रीशी (Ganoderma lucidum) भारत में कम लागत के शेड या पॉलीहाउस में कठोर लकड़ी के बुरादे की थैलियों पर उगाई जा सकती है, ICAR के सोलन स्थित मशरूम अनुसंधान केंद्र की विकसित विधि से, लेकिन यह दवा है, खाना नहीं: इसका एकमात्र बाजार हर्बल और न्यूट्रास्युटिकल कंपनियां हैं, और उगाने वाले को शुरू करने से पहले वह खरीदार ढूंढना होगा। मशरूम कड़वा और लकड़ी जैसा सख्त है, इसलिए इसे सब्जी मंडी में ताजा नहीं बेचा जा सकता।
अनुसंधान केंद्र का अपना आंकड़ा 1 किलो सूखे माध्यम से करीब 250 ग्राम ताजा मशरूम है, जो सूखकर लगभग 112 ग्राम रह जाता है। सूखे माल के ₹4,000 से ₹5,000 प्रति किलो के भाव प्रेस में बताए जाते हैं, लेकिन खरीदार के किसी पक्के अनुबंध की शर्तें नहीं मिलीं, इसलिए जब तक लिखित प्रस्ताव हाथ में न हो, भाव को अप्रमाणित मानें।
कहां उगाई जा सकती है
- रीशी बंद या अर्ध-बंद कमरों में उगाई जाती है जहां तापमान, नमी, रोशनी और कार्बन डाइऑक्साइड संभाले जा सकें, इसलिए जगह से ज्यादा ढांचा मायने रखता है। ICAR-DMR किसानों के लिए मौसमी कम लागत वाले उगाने के कमरे बताता है, खासकर पॉलीहाउस या पॉलीथीन से ढकी फूस की झोपड़ियां, और उद्योग के लिए नियंत्रित वातावरण वाले कमरे।
- यह ज्यादातर खाने वाले मशरूम से ज्यादा गर्मी सह लेती है: ऊष्मायन के लिए 28 से 35°C का दायरा बताया गया है, और फल बनना करीब 28°C पर होता है।
- चौड़ी पत्ती वाले पेड़ों का बुरादा आधार है: ICAR-DMR आम, पॉपलर, नारियल और शीशम का नाम लेता है। ICAR-DMR के अनुसार बुरादा आरा मिलों से लिया जाता है।
- क्योंकि यह दवा के रूप में इस्तेमाल होती है, इसे जैविक तरीके से और सख्त सफाई के साथ उगाना होता है। ICAR-DMR कीटों या रोगों के लिए किसी जहरीले रसायन की सलाह नहीं देता।
किस्में और स्पॉन
- ICAR-DMR के जीन बैंक में DNA-फिंगरप्रिंट वाले विदेशी कल्चर हैं और वह कोरियाई, थाई और अमेरिकी कल्चर को उत्कृष्ट बताता है। मौजूदा सूची और कल्चर या स्पॉन पाने का तरीका DMR सोलन से पूछें।
- SKUAST-जम्मू के एक ट्रायल (Indian Forester, 2014) में तीन पेड़ों में से शीशम का बुरादा और लकड़ी के टुकड़े बराबर मात्रा में सबसे अच्छे रहे, कुल मिलाकर 16.93% जैविक दक्षता के साथ और strain G-1 के साथ 19% तक। इसलिए उपज strain और लकड़ी पर निर्भर है, और 25% सबसे अच्छी स्थिति है।
- स्पॉन गेहूं के दाने या बुरादे का होता है, सूखे माध्यम के वजन का 3%, क्योंकि रीशी धीरे बढ़ती है।
उत्पादन विधि (ICAR-DMR)
| चरण | सेटिंग |
|---|---|
| माध्यम | कठोर लकड़ी का बुरादा और 20% गेहूं का चोकर, 65% नमी तक गीला; pH 5.5 लाने के लिए जिप्सम और चॉक मिलाए जाते हैं |
| थैली | कपास के डाट वाली polypropylene थैली में 700 ग्राम सूखा (2.1 किलो गीला) माध्यम |
| निर्जीवीकरण | Autoclave में 22 psi पर 2 घंटे |
| स्पॉन डालना | गेहूं के दाने या बुरादे का स्पॉन, सूखे वजन का 3% |
| स्पॉन रन | 28 से 35°C, बंद कमरा, अंधेरा; करीब 25 दिन जब तक थैली पूरी सफेद न हो जाए |
| पिनिंग | पॉलीथीन का ऊपरी भाग काटें; 28°C, 95% नमी, 1,500 ppm CO2, 800 lux से ऊपर रोशनी |
| टोपी की बढ़वार | सफेद ऊपरी हिस्सा चपटा होने पर: नमी 80%, ज्यादा ताजी हवा (1,000 ppm CO2) |
| परिपक्वता | टोपी का किनारा पीला होने पर: 25°C, नमी 60%, जब तक टोपी लाल-भूरी न हो जाए और बीजाणु न झड़ें |
| कटाई और फ्लश | जड़ के साथ पूरा खींचकर निकालें; एक चक्र 10 से 15 दिन; 2 से 3 फ्लश; प्रति फसल करीब चार महीने |
- Autoclave, ठंडा करना और साफ इनोकुलेशन की जगह चाहिए; गांव स्तर के किसान को शुरू में यह सब खुद बनाने के बजाय प्रशिक्षित इकाई से निर्जीव थैलियां या स्पॉन खरीदने की योजना बनानी चाहिए।
- रीशी लकड़ी के लट्ठों पर भी उगाई जा सकती है, जिनमें जमने में करीब 15 दिन और पकने में 3 से 4 महीने लगते हैं और करीब तीन बार तुड़ाई होती है (2022 के एक लेख के अनुसार)। उपज नहीं दी गई है।
उपज और सुखाई
- जैविक दक्षता: करीब 25% तक, यानी 1 किलो सूखे माध्यम से 250 ग्राम ताजा। इसलिए 700 ग्राम की एक थैली से 2 से 3 फ्लश में करीब 175 ग्राम ताजा मिलता है।
- सूखा वजन: रीशी में करीब 45% शुष्क पदार्थ होता है (1 किलो ताजा से 450 ग्राम सूखा)। एक थैली से करीब 79 ग्राम सूखा माल मिलता है, और 1,000 थैलियों से करीब 79 किलो।
- सुखाई: धोएं, फिर कैबिनेट ड्रायर में 50°C से नीचे सुखाएं (ICAR-DMR dehumidifying ड्रायर में 35°C को तरजीह देता है)। Freeze drying सबसे अच्छी है।
- ये अनुसंधान केंद्र के सबसे अच्छे आंकड़े हैं, खेत का औसत नहीं। संदूषण और नमी या तापमान पर कमजोर नियंत्रण से उपज घटेगी।
लागत और कमाई
भारत के रीशी उत्पादकों की लागत का कोई पक्का आंकड़ा नहीं मिला। तालिका में सिर्फ 1,000 थैलियों (हर एक में 700 ग्राम सूखा माध्यम) की बिक्री का पक्ष है, ICAR-DMR की 1 किलो सूखे माध्यम से 250 ग्राम ताजा उपज और 45% शुष्क पदार्थ पर।
| मद | आंकड़ा |
|---|---|
| माध्यम | 1,000 थैली x 0.7 किलो = 700 किलो सूखा |
| ताजा मशरूम | 700 किलो x 25% = 175 किलो |
| सूखा मशरूम | 175 किलो x 45% = करीब 79 किलो |
| ₹4,000 प्रति किलो पर कुल आय | चार महीने की फसल पर करीब ₹3.2 लाख |
| ₹2,000 प्रति किलो पर कुल आय | प्रति फसल करीब ₹1.6 लाख |
- उगाने वाले को ये लागतें जोड़नी होंगी: बुरादा, गेहूं का चोकर, थैलियां, स्पॉन, autoclave या भाप, बिजली, उगाने का कमरा, ड्रायर, पैकिंग, मजदूरी और ढुलाई। यूनिट की योजना बनाने से पहले KVK या ICAR-DMR से मौजूदा अनुमान पूछ लें।
- ₹4,000 से ₹5,000 का आंकड़ा सूखे फलन पिंड या पाउडर के लिए प्रेस का उद्धरण है। ₹2,000 वाली पंक्ति सिर्फ उदाहरण के लिए निचली स्थिति है। दोनों में से कोई पक्का अनुबंध नहीं है।
बाजार और जोखिम
- ICAR-DMR कहता है कि रीशी उगाने वाले को बाजार खुद ढूंढना होगा, जो हर्बल दवा और फूड सप्लीमेंट बनाने वाले हैं और इसे कैप्सूल, गोलियां, तरल अर्क या दूसरे रूपों में प्रोसेस करते हैं। इसे सब्जी की तरह नहीं खाया जाता।
- ICAR-DMR के अनुसार भारत में रीशी का व्यापार साल में ₹100 करोड़ से ऊपर निकल चुका है, ज्यादातर मलेशिया और चीन से आयात। 2022 के एक लेख के अनुसार किसानों की उगाई रीशी के लिए भारत में रासायनिक जांच, गुणवत्ता आकलन और विपणन की स्थापित व्यवस्था नहीं है।
- पहला व्यावहारिक जोखिम खरीदार का न होना है। दूसरा गुणवत्ता है: खरीदार संदूषण और नमी की जांच कर सकते हैं, इसलिए साफ तरीके से उगाएं और सुखाएं।
- रीशी के सेहत संबंधी दावे खरीदार के नियंत्रित उत्पादों का मामला हैं। बेचते समय कोई चिकित्सीय दावा न करें, और खरीदार से पूछें कि उन्हें किन लाइसेंसों की जरूरत है।
- इनपुट की समूह खरीद और बिक्री के लिए FPO देखें; सहायता योजनाओं के लिए subsidy finder देखें। रीशी के लिए सब्सिडी की कोई पुष्ट दर नहीं मिली।
स्रोत
- ICAR-National Research Centre for Mushroom (now DMR), Solan: Cultivation of Reishi Mushroom (Ganoderma lucidum) folder
- ICAR-DMR Solan, Reishi mushroom profile
- Down To Earth, Magical mushroom: scaling up Ganoderma lucidum cultivation (April 2022)
- Indian Forester, sawdust and woodchip substrates for Ganoderma lucidum sporophore production
