थाइम भारत में सिर्फ ठंडी पहाड़ियों में, जहां नीलगिरि (900 से 2,500 मीटर) सबसे अच्छी तरह दर्ज इलाका है, और सूखी, अच्छे जल निकास वाली जगहों में व्यावहारिक फसल है, जहां मानसून की नमी पौधों को सड़ाए नहीं। यह एक छोटी विशेष जड़ी-बूटी है, इसलिए तभी लगाएं जब कोई होटल सप्लायर, सूखी जड़ी-बूटी का व्यापारी या तेल प्रोसेसर खरीदने को राजी हो।
रिकॉर्ड में भारत की एकमात्र किस्म TNAU की Ooty (Tv 1) है, जो बहुवर्षीय है और करीब 4 साल तक उपज देती है। थाइम के भारतीय भाव और लागत के छपे आंकड़े कम हैं, इसलिए यह गाइड उपज देती है और कमाई निकालने का तरीका बताती है जो आपके अपने खरीदार के दिए भाव पर चलता है।
भारत में यह कहां उगती है
- नीलगिरि: TNAU अपनी Ooty (Tv 1) किस्म नीलगिरि के समुद्र तल से 900 से 2,500 मीटर के शीतोष्ण क्षेत्र के लिए सुझाता है।
- दूसरे इलाके: TNAU के जैविक खेती नोट्स के अनुसार थाइम गर्म जलवायु के पहाड़ों और मैदानों में उग सकती है, पहाड़ बेहतर हैं, और यह पाला सहन नहीं कर सकती। मैदानों में खेती के लिए सूखी, अच्छे जल निकास वाली जगह चाहिए और बारिश में जोखिम ज्यादा है।
- मिट्टी: Ooty (Tv 1) के लिए pH 5.5 से 6.5 वाली अच्छे जल निकास की दोमट। TNAU की जैविक गाइड हल्की, उपजाऊ, चूनेदार मिट्टी पसंद करती है; भारी, गीली मिट्टी में सुगंध घटती है और पौधे की उम्र कम होती है।
- पानी: थाइम सूखे दौर सह लेती है; जलभराव मुख्य खतरा है, इसलिए ऊंची क्यारियां या ढलान रखें।
किस्में
| किस्म | जारी करने वाला | खासियत | कहां के लिए ठीक |
|---|---|---|---|
| Ooty (Tv 1) | TNAU, 2006 (पांच जर्मप्लाज्म से शुद्ध-वंश चयन) | साल में करीब 10.7 टन हरी पत्ती प्रति हेक्टेयर, स्थानीय किस्म से 33.7% ज्यादा; thymol chemotype (तेल में 23.63% thymol); जड़ सड़न, जड़-गांठ सूत्रकृमि, सफेद मक्खी और माहू के प्रति प्रतिरोधी | नीलगिरि, 900 से 2,500 मीटर; जून से जुलाई में रोपाई, या सितंबर से अक्टूबर में बारानी |
- दूसरी थाइम किस्में नर्सरियां बीज या कलम के रूप में बेचती हैं; देख लें कि वह असली Thymus vulgaris है और थोक में खरीदने से पहले पत्ती की सुगंध का नमूना मांगें।
रोपण सामग्री और दूरी
- प्रवर्धन: बीज, विभाजन, कलम या दाब कलम। TNAU अप्रैल में नर्सरी में बीज बोने और मार्च से अप्रैल में वानस्पतिक प्रवर्धन की सलाह देता है।
- दूरी (TNAU जैविक गाइड): पौध या कलम 30 से 45 सेमी की दूरी पर, कतारें 60 सेमी दूर, यानी करीब 15,000 से 22,500 पौधे प्रति एकड़ (37,000 से 55,000 प्रति हेक्टेयर)।
- सीधी बुवाई में कतारें 90 सेमी दूर रखते हैं और पौधे 30 से 45 सेमी पर छांटते हैं।
खाद और सिंचाई
- TNAU का जैविक पैकेज प्रति हेक्टेयर: गोबर की खाद 50 टन (20 टन प्रति एकड़), वर्मीकम्पोस्ट 5 टन, biodynamic कम्पोस्ट 5 टन, नीम खली 1.25 टन, साथ में Azospirillum और Phosphobacterium 25 किलो, और साल में करीब पांच बार 3% panchagavya का पर्णीय छिड़काव।
- थाइम के लिए भारत की रासायनिक खाद की कोई सारणी नहीं मिली; मिट्टी जांच पर आधारित मात्रा के लिए अपने KVK से पूछें।
- रोपाई के ठीक बाद के सूखे दौर में ही बार-बार पानी दें, फिर कम। ड्रिप या स्प्रिंकलर ठीक है, पर फूल के समय पौधों को गीला न करें।
कीट और रोग
- TNAU मुरझान (wilt) को मुख्य समस्या बताता है, जिसे साफ रोपण सामग्री और खेत की सफाई से संभाला जाता है। Ooty (Tv 1) जड़ सड़न के प्रति प्रतिरोधी मानी गई है।
- छिड़काव से ज्यादा अच्छा जल निकास और खुली दूरी मायने रखती है। इलाज की जरूरत हो तो लेबल के हिसाब से चलें और अपने KVK से पूछें, क्योंकि जड़ी-बूटी खाई जाती है।
कटाई और उपज
- पहली कटाई रोपाई के करीब 5 महीने बाद, फूल की अवस्था में। लकड़ीदार आधार के ऊपर से काटें और निचले तने व बदरंग पत्तियां हटा दें।
- सूखी जड़ी-बूटी: TNAU की जैविक गाइड प्रति हेक्टेयर 1,100 से 2,200 किलो देती है, यानी प्रति एकड़ करीब 445 से 890 किलो।
- हरी पत्ती: Ooty (Tv 1) ने साल में औसतन करीब 10.7 टन प्रति हेक्टेयर (करीब 4.3 टन प्रति एकड़) दी, अधिकतम 11.5 टन प्रति हेक्टेयर।
- पौधे लकड़ीदार हो जाने पर 3 से 4 साल बाद दोबारा लगाएं।
लागत और कमाई
- थाइम का कोई सत्यापित भारतीय खेत-द्वार भाव या खेती की लागत नहीं मिली, इसलिए यहां रुपये के मुनाफे का दावा नहीं किया गया है। खरीदारों से भाव और ग्रेड पूछें।
- हिसाब कैसे लगाएं: TNAU के प्रति एकड़ 445 से 890 किलो पर सूखी जड़ी-बूटी के हर ₹100 प्रति किलो भाव से प्रति एकड़ ₹44,500 से ₹89,000 (प्रति हेक्टेयर ₹1.1 से ₹2.2 लाख) मिलते हैं। इसमें से पौधे, खाद, कटाई और सुखाई की मजदूरी, पैकिंग और ढुलाई घटाएं।
- पौधे, खाद और मजदूरी का खर्च पहले साल में ज्यादा होता है; फिर खेत करीब 4 साल तक उपज देता है।
- जो होटल थाइम खरीदते हैं वे अक्सर रोजमेरी भी खरीदते हैं; साथ की फसल के लिए रोजमेरी देखें, और सूचीबद्ध भाव के लिए मंडी भाव देखें।
बाजार और जोखिम
- खरीदार हैं: ताजी टहनियों के लिए होटल और कॉन्टिनेंटल रेस्तरां, सूखी जड़ी-बूटी और मसाला मिश्रण के व्यापारी, और आवश्यक तेल के प्रोसेसर।
- ताजी थाइम जल्दी खराब होती है, इसलिए पास का बाजार या cold chain चाहिए; सूखी थाइम बेहतर ढुलती है, पर साफ, फफूंद-मुक्त और सही लेबल वाली होनी चाहिए।
- मांग छोटी है। ऐसी नर्सरियों से सावधान रहें जो तय भाव पर buy-back का वादा करती हैं।
- समूह में बिक्री के लिए FPO और औषधीय व सुगंधित पौधों की मदद के लिए subsidy finder देखें। थाइम की कोई अलग सब्सिडी दर सत्यापित नहीं हुई; राज्य के बागवानी विभाग से पूछें।
