जब land seeding में "No" दिखता है, तो इसका मतलब है कि पीएम-किसान पोर्टल पर आपकी एंट्री से अभी कोई सत्यापित भूमि रिकॉर्ड नहीं जुड़ा है, और जब तक यह ठीक नहीं होता किस्त रुकी रह सकती है। सुधार राज्य के ज़रिए होता है: आप अपने जमीन के कागज़ लेकर ब्लॉक या जिला नोडल अधिकारी के पास जाते हैं, या पोर्टल के Help Desk पर समस्या दर्ज करते हैं।
भूमि सीडिंग वैकल्पिक नहीं है। पीआईबी के अनुसार भूमि सीडिंग को आधार आधारित भुगतान और e-KYC के साथ अनिवार्य किया गया, और जिन किसानों ने ये पूरे नहीं किए उनका लाभ रोक दिया गया। सबसे ताज़ा किस्त 23वीं है, जो 20 जून 2026 को जारी हुई; इसके बाद की कोई किस्त घोषित नहीं हुई है और यह लेख कोई तारीख नहीं देता।
भूमि सीडिंग का मतलब
पीएम-किसान भूमिधारक किसान परिवारों को पैसा देता है। राज्य सरकार पात्र परिवारों की पहचान करती है, उन्हें सत्यापित करती है और ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करती है। भूमि रिकॉर्ड को "सीड" करने का मतलब है कि राज्य के भूमि रिकॉर्ड से लिया गया आपकी जमीन का ब्योरा मिलाकर आपकी पीएम-किसान एंट्री से जोड़ा जाता है। पीआईबी के अनुसार लाभ तब मिलता है जब भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर सीड हों, साथ ही आधार से जुड़ा बैंक खाता और e-KYC भी हो।
यह e-KYC से अलग है, जो आपकी पहचान की पुष्टि करती है (e-KYC के कदम), और बैंक सीडिंग से भी अलग है (आधार बैंक सीडिंग)। कोई किसान इन दोनों में पूरा होकर भी जमीन की वजह से रुक सकता है।
स्टेटस की स्क्रीन पोर्टल पर Farmers Corner > Know Your Status में है; देखिए पीएम किसान लाभार्थी स्थिति। स्क्रीन पर जमीन वाली पंक्ति के शब्द अलग हो सकते हैं, इसलिए जमीन के आगे जो लिखा है उसे पढ़िए और पूरा हुआ न दिखे तो उसे बाकी मानिए।
जमीन सीड न होने के आम कारण
| स्थिति | सीडिंग क्यों रुकती है | कहां जाएं |
|---|---|---|
| जमीन अब भी दिवंगत माता-पिता या दादा के नाम है | रिकॉर्ड में दूसरा मालिक दिखता है, इसलिए वह आपसे नहीं मिलता। | नामांतरण (mutation) के लिए तहसील या राजस्व कार्यालय; फिर नोडल अधिकारी को बताइए। |
| आधार, बैंक और भूमि रिकॉर्ड में नाम या वर्तनी अलग है | पोर्टल एंट्रियों को मिला नहीं पाता। पीआईबी मानता है कि दस्तावेजों में नाम का मेल न होना एक जानी-मानी कठिनाई है। | नीचे बताए शिकायत के रास्ते से उठाइए। |
| 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी या मिली जमीन | पोर्टल के नोट के अनुसार ऐसे मामले उन में हैं जिनमें भौतिक सत्यापन तक लाभ रोका जाता है। | नोडल अधिकारी से पूछिए कि आपके मामले में क्या होता है; बिक्री या हस्तांतरण के कागज़ साथ रखिए। |
| संयुक्त या साझा रिकॉर्ड | एक रिकॉर्ड पर कई मालिक हैं; परिवार के एक से अधिक सदस्य लाभ ले रहे हो सकते हैं। | नोडल अधिकारी तय करता है कि परिवार का लाभार्थी कौन होगा। |
| आपके राज्य ने रिकॉर्ड अपलोड या सत्यापित नहीं किया | सत्यापन और अपलोड राज्य का काम है। | ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय। |
जांचे गए आधिकारिक पन्नों में यह साफ नहीं लिखा कि विरासत में मिली जमीन या नई खरीद के साथ क्या होता है; नियम राज्य लागू करता है। यह मत मान लीजिए कि आप अपात्र हैं; नोडल अधिकारी से लिखित में पूछिए।
इसे सुधरवाने का तरीका
- कागज़ इकट्ठा कीजिए: आपके राज्य का भूमि रिकॉर्ड (तहसील या पटवारी कार्यालय से मिला उद्धरण), आधार, बैंक पासबुक और आपका पीएम-किसान पंजीकरण नंबर।
- ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय जाइए और पीएम-किसान नोडल अधिकारी के बारे में पूछिए। पीआईबी के अनुसार राज्य ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करते हैं, और जिला कृषि अधिकारी या कलेक्टर आमतौर पर ऐसी शिकायतें देखते हैं। पोर्टल पर Farmers Corner में Search your Point of Contact (POC) (अपना संपर्क अधिकारी खोजें) आपका संपर्क खोजने में मदद के लिए है।
- पोर्टल पर दर्ज कीजिए: Farmers Corner में Helpdesk - Query Form इस्तेमाल कीजिए। पीआईबी के अनुसार शिकायत सीधे संबंधित नोडल अधिकारी के पास जाती है। अपना पंजीकरण नंबर और ठीक-ठीक समस्या लिखिए।
- कहा जाए तो ब्योरा अपडेट कीजिए: Farmers Corner में Update Missing Information (छूटी जानकारी भरें) और Edit / Update Self Registration (स्व-पंजीकरण में बदलाव) भी हैं। इन्हें तभी इस्तेमाल कीजिए जब आपका नोडल अधिकारी या स्क्रीन किसी छूटी या गलत चीज़ को मांगे।
- स्टेटस दोबारा देखिए जब अधिकारी सुधार की पुष्टि कर दे। राज्य को पोर्टल पर बदलाव सत्यापित और मंजूर करना होता है; कोई समय-सीमा नहीं बताई गई है, इसलिए पावती संभालकर रखिए।
फार्मर आईडी और किसान रजिस्ट्री
पीआईबी (10 मार्च 2026) के अनुसार फार्मर आईडी (Farmer ID) सिर्फ उन 19 राज्यों में नए पंजीकरण के लिए अनिवार्य है जहां किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है, और जमीन या नाम के मेल न खाने के लिए शिकायत का रास्ता है ताकि किसान फिर भी पंजीकृत हो सके। अगर आप पहले से लाभार्थी हैं, तो उपाय ऊपर बताया सुधार है। आईडी के लिए किसान रजिस्ट्री पेज देखिए। योजना की बुनियादी जानकारी पीएम किसान पेज पर है।
फर्जी मददगार और OTP ठगी
- कोई भी फोन या ऐप से आपकी जमीन "सीड" नहीं कर सकता। ऐसी APK फाइल न इंस्टॉल करें और ऐसे लिंक न खोलें जो भूमि सीडिंग ठीक करने का वादा करें।
- पीएम-किसान से होने का दावा करने वाले किसी को भी OTP, बैंक PIN या कार्ड की जानकारी न दें। सिर्फ अपने ब्राउज़र में टाइप किया pmkisan.gov.in और आधिकारिक ऐप इस्तेमाल कीजिए।
- भूमि रिकॉर्ड जुड़वाने के लिए किसी को पैसे न दें।
स्रोत
- PIB, Beneficiaries under PM-KISAN (land seeding, Aadhaar based payment and e-KYC mandatory)
- PIB, 23rd Instalment of PM-KISAN (20 June 2026)
- PIB, Over 4.09 Lakh Crore Disbursed under PM-KISAN through 21 Installments (10 March 2026)
- PM-KISAN portal, home page and Farmers Corner menu (archived copy of 7 June 2026)
- PIB, PM-KISAN Scheme (grievance routes and 24x7 IVRS helpline 155261, 14 March 2023)