जुकीनी (तोरी जैसी विदेशी सब्जी) की खेती 2026
तेजी से बढ़ने वाली ग्रीष्मकालीन स्क्वैश, जिसकी होटल, कॉन्टिनेंटल रसोई और शहरी रिटेल में मजबूत मांग है।

परिचय
जुकीनी (Cucurbita pepo), जिसे कोर्जेट भी कहते हैं, एक कोमल ग्रीष्मकालीन स्क्वैश है जिसे कच्चा और छिलके सहित खाया जाता है। यह चिकनी, सीधी खीरे जैसी दिखती है और हरी, हल्की हरी तथा पीली किस्मों में आती है। कॉन्टिनेंटल और इतालवी खाने में खूब इस्तेमाल होने वाली यह सब्जी अब भारतीय महानगरों के होटल, कैफे और घरों की रसोई में आम है। इसका सबसे बड़ा फायदा है इसकी तेजी: यह दो महीने से कम में फसल देती है और लगातार तुड़ाई के दौर में भरपूर उपज देती है, यानी एक बार बोने से हफ्तों तक फल मिलते रहते हैं। हल्के मौसम में यह खुले में अच्छी उगती है और शहरों के पास पॉलीहाउस में बेमौसमी, प्रीमियम गुणवत्ता वाले फल के लिए बढ़ती जा रही है। चूंकि इसे कच्चा तोड़ना पड़ता है और यह जल्दी खराब होती है, सफलता तेज तुड़ाई चक्र, सावधान रख-रखाव और भरोसेमंद खरीदारों पर निर्भर है। रेस्तरां, रिटेल चेन और ऑनलाइन ग्रॉसर तक पहुंच रखने वाले किसानों के लिए जुकीनी तेज बिक्री और अच्छे नकद प्रवाह का अवसर देती है।
जलवायु
यह गर्म मौसम की फसल है जो लगभग 18 से 28 डिग्री सेल्सियस के हल्के, पाला-रहित मौसम को पसंद करती है। यह पाला सहन नहीं करती और अत्यधिक गर्मी में संघर्ष करती है। भारत के अधिकांश हिस्सों में इसे बसंत और गर्मी के ठंडे हिस्सों में खुले में, तथा बेमौसमी सप्लाई के लिए पॉलीहाउस में साल भर उगाया जाता है।
मिट्टी
अच्छी जल निकासी वाली, उपजाऊ दोमट या बलुई दोमट मिट्टी जिसमें जैविक पदार्थ भरपूर हो और पीएच लगभग 6.0 से 7.0 हो, सबसे उपयुक्त है। भरपूर कम्पोस्ट या गोबर खाद मिलाएं। अच्छी जल निकासी जरूरी है, क्योंकि जलभराव वाली मिट्टी में जड़ और फल का सड़न होने का खतरा रहता है।
रोपाई और दूरी
आमतौर पर सीधे बीज से, या पॉलीहाउस में प्रो-ट्रे से रोपाई कर के उगाई जाती है। पाले का खतरा टलने पर बोएं; मैदानों में अगेती गर्मी की फसल के लिए सर्दी के अंत से बसंत की शुरुआत में बुवाई आम है। पौधों के बीच लगभग 60 से 90 सेमी और पंक्तियों के बीच करीब 1 मीटर या अधिक दूरी रखें। प्रति एकड़ लगभग 1 से 1.25 किलो बीज सामान्य है।
किस्में
हरी और पीली किस्में उगाई जाती हैं; आम हाइब्रिड में ऑस्ट्रेलियन ग्रीन जैसी हरी फल वाली किस्में और विभिन्न आयातित हाइब्रिड, साथ ही सुनहरी-पीली जुकीनी शामिल हैं। अपनी योजना के अनुसार खुले खेत या पॉलीहाउस के लिए उपयुक्त हाइब्रिड चुनें और स्थानीय उपलब्धता व अनुकूलन की पुष्टि करें।
देखभाल और प्रबंधन
इसे नियमित, एक समान नमी चाहिए; ड्रिप सिंचाई इसके लिए उपयुक्त है। फल बनने के लिए संतुलित पोषण और पर्याप्त पोटाश दें। खुले में मधुमक्खियां परागण में मदद करती हैं; पॉलीहाउस में हाथ से परागण की जरूरत पड़ सकती है। फल कोमल अवस्था में और बार-बार, चरम पर हर एक-दो दिन में तोड़ें, ताकि पौधे उपजाऊ रहें और फल कोमल, बिकाऊ आकार के बने रहें।
कीट और रोग
आम समस्याओं में फल मक्खी, माहू, सफेद मक्खी और लाल कद्दू भृंग, तथा पाउडरी मिल्ड्यू, डाउनी मिल्ड्यू और रस चूसने वाले कीटों से फैलने वाले विषाणु रोग शामिल हैं। साफ खेत, ट्रैप, उपलब्ध होने पर प्रतिरोधी हाइब्रिड और जरूरत के अनुसार अनुशंसित नियंत्रण अपनाएं; मौजूदा सलाह के लिए स्थानीय कृषि अधिकारियों से संपर्क करें।
उपज और कटाई
पहली तुड़ाई अक्सर बुवाई के लगभग 40 से 55 दिन बाद शुरू होती है और तुड़ाई कई हफ्तों तक चलती है। खुले खेत में लगभग 8 टन प्रति एकड़ पैदावार बताई जाती है, जबकि अच्छी तरह प्रबंधित पॉलीहाउस फसल कई चक्रों में इससे कहीं अधिक दे सकती है। असली आंकड़े परिस्थितियों के साथ बहुत बदलते हैं; इन्हें अनुमानित सीमा मानें।
लागत और मुनाफा
मुनाफा भाव और प्रीमियम मांग की निरंतरता पर निर्भर है। बेमौसमी और पॉलीहाउस फल आमतौर पर खुले खेत की भरपूर सीजन उपज से बेहतर भाव पाते हैं, जो आपूर्ति चरम पर सस्ती हो सकती है। होटल और अच्छी रिटेल को लगातार सप्लाई से सबसे अच्छा मार्जिन मिलता है। योजना से पहले मौजूदा स्थानीय भाव अवश्य जांचें।
ये अनुमानित आंकड़े हैं। असली लागत और आमदनी क्षेत्र, बाजार और प्रबंधन के अनुसार बदलती है, इसलिए स्थानीय रूप से पुष्टि करें।
बाजार और मांग
खरीदारों में कॉन्टिनेंटल खाना परोसने वाले होटल, रेस्तरां और कैफे, सुपरमार्केट व हाइपरमार्केट चेन, ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म और फूड-सर्विस वितरक शामिल हैं। चूंकि जुकीनी जल्दी खराब होती है, खेत से खरीदार तक तेज कोल्ड-चेन जरूरी है। पास के शहरों में रेस्तरां और अच्छी रिटेल से सीधा टाई-अप सबसे अच्छा रहता है।
सब्सिडी और सहायता
जुकीनी की खेती MIDH के अंतर्गत सहायता के लिए पात्र है, जिसमें सब्जियों, ड्रिप सिंचाई और संरक्षित खेती के लिए मदद शामिल है। पॉलीहाउस और ड्रिप सिस्टम पर NHB या NHM के तहत लगभग 50 प्रतिशत सब्सिडी मिल सकती है, और कुछ राज्य अतिरिक्त मदद देते हैं। अपने राज्य बागवानी मिशन या जिला बागवानी अधिकारी के माध्यम से आवेदन करें और मौजूदा नियम जांचें।
भारत में कहां उगाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जुकीनी कितनी जल्दी फल देना शुरू करती है?
क्या जुकीनी भारतीय तोरई जैसी ही है?
क्या जुकीनी पॉलीहाउस में उगाई जा सकती है?
जुकीनी को कच्ची क्यों तोड़ना चाहिए?
भारत में जुकीनी कहां अच्छी बिकती है?
खेती शुरू करने में मदद चाहिए या किसानों से जुड़ना है?
समुदाय में पूछें संघ से जुड़ें