Desk
Kisan e-Mitra सरकार का AI चैटबॉट है, जो सितंबर 2023 में शुरू हुआ (EkStep Foundation और BHASHINI की मदद से) और भुगतान, पंजीकरण और पात्रता के सवालों के जवाब कई भारतीय भाषाओं में देता है। Farmers Corner के नीचे Help Desk शिकायत सीधे आपके राज्य के नोडल अधिकारी तक पहुंचाता है।
4. ऑफलाइन
कॉमन सर्विस सेंटर और ब्लॉक या तहसील के कृषि कार्यालय आपका रिकॉर्ड खोज सकते हैं। मंत्रालय के अनुसार ये उन किसानों के लिए हैं जिनके पास मोबाइल फोन नहीं है।
आम स्टेटस का मतलब और क्या करें
| जो दिखे | संभावित मतलब | क्या करें |
|---|---|---|
| Not found / not registered | आपने जो ब्योरा डाला उस पर कोई आवेदन दर्ज नहीं है, या कोई दूसरा पहचान विकल्प इस्तेमाल हुआ | किसी दूसरे पहचान विकल्प से दोबारा देखिए; फिर भी न मिले तो पंजीकरण कीजिए (नीचे फार्मर आईडी की बात देखिए) |
| e-KYC pending | पहचान की पुष्टि होने तक भुगतान रुका है | OTP, ऐप के चेहरे के स्कैन या CSC से कीजिए: पीएम किसान e-KYC गाइड |
| Land seeding / land record issue | राज्य ने आपका भूमि रिकॉर्ड सत्यापित या अपलोड नहीं किया है | अपने रिकॉर्ड के साथ ब्लॉक कृषि या राजस्व कार्यालय में मिलिए |
| Bank / Aadhaar mismatch | खाता आधार से सीड नहीं है, बंद है, या नाम अलग है | अपने बैंक जाइए; जिस रिकॉर्ड में नाम गलत है उसे ठीक कराइए |
| भुगतान "processed" दिखता है पर पैसा नहीं आया | निर्देश भेजा जा चुका है पर जमा अभी नहीं दिखा, या खाता निष्क्रिय है | पासबुक और SMS देखिए; कुछ कामकाजी दिनों बाद भी न दिखे तो पहले बैंक से, फिर Help Desk से पूछिए |
लाइव पेज की भाषा इस तालिका से अलग हो सकती है। तालिका को सिर्फ समस्या की किस्म समझने का सहारा मानिए; पोर्टल का अपना संदेश ही मान्य है।
सूची में नाम न हो तो पंजीकरण
नए किसान वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप से, या CSC पर, या राज्य के अधिकारियों के साथ खुद पंजीकरण कर सकते हैं। 10 मार्च 2026 के लोकसभा जवाब में कहा गया कि फार्मर आईडी सिर्फ उन 19 राज्यों में नए पंजीकरण के लिए अनिवार्य है जहां किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है; बाकी जगह उसके बिना भी पंजीकरण हो सकता है। मौजूदा लाभार्थियों को नई फार्मर आईडी चाहिए, ऐसा नहीं बताया गया। उसी जवाब में कहा गया है कि जिन किसानों के नाम या जमीन का ब्योरा दस्तावेजों में मेल नहीं खाता, उनके लिए शिकायत का रास्ता है।
पात्रता खेती लायक जमीन पर आधारित है, और ऊंची आर्थिक हैसियत वाले बाहर रखे गए हैं। 18 मार्च 2025 के पीआईबी जवाब में अपात्र श्रेणियों के उदाहरण के तौर पर आयकर दाता, सार्वजनिक उपक्रमों और केंद्र व राज्य सरकारों के कर्मचारी, और संवैधानिक पदों पर बैठे लोग गिनाए गए हैं, और कहा गया है कि अपात्र लाभार्थियों को दिया गया पैसा राज्यों को वसूलना होगा। पूरे नियम: पीएम-किसान योजना पेज।
सुरक्षित रहिए
- स्टेटस सिर्फ pmkisan.gov.in पर, Play Store के आधिकारिक ऐप में, या 155261 से देखिए। संदेश में आए लिंक या पैसे मांगने वाली "स्टेटस जांच" वेबसाइटें इस्तेमाल न करें।
- असली स्टेटस जांच में आपका OTP, बैंक PIN या कार्ड का ब्योरा नहीं लगता। जो कॉल करने वाला कहे कि आपकी किस्त अटकी है, उसे OTP कभी न बताइए।
- किस्त "छुड़वाने" या "मंजूर कराने" के लिए कोई भी कानूनी रूप से आपसे पैसे नहीं ले सकता।
- अगली किस्त की तारीख के लिए देखिए पीएम किसान 24वीं किस्त।
स्रोत
- PIB: 23rd Instalment of PM-KISAN (20 June 2026)
- PIB: Cabinet approves continuation of PM-KISAN 2026-27 to 2030-31 (31 July 2026)
- PIB: Over ₹4.09 lakh crore disbursed under PM-KISAN (10 March 2026)
- PIB: PM-KISAN Scheme (helpline 155261, Help Desk, Farmers Corner)
- PIB: Ineligible beneficiaries receiving funds under PM-KISAN (18 March 2025)