मशरूम स्पॉन इकाई एक छोटी निष्कीटित प्रयोगशाला है, खेत नहीं: यह कल्चर चढ़ा अनाज बनाती है जिसे मशरूम उगाने वाले "बीज" की तरह इस्तेमाल करते हैं। यह तभी फायदे का है जब आप संक्रमण लगभग शून्य रख सकें और आसपास नियमित उत्पादक खरीदार हों। इसके लिए प्रशिक्षित हाथ, ऑटोक्लेव, साफ इनोकुलेशन कक्ष और इनक्यूबेशन कमरा चाहिए, और स्पॉन की गुणवत्ता तय करेगी कि ग्राहक लौटते हैं या नहीं।
स्पॉन बनाने की लागत प्रति बैग कुछ रुपये होती है, इसलिए यह धंधा प्रति किलो मार्जिन का नहीं, बल्कि मात्रा, भरोसे और विश्वसनीयता का है। राष्ट्रीय संदर्भ आपूर्तिकर्ता ICAR-DMR सोलन स्पॉन ₹100 प्रति किलो बेचता है, इसलिए निजी इकाई को वही गुणवत्ता ऐसे भाव पर देनी होगी जो उत्पादक मान सकें।
प्रशिक्षण और शुद्ध कल्चर से शुरुआत करें
- ICAR-Directorate of Mushroom Research (DMR), सोलन स्पॉन उत्पादन तकनीक पर तीन दिन का प्रशिक्षण चलाता है और सफेद बटन, ऑयस्टर, मिल्की, शिटाके और पैडी स्ट्रॉ मशरूम के साथ कुछ विशेष प्रजातियों का स्पॉन भी देता है।
- DMR व्यावसायिक मशरूम का मास्टर स्पॉन ₹500 प्रति 250 ग्राम बोतल और स्पॉन ₹100 प्रति किलो बताता है। सामान्य स्पॉन के लिए लगभग 20 दिन की अग्रिम बुकिंग और 50% अग्रिम भुगतान चाहिए; विशेष मशरूम के लिए लगभग दो महीने। DMR चाहता है कि खरीदार स्पॉन खुद आकर ले जाएं, क्योंकि डाक या कूरियर से खराब होने का खतरा रहता है।
- शुद्ध कल्चर किसी मान्यता प्राप्त स्रोत (DMR सोलन, कृषि विश्वविद्यालय या IIHR) से लें, बाजार से खरीदी मशरूम से नहीं, और हर बैच पर स्ट्रेन का लेबल रखें।
अनाज स्पॉन कैसे बनता है
नीचे के चरण मदर स्पॉन और बेड स्पॉन के लिए TNAU कोयंबटूर की विधि के अनुसार हैं। बड़े स्तर पर जाने से पहले हर प्रजाति के लिए तापमान और समय DMR या अपने KVK से जांच लें।
| चरण | क्या किया जाता है |
|---|---|
| अनाज | TNAU ज्वार को सबसे अच्छा अनाज बताता है; गेहूं सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। साफ, रोगमुक्त अनाज लें और धोकर पोला या टूटा दाना निकाल दें। |
| उबालना | लगभग 30 मिनट उबालें, केवल नरम करने के लिए; दाने फटने नहीं चाहिए। प्लेटफॉर्म या टाट पर फैलाकर लगभग 50% नमी तक सुखाएं। |
| मिलावट | अतिरिक्त नमी सोखने, pH ठीक करने और दाने चिपकने से रोकने के लिए प्रति किलो अनाज 20 ग्राम कैल्शियम कार्बोनेट मिलाएं। |
| भराई | सैलाइन बोतलों (मदर स्पॉन) या पॉलीप्रोपीलीन बैग (बेड स्पॉन) में तीन-चौथाई तक, यानी लगभग 300 से 330 ग्राम अनाज भरें; बिना सोखने वाली रुई से डाट लगाएं। |
| निष्कीटन | ऑटोक्लेव में 20 lb दबाव पर 2 घंटे, फिर ठंडा करें। |
| इनोकुलेशन | साफ कक्ष में मदर स्पॉन के लिए बोतलों में कल्चर डालें, और बेड स्पॉन के हर बैग में लगभग 10 ग्राम मदर स्पॉन। |
| इनक्यूबेशन | TNAU की विधि में साफ कमरे में लगभग 10 दिन रखें। हरे, काले या गुलाबी धब्बे या खट्टी गंध वाला बैग फेंक दें। |
- बटन मशरूम के स्पॉन पर ICAR के एक अध्ययन में अनाज को एक बार धोने से दो या तीन बार धोने की तुलना में माइसीलियम की बढ़त बेहतर मिली, और परखे गए 25 मिश्रणों में 2% कैल्शियम सल्फेट के साथ 2% कैल्शियम कार्बोनेट (pH 6.48) ने सबसे अच्छी बढ़त दी। इन्हें DMR से चर्चा के संकेत समझें, हर प्रजाति के लिए तय नुस्खा नहीं।
- TNAU सलाह देता है कि बेड स्पॉन से पहली पीढ़ी के आगे सबकल्चर न करें, ताकि स्पॉन की ताकत बनी रहे।
जगह और उपकरण
- आम इकाइयों में अलग-अलग हिस्से होते हैं: अनाज पकाने और भरने की जगह, ऑटोक्लेव कक्ष, इनोकुलेशन कक्ष (लैमिनार एयर फ्लो कैबिनेट या फिल्टर्ड अथवा निष्कीटित हवा वाला अच्छी तरह बंद कमरा), इनक्यूबेशन कमरा और भंडार।
- मुख्य सामान: बॉयलर या बड़ा कुकर, ऑटोक्लेव, लैमिनार फ्लो कैबिनेट, बोतलें या गर्मी सहने वाले बैग, रुई, pH मीटर, तराजू, इनक्यूबेशन रैक और कल्चर के लिए फ्रिज। कम से कम तीन आपूर्तिकर्ताओं से भाव लें; क्षमता के हिसाब से लागत बहुत बदलती है।
- स्पॉन जल्दी खराब होता है, इसलिए पक्के ऑर्डर के हिसाब से उत्पादन करें और डिलीवरी का दायरा ऐसा रखें कि उत्पादक तक कुछ ही दिन में पहुंचे।
संक्रमण और गुणवत्ता जांच
- ज्यादातर नुकसान कम निष्कीटित अनाज, गीले अनाज, ढीली डाट और इनोकुलेशन के समय खराब संभाल से होता है। हर बैच का रिकॉर्ड (तारीख, अनाज का लॉट, स्ट्रेन, ऑटोक्लेव की बारी, संक्रमण दर) रखें ताकि समस्या का स्रोत पता चल सके।
- हर नए बैच को सबको बेचने से पहले कुछ उत्पादकों से छोटे ट्रायल में चलवाएं, और जो स्पॉन सब्सट्रेट पर न फैले उसे बदलकर दें।
लागत और कमाई
- यहां केवल DMR का ₹100 प्रति किलो स्पॉन का भाव सत्यापित है। एक बैग में लगभग 300 से 330 ग्राम अनाज आता है, इसलिए एक किलो स्पॉन के लिए लगभग तीन बैग लगते हैं, साथ में अनाज, मिलावट, ईंधन, बिजली, मजदूरी, पैकिंग और नुकसान।
- मुनाफा जांचने के लिए अपनी प्रति बैग लागत लिखें (आपके इलाके में अनाज का भाव, पकाने और ऑटोक्लेव के लिए LPG या लकड़ी, बिजली, मजदूरी, बैग और रुई) और संक्रमण से खराब बैगों का वास्तविक हिस्सा जोड़ें। प्रति किलो मार्जिन = बिक्री भाव घटाइए नुकसान के बाद की प्रति किलो लागत; मासिक मुनाफा = मार्जिन x बिके किलो, घटाइए किराया, कर्ज की किस्तें और वेतन वाली मजदूरी।
- निजी स्पॉन इकाई के निवेश या मासिक मुनाफे का कोई सत्यापित भारतीय आंकड़ा नहीं मिला, इसलिए ब्रोशर के दावों को छोड़ें और अपने KVK या पास की किसी चालू स्पॉन इकाई से ताजा आंकड़े पूछें।
बाजार और जोखिम
- ग्राहक ऑयस्टर, मिल्की और बटन मशरूम के उत्पादक हैं, जिनमें महिला स्वयं सहायता समूह और FPO भी शामिल हैं। मांग आपके इलाके में हर प्रजाति के मौसम के साथ चलती है, जैसे गर्मी में ऑयस्टर और मिल्की का स्पॉन और ठंड से पहले बटन का स्पॉन।
- कई किसान DMR, विश्वविद्यालयों या बड़ी निजी प्रयोगशालाओं से स्पॉन लेते हैं, इसलिए नई इकाई को ताजगी, स्थानीय डिलीवरी और ईमानदार बदली पर मुकाबला करना होगा।
- एक संक्रमित बैच से साख बिगड़ना सबसे बड़ा व्यावसायिक जोखिम है। छोटे से शुरू करें, नियमित उत्पादकों की सूची बनाएं और कम्पोस्ट या प्रशिक्षण देने पर भी विचार करें।
सब्सिडी
- केंद्रीय योजनाओं (NHB के जरिए MIDH और राज्य बागवानी मिशन) ने स्पॉन इकाइयों को क्रेडिट-लिंक्ड, बैक-एंडेड सब्सिडी से सहायता दी है, लेकिन लागत मानक और प्रतिशत स्रोतों और राज्यों के बीच अलग हैं। आवेदन से पहले NHB क्षेत्रीय कार्यालय या जिला बागवानी अधिकारी से मौजूदा मानक पक्का कर लें।
- सब्सिडी खोजक, कार्यशील पूंजी ऋण के लिए KCC और उत्पादकों के समूह को आपूर्ति करनी हो तो FPO देखें।
