पीएम-किसान e-KYC तीन तरीकों से हो सकता है: पोर्टल पर OTP से, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर उंगली के निशान (बायोमेट्रिक) से, या पीएम-किसान मोबाइल ऐप में चेहरे के स्कैन से। सरकार ने योजना के बारे में खुद यही तीन तरीके बताए हैं, और कहा है कि लाभ उन किसानों को मिलता है जिनके भूमि रिकॉर्ड पीएम-किसान पोर्टल पर सीड हैं, जिनका बैंक खाता आधार से जुड़ा है और जिन्होंने e-KYC पूरी कर ली है।
"5 मिनट" वाली बात तभी सही बैठती है जब आपके आधार का मोबाइल नंबर चालू हो और आपका ब्योरा पहले से सही हो। नीचे बताया गया है कि हर तरीका कैसे काम करता है, किसे कौन सा चुनना चाहिए और e-KYC न हो तो क्या जांचना चाहिए। जो बात किसी आधिकारिक पन्ने पर पक्की नहीं हो सकी, उस पर वैसा निशान लगाया गया है।
क्या e-KYC जरूरी है?
हां। अपात्र लाभार्थियों पर दिए गए एक जवाब (पीआईबी, 18 मार्च 2025) में मंत्रालय ने कहा कि भूमि सीडिंग, आधार आधारित भुगतान और e-KYC को 12वीं से 15वीं किस्त के बीच धीरे-धीरे अनिवार्य किया गया, और जिन किसानों ने ये पूरे नहीं किए उनका लाभ रोक दिया गया। उसी जवाब में लिखा है कि जब ऐसा किसान ये शर्तें पूरी कर लेता है, तो उसे बकाया राशि के साथ योजना का लाभ मिलता है। यानी e-KYC बाकी होने से आपका नाम नहीं कटता; e-KYC होने तक आपका पैसा रुका रहता है।
तीनों शर्तें अलग-अलग हैं, और तीनों पूरी होनी चाहिए:
- भूमि सीडिंग: आपका भूमि रिकॉर्ड राज्य सत्यापित करता है और पीएम-किसान पोर्टल पर अपलोड करता है। इसे आप पोर्टल पर खुद ठीक नहीं कर सकते; इसके लिए आपके राज्य का राजस्व या कृषि कार्यालय चाहिए।
- आधार से जुड़ा बैंक खाता: भुगतान डीबीटी से उस खाते में जाता है जो आधार से जुड़ा हो। बैंक से पूछ लीजिए कि आपका आधार लाभ पाने के लिए सीड है या नहीं।
- e-KYC: लाभार्थी की पहचान की पुष्टि, जो इस लेख का विषय है।
तरीका 1: पोर्टल पर OTP से e-KYC
- अपने फोन या कंप्यूटर पर pmkisan.gov.in खोलिए। देख लीजिए कि पता ठीक यही है और .gov.in पर खत्म होता है।
- Farmers Corner के नीचे e-KYC का विकल्प ढूंढिए। पोर्टल के मेनू के नाम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए जगह पर भरोसा न करके वहां "e-KYC" देखिए।
- अपना आधार नंबर और कैप्चा डालकर खोजिए।
- OTP आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आता है (जरूरी नहीं कि वही नंबर हो जो आपने पीएम-किसान में दिया था)। उसे डालकर पूरा कीजिए।
यह तभी चलता है जब आपके आधार में चालू मोबाइल नंबर हो। अगर वह सिम अब आपके पास नहीं है, तो OTP नहीं पहुंचेगा; तरीका 2 या 3 अपनाइए, या पहले आधार में मोबाइल नंबर बदलवाइए।
तरीका 2: पीएम-किसान ऐप में चेहरे से पहचान
पीएम-किसान मोबाइल ऐप में जून 2023 से चेहरे की पहचान वाली e-KYC उपलब्ध है (पीआईबी, राज्यसभा का जवाब, 11 अगस्त 2023)। मंत्रालय इसे e-KYC करने का ऐसा तरीका बताता है जिसमें "न OTP चाहिए, न उंगली का निशान", इसलिए जिस किसान के आधार में चालू मोबाइल नंबर नहीं है वह भी इसे कर सकता है, और किसी को CSC तक जाना नहीं पड़ता।
- ऐप सिर्फ Google Play की आधिकारिक लिस्टिंग से इंस्टॉल कीजिए (मंत्रालय के अनुसार यह NIC के e-Gov मोबाइल ऐप खाते से प्रकाशित होता है)। WhatsApp या SMS के लिंक या APK फाइल से ऐप इंस्टॉल न करें।
- चेहरा स्कैन होने से पहले आपको डिजिटल सहमति देनी होगी।
- 2023 के जवाब के अनुसार एक किसान ऐप से आसपास के 100 और किसानों की मदद कर सकता है, और अधिकृत राज्य अधिकारी अपने पंजीकृत मोबाइल नंबरों से 500 किसानों तक की e-KYC कर सकते हैं। इसलिए आप गांव के नोडल अधिकारी या किसी जानकार पड़ोसी से मदद मांग सकते हैं।
- अच्छी रोशनी, स्थिर फोन और चालू फ्रंट कैमरा जरूरी हैं। अगर स्कैन बार-बार फेल हो, तो दिन भर कोशिश करने के बजाय तरीका 3 अपनाइए।
तरीका 3: CSC पर बायोमेट्रिक
पीएम-किसान पंजीकरण और अनिवार्य शर्तों में मदद के लिए पांच लाख से ज्यादा CSC जोड़े गए हैं (पीआईबी, मार्च 2025)। अपना आधार ले जाइए और ऑपरेटर को बताइए कि पीएम-किसान e-KYC करानी है; आपकी उंगली का निशान आधार से मिलाया जाता है। जब OTP और चेहरे का स्कैन दोनों न चलें, या जब आपके पास स्मार्टफोन न हो, तब यही सहारा है। पूछ लीजिए कि CSC कितनी फीस ले रहा है; "किस्त छुड़वाने" के नाम पर किसी को पैसे न दें।
कौन सा तरीका चुनें?
| आपकी स्थिति | सबसे अच्छा तरीका |
|---|---|
| आधार में चालू मोबाइल नंबर है | पोर्टल पर OTP |
| आधार का मोबाइल खो गया या जुड़ा नहीं है, स्मार्टफोन है | ऐप में चेहरे से पहचान |
| स्मार्टफोन नहीं है, या चेहरे का स्कैन बार-बार फेल होता है | CSC पर बायोमेट्रिक |
| बुजुर्ग किसान जो फोन नहीं चला पाते | CSC, या गांव का नोडल अधिकारी |
अगर e-KYC न हो
- आधार और पीएम-किसान रिकॉर्ड में नाम या जन्मतिथि अलग है। पहले गलत रिकॉर्ड ठीक कीजिए। मार्च 2026 के लोकसभा जवाब में मंत्रालय ने माना कि दस्तावेजों में नाम का मेल न होना कुछ किसानों को रोकता है, और कहा कि जमीन या नाम के मेल न खाने के लिए शिकायत की व्यवस्था है।
- आधार खाते से जुड़ा नहीं है। e-KYC बैंक सीडिंग की जगह नहीं ले सकती; अपने बैंक जाइए।
- भूमि रिकॉर्ड सीड नहीं है या किसी रिश्तेदार के नाम है। ब्लॉक कृषि कार्यालय या तहसील से मिलिए; देखिए पीएम-किसान योजना की जानकारी।
- कारण समझ न आए। पोर्टल पर Farmers Corner के नीचे Help Desk इस्तेमाल कीजिए, या IVRS हेल्पलाइन 155261 पर पूछिए, जिसे मंत्रालय ने लाभार्थी स्थिति जांचने की 24x7 हेल्पलाइन बताया है।
फार्मर आईडी का क्या?
फार्मर आईडी (एग्रीस्टैक के तहत राज्य की किसान रजिस्ट्री से मिलने वाली) नए पंजीकरण के लिए जरूरी है, मौजूदा लाभार्थी की e-KYC के लिए नहीं। 10 मार्च 2026 के लोकसभा जवाब में कहा गया कि फार्मर आईडी सिर्फ उन 19 राज्यों में नए पीएम-किसान पंजीकरण के लिए अनिवार्य है जहां किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है; दूसरे राज्यों में किसान उसके बिना भी पंजीकरण करा सकता है। उसमें यह नहीं लिखा कि मौजूदा लाभार्थियों को भुगतान जारी रखने के लिए आईडी बनवानी होगी। अपने राज्य के कृषि कार्यालय से पूछिए कि आपका राज्य उस सूची में है या नहीं।
ठगी से बचिए: आधार और OTP की रक्षा
- अपना OTP किसी कॉल करने वाले को कभी न बताइए, चाहे वह खुद को "पीएम-किसान", बैंक या CSC का बताए। OTP सिर्फ आपके लिए है।
- WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया पर आए ऐसे लिंक न खोलें और ऐसे ऐप (APK फाइल) इंस्टॉल न करें जो "किस्त की स्थिति", "KYC अपडेट" या "मुफ्त पैसे" का वादा करें। सिर्फ अपने ब्राउज़र में टाइप किया pmkisan.gov.in और Play Store का ऐप इस्तेमाल कीजिए।
- किसी भी e-KYC में बैंक PIN, कार्ड नंबर या CVV देने की जरूरत नहीं पड़ती। इन्हें मांगना ठगी की निशानी है।
- योजना का पैसा आपको भेजा जाता है; किस्त पाने के लिए आपको किसी को पैसे देने की जरूरत नहीं।
- अगर आप ठगे गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक को बताइए और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कीजिए।