स्वीट बेसिल भारत में लगभग हर गर्म और पाला मुक्त जगह पर, मैदानों से लेकर करीब 900 मीटर तक, आसानी से उग जाती है, इसलिए फसल उगाना कठिन नहीं है। असली सवाल खरीदार का है: ताजी पाक कला वाली बेसिल केवल बड़े शहरों के पास शेफ, क्लाउड किचन, होटल और प्रीमियम दुकानों को बिकती है, बाजार छोटा और जल्दी खराब होने वाला है, इसलिए खरीदार से भाव और आपूर्ति का कार्यक्रम तय होने के बाद ही लगाएं।
Ocimum basilicum पर भारत में ज्यादातर शोध हरी बायोमास और सुगंधित तेल पर हुआ है, ताजे पाक कला गुच्छों पर नहीं, इसलिए नीचे की उपज के आंकड़े तेल या सूखी जड़ी-बूटी वाली फसल के हैं। शेफ बाजार के लिए ताजी पत्ती की उपज और भाव का कोई प्रकाशित भारतीय परीक्षण आंकड़ा नहीं है; स्थानीय KVK और आपका अपना खरीदार बेहतर मार्गदर्शक हैं। यह गाइड Ocimum basilicum के लिए है; पवित्र तुलसी के लिए तुलसी और बीज की फसल के लिए सब्जा बीज देखें।
जलवायु और मिट्टी
- जलवायु: लंबे दिन और गर्म तापमान बढ़वार और तेल उत्पादन के लिए अनुकूल हैं; फसल सूखे और पाले को कुछ हद तक सह लेती है और करीब 900 मीटर तक उगती है। आंशिक छाया में तेल की मात्रा घटती है।
- मिट्टी: उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली दोमट सबसे अच्छी; खराब लेटराइट और लवणीय से मध्यम अम्लीय मिट्टी में भी चलती है। जलभराव से जड़ सड़न और बौनापन होता है।
- शोध कहां हुआ: परीक्षण मंदसौर (मध्य प्रदेश), बेंगलुरु (IIHR) और असम के गोआलपारा, कोकराझार और धुबरी (CSIR-CIMAP) से रिपोर्ट हुए हैं। तेल वाली स्वीट बेसिल उत्तर भारत के मैदानों में मेंथा या मक्का के बाद व्यापक रूप से उगाई जाती है। संरक्षित खेती के लिए देखें पॉलीहाउस सब्सिडी।
किस्में
| किस्म | स्रोत | विशेषता |
|---|---|---|
| CIM-Saumya, CIM-Snigdha, CIM-Surabhi | CSIR-CIMAP, लखनऊ | तेल वाली किस्में, अलग रसायन संरचना; असम में CIM-Saumya से औसतन 25 से 27 टन/हेक्टेयर जड़ी-बूटी और 100 से 110 किलो/हेक्टेयर तेल मिला |
| Vikarsudha | CSIR-CIMAP की संदर्भ किस्म | CIMAP के मूल्यांकन परीक्षणों में तुलना किस्म के रूप में प्रयुक्त |
ऊपर की किस्में तेल के लिए बनी हैं, शेफ को चाहिए वैसे बड़े कोमल पत्तों के लिए नहीं, और ICAR की कोई जारी पाक किस्म नहीं मिली। शेफ के लिए उगाएं तो भरोसेमंद बीज विक्रेता से बड़ी पत्ती वाला पाक बीज लें और पहले छोटी क्यारी में पत्ती का आकार, सुगंध और उपज जांच लें।
नर्सरी, दूरी और रोपाई
- बीज दर: एक हेक्टेयर की पौध के लिए 200 से 300 ग्राम बीज (80 से 120 ग्राम प्रति एकड़)। रेत में मिलाकर 2 सेमी गहराई पर ऊंची क्यारी में बोएं; अंकुरण में 8 से 12 दिन लगते हैं।
- रोपाई: छह सप्ताह की, 4 से 5 पत्ती वाली पौध। रोपाई से 15 से 20 दिन पहले 2% यूरिया छिड़कने से पौध मजबूत होती है।
- दूरी: 40 x 40 सेमी, 40 x 50 सेमी या 50 x 30 सेमी, यानी करीब 20,000 से 25,000 पौधे प्रति हेक्टेयर (8,000 से 10,000 प्रति एकड़)।
- मौसम: NIFTEM पैकेज में फरवरी के तीसरे सप्ताह में बुवाई और मध्य अप्रैल में रोपाई है; असम में CIMAP की फसल जून और जुलाई में बोई जाती है। ढके ढांचे में पूरे साल उगाई जा सकती है।
पोषण, सिंचाई और निराई
- खाद: रोपाई से पहले 10 से 15 टन/हेक्टेयर गोबर खाद या कम्पोस्ट (4 से 6 टन प्रति एकड़)।
- उर्वरक: 120 किलो N, 60 किलो P2O5 और 60 किलो K2O प्रति हेक्टेयर (लगभग 48:24:24 किलो प्रति एकड़); आधा N और पूरा P व K रोपाई पर, बाकी कटाई के बाद टॉप ड्रेसिंग में।
- पानी: हल्की, बार बार सिंचाई; पानी खड़ा न रहने दें। ड्रिप से पत्तियां साफ रहती हैं और पानी बचता है।
- निराई: पहली निराई रोपाई के एक महीने बाद, दूसरी चार सप्ताह बाद; इसके बाद घनी फसल खरपतवार दबा देती है।
कीट और रोग
- पाउडरी मिल्ड्यू: घुलनशील गंधक 4 ग्राम प्रति लीटर पानी।
- पौध झुलसा और जड़ सड़न (Rhizoctonia): साफ क्यारी, अच्छा जल निकास और स्वस्थ पौध रखें; जलभराव से बचें।
- पत्ती लपेटक इल्लियां: पत्तियों को मोड़कर जाला बनाती हैं; शुरू में हाथ से चुनें। पत्तियां ताजी खाई जाती हैं, इसलिए खरीदार अवशेष मुक्त उपज चाहते हैं; केवल लेबल वाले रसायन प्रतीक्षा अवधि के साथ इस्तेमाल करें और छिड़काव से पहले स्थानीय KVK से पूछें।
कटाई और उपज
- कटाई: तेल वाली फसल के पैकेज में पहली कटाई रोपाई के 90 से 95 दिन बाद पूर्ण फूल पर, फिर हर 65 से 75 दिन में, जमीन से 15 से 20 सेमी ऊपर काटकर। पाक कला वाले उत्पादक पत्तियां कोमल रखने के लिए फूल आने से पहले काटते हैं; पौधा पत्तेदार रखने के लिए फूल की कलियां तोड़ दें।
- बायोमास उपज: NIFTEM के अनुसार करीब 5 टन/हेक्टेयर (2 टन प्रति एकड़) ताजी हरी बायोमास, साल में 2 से 3 बार। CSIR-CIMAP ने असम में मई से सितंबर की CIM-Saumya फसल से औसतन 25 से 27 टन/हेक्टेयर पूरी बायोमास दर्ज की (10 से 11 टन प्रति एकड़)। IIHR बेंगलुरु में FYM के साथ NPK 160:80:80 किलो/हेक्टेयर पर मुख्य फसल से 8.43 टन/हेक्टेयर और रैटून से 3.76 टन/हेक्टेयर सूखी बायोमास मिली; यह परीक्षण खुराक ऊपर की मानक खुराक से अधिक है।
- कटाई के बाद: ताजी बेसिल एक दिन में मुरझा जाती है और चोट खाती है। सुबह जल्दी काटें, ठंडी और छाया में रखें और उसी दिन हवादार क्रेट या डिब्बों में पैक करें।
लागत और आमदनी
मंदसौर में तेल और बीज की फसल (2021-22) पर 20 टन/हेक्टेयर गोबर खाद और जैव उर्वरकों से कुल आय ₹2,63,425 प्रति हेक्टेयर, शुद्ध आय ₹1,87,322 और लाभ लागत अनुपात 2.5 रहा (करीब ₹1.07 लाख कुल और ₹76,000 शुद्ध प्रति एकड़)। IIHR के परीक्षण में दो वर्षों में लाभ लागत अनुपात 5.49 और 3.71 रहा। असम में CSIR-CIMAP ने 100 से 120 दिन में ₹1.0 से ₹1.03 लाख प्रति हेक्टेयर शुद्ध लाभ बताया (करीब ₹40,000 से ₹42,000 प्रति एकड़), जब तेल उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के खरीदारों को ₹1,400 प्रति किलो पर बिका (2022 की दर; तेल के भाव बदलते हैं, इसलिए ताजा दर देखें)। इनसे पता चलता है कि फसल उगाना सस्ता है, पर ये तेल वाली फसल के आंकड़े हैं और ताजे गुच्छों पर लागू नहीं होते।
ताजी बिक्री के लिए आमदनी का हिसाब खरीदार के लिखित भाव प्रति किलो और उसके सचमुच खरीदे जाने वाले साप्ताहिक परिमाण से लगाएं। एक एकड़ खेत से इतनी ताजी पत्ती मिल सकती है जितनी कुछ रेस्तरां खरीद ही नहीं सकते।
बाजार और बिक्री
- ताजी: शेफ, क्लाउड किचन, होटल, प्रीमियम किराना और ऑनलाइन ताजी जड़ी-बूटी विक्रेता। पूरे एकड़ की जगह 1 से 2 स्थायी ऑर्डर से शुरू करें।
- तेल और सूखी जड़ी-बूटी: असम की CIM-Saumya का तेल उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की कंपनियों को बिका; रोपाई से पहले पास में आसवक या प्रसंस्करणकर्ता पक्का करें, क्योंकि हरी बायोमास का परिवहन महंगा है।
- किसान FPO के जरिए मिलकर बेचें तो आपूर्ति ज्यादा नियमित हो सकती है।
स्रोत
- NIFTEM PMFME, Basil processing (cultivation package)
- Plant Archives 2024, Basil growth, yield and economics with organic manures (RVSKVV Mandsaur)
- Journal of Horticultural Sciences, French basil nutrient trial (ICAR-IIHR)
- Journal of Medicinal and Aromatic Plant Sciences 2022, sweet basil CIM-Saumya in Assam (CSIR-CIMAP)
