भारत में सेलरी दो अलग फसलों के रूप में उगती है। बीज सेलरी, यानी बीज मसाला, लंबी सर्दी की फसल है जो मुख्यतः पंजाब में, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ उगाई जाती है, और इसी का स्थापित बीज व्यापार है। होटल और जूस बार के लिए डंठल वाली सेलरी छोटी विशेष फसल है, जो तमिलनाडु के नीलगिरी में सबसे जानी जाती है, जहां TNAU ने किस्म Ooty-1 जारी की।
कुछ भी करने से पहले तय करें कि कौन सी लगानी है, क्योंकि किस्म, दूरी, कटाई की उम्र और खरीदार सब अलग हैं। डंठल वाली सेलरी के लिए पहले से खरीदार चाहिए; डंठल का कोई सत्यापित भारतीय थोक भाव आंकड़ा नहीं मिला, इसलिए रोपाई से पहले होटल, कैटरर और नजदीकी मंडी से भाव पूछ लें।
भारत में कहां उगती है
- बीज सेलरी: NHB की मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार सेलरी लगभग 5,000 हेक्टेयर में है, जिसमें कुल उत्पादन का लगभग 90% पंजाब से आता है, फिर हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश। प्रमुख जिले अमृतसर, गुरदासपुर, जालंधर, लाडवा और सहारनपुर हैं। ICAR-NRCSS, अजमेर ने राजस्थान के लिए Ajmer Celery-2 जारी की है।
- डंठल वाली सेलरी: TNAU नीलगिरी की पहाड़ियों के लिए Ooty-1 सुझाता है और वहां तीन मौसम बताता है: फरवरी से अप्रैल, अप्रैल से जून और अगस्त से अक्टूबर।
- मिट्टी: Ooty-1 के लिए उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, pH 6 से 6.5 (TNAU); A-Cel-2 सिंचाई में अच्छे जल निकास वाली चिकनी दोमट से बलुई दोमट के लिए ठीक है।
किस्में
| किस्म | स्रोत | विशेषताएं | उपयुक्त क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| Ooty-1 | TNAU | कटाई लगभग 115 दिन में; सब्जी उपज 30.5 टन प्रति हेक्टेयर (स्थानीय से 30.3% अधिक); पौधा 72 सेमी; कटाई के बाद 8 दिन टिकती है; पत्ती धब्बा, जड़ सूत्रकृमि, सफेद मक्खी और माहू की प्रतिरोधी; बीज तेल 1.71% | नीलगिरी और समान ठंडी पहाड़ियां, डंठल और पत्ती के उपयोग के लिए |
| Ajmer Celery-2 (A-Cel-2) | ICAR-NRCSS, अजमेर (राजस्थान के लिए अधिसूचित) | बीज मसाला; 175 से 200 दिन; औसत बीज उपज 874 किग्रा प्रति हेक्टेयर, A-Cel-1 से 23.2% अधिक; आवश्यक तेल 6.74%; सीधी, गिरने की प्रतिरोधी | राजस्थान, सिंचित रबी फसल |
| PRL-85-1, EC-99249-1 | NHB मॉडल रिपोर्ट में नामित | PRL-85-1 की बीज उपज अधिक बताई गई है | उत्तर में बीज सेलरी; उपलब्धता PAU या अपने बीज आपूर्तिकर्ता से पक्की करें |
नर्सरी, दूरी और रोपाई
- बीज और नर्सरी: सेलरी का बीज बहुत छोटा और धीमा होता है। TNAU Ooty-1 के लिए 1.25 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर (लगभग 0.5 किग्रा प्रति एकड़) देता है, जो लगभग 3 सप्ताह में उगता है और पौध 1 मीटर चौड़ी व 15 सेमी ऊंची क्यारियों पर लगभग 75 दिन में तैयार होती है। A-Cel-2 में 2.5 से 3 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर लगता है, नर्सरी नवंबर के पहले सप्ताह में बोई जाती है।
- पौध की उम्र: NHB मॉडल में 60 दिन की 12 से 15 सेमी ऊंची पौध दिसंबर के शुरू में रोपी जाती है।
- दूरी: 30 x 30 सेमी या 40 x 25 सेमी (NHB मॉडल), यानी लगभग 44,000 या 40,500 पौधे प्रति एकड़ (111,000 या 100,000 प्रति हेक्टेयर)। A-Cel-2 50 x 30 सेमी पर लगाई जाती है, लगभग 27,000 पौधे प्रति एकड़ (66,700 प्रति हेक्टेयर)।
पोषण और सिंचाई
- बीज फसल (NHB मॉडल): जमीन तैयार करते समय 20 से 30 टन FYM प्रति हेक्टेयर (8 से 12 टन प्रति एकड़); 100 से 150 किग्रा नाइट्रोजन तीन हिस्सों में, 40 से 60 किग्रा P2O5 और 40 से 60 किग्रा K2O प्रति हेक्टेयर (प्रति एकड़ 40 से 61, 16 से 24 और 16 से 24 किग्रा), मिट्टी को जरूरत हो तो मैग्नीशियम और बोरॉन। A-Cel-2 को 80:50:50 NPK प्रति हेक्टेयर (32:20:20 प्रति एकड़) पर उगाया गया।
- Ooty-1 (TNAU): प्रति हेक्टेयर 30 टन FYM के साथ 5 टन बायो-कम्पोस्ट और 5 टन वर्मीकम्पोस्ट, 1.25 टन नीम खली, और Azospirillum, फॉस्फोबैक्टीरिया व माइकोराइजा 10 किग्रा प्रत्येक तथा Trichoderma और Pseudomonas 2.5 किग्रा प्रत्येक। सप्ताह में एक बार सिंचाई करें। TNAU केवल जैविक कार्यक्रम देता है; डंठल फसल पर रासायनिक मात्रा के लिए नजदीकी KVK या बागवानी विभाग से पूछें और मिट्टी जांच पर आधारित करें। उर्वरक देखें।
- पानी: A-Cel-2 को 4 से 5 सिंचाई चाहिए और यह केवल सिंचित जमीन के लिए है। सेलरी उथली जड़ वाली है और उसे लगातार नमी चाहिए, इसलिए ड्रिप उपयुक्त है।
कीट और रोग
- Ooty-1 पत्ती धब्बा, जड़ सूत्रकृमि, सफेद मक्खी और माहू की प्रतिरोधी बताई गई है, और A-Cel-2 पर कोई रोग संक्रमण नहीं और माहू व Nysius की संख्या कम दर्ज हुई। प्रतिरोध से निगरानी की जरूरत खत्म नहीं होती।
- किसी भी छिड़काव के लिए लेबल पर लिखा उत्पाद और मात्रा तथा स्थानीय KVK की सलाह मानें; कीट देखें।
कटाई और उपज
- डंठल वाली सेलरी: Ooty-1 लगभग 115 दिन पर कटती है, उपज क्षमता 30.5 टन प्रति हेक्टेयर (लगभग 12.3 टन प्रति एकड़)। यह लगभग 8 दिन ताजी रहती है, इसलिए एक सप्ताह के भीतर बेचें।
- बीज सेलरी: NHB मॉडल में 10 से 13 क्विंटल सूखा बीज प्रति हेक्टेयर (4 से 5.3 क्विंटल प्रति एकड़) है, और ट्रायल में A-Cel-2 का औसत 874 किग्रा प्रति हेक्टेयर (लगभग 350 किग्रा प्रति एकड़) रहा। फसल 175 से 200 दिन लेती है। बीज में 2 से 3% वाष्पशील तेल होता है, और कटा बीज तेल के लिए भी बिकता है।
लागत और कमाई
- डंठल वाली सेलरी: खेती की लागत की कोई सत्यापित भारतीय तालिका नहीं मिली। इसे ऐसे निकालें: 12 टन प्रति एकड़ x बाजार योग्य डंठल का प्रतिशत x प्रति किग्रा भाव, घटाएं पौध, मजदूरी, खाद, सिंचाई और पैकिंग की लागत।
- बीज सेलरी: NHB के एक एकड़ मॉडल में परियोजना लागत ₹125,100, 5 क्विंटल प्रति एकड़ पर वार्षिक आय ₹40,000, IRR 12.04% और वापसी अवधि 6.4 वर्ष है। यह मॉडल पुराना है और इसका भाव आधार पुराना है, इसलिए आज मिल रहे बीज भाव से दोबारा गणना करें।
बाजार और बिक्री
- डंठल वाली सेलरी महानगरों के होटल, कैटरर, जूस बार और सुपरमार्केट में जाती है, और मात्रा कम है, इसलिए ज्यादा आपूर्ति से भाव जल्दी गिर सकता है। पार्सले जैसी पास की पत्तेदार विदेशी फसलों के खरीदार भी वही हैं।
- सेलरी बीज मसाला व्यापारियों और तेल व अर्क बनाने वालों को बिकता है। चूंकि फसल कम बीज उपज के लिए छह महीने या ज्यादा खेत घेरती है, इसलिए जमीन देने से पहले गेहूं, आलू या अन्य सर्दी की फसलों से कमाई की तुलना करें।
- समूह FPO के जरिए साथ बेच सकते हैं; कर्ज किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलता है।
