ब्रोकली ठंडे मौसम की कोल फसल है जो उत्तर भारत के मैदानों में अक्टूबर से नवंबर में बोई जाने वाली सर्दी (रबी) की सब्जी के रूप में और ठंडे पहाड़ी व ऊंचे इलाकों में अच्छी चलती है। भारतीय परीक्षणों में 120 से 205 क्विंटल प्रति हेक्टेयर (50 से 83 क्विंटल प्रति एकड़) सिर मिले हैं, लेकिन कानपुर के परीक्षण से निकलने वाला खेत-द्वार दाम कम है, इसलिए असली कमाई मंडी में खुला बेचने के बजाय ग्रेड किए हुए सिर होटल, कैटरर और रिटेल चेन को बेचने पर निर्भर है।

ब्रोकली ज्यादा खाद खाने वाली फसल है और उसे लगातार नमी और सही समय पर बुवाई चाहिए, इसलिए यह उन किसानों की फसल है जो सब्जी की नर्सरी और ठंड के मौसम का कार्यक्रम संभाल सकें।

कहां और कब उगती है

  • मैदान: उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद (प्रयागराज) और कानपुर के भारतीय परीक्षण सर्दी (रबी) की फसल के रूप में हुए। इलाहाबाद के परीक्षण में बुवाई 20 अक्टूबर, 4 नवंबर और 19 नवंबर को हुई, और तीनों में 4 नवंबर की बुवाई से सबसे अच्छी उपज और सबसे अच्छा लाभ-लागत अनुपात मिला।
  • दक्षिण और पहाड़: UAS Bangalore ने बेंगलुरु के पास रबी 2022-23 का परीक्षण किया, और SD Agricultural University ने गुजरात के Sardarkrushinagar में रबी 2015-16 में किस्में परखीं। पहाड़ी और ऊंचे इलाकों में रोपाई का समय ऊंचाई के हिसाब से बदलता है; अपने इलाके की तारीख KVK या राज्य बागवानी विभाग से पूछें।
  • मिट्टी: कानपुर का परीक्षण कम जैविक कार्बन (0.34%) वाली बलुई दोमट मिट्टी पर था। अच्छे जल-निकास वाली, उपजाऊ, जैविक पदार्थ से भरपूर और लगातार पानी वाली दोमट मिट्टी सही रहती है।
  • गर्मी: कानपुर का एक शोध-पत्र बताता है कि ब्रोकली फूलगोभी से कुछ ज्यादा तापमान सह लेती है, फिर भी सिर बनते समय गर्म मौसम ढीले और खराब सिर देता है। बुवाई ऐसे करें कि सिर मौसम के ठंडे हिस्से में बनें।

किस्में

किस्मकहां परखी गईबताया गया नतीजा
Palam SamridhiAllahabad, रबी 2016-17तीन किस्मों में सबसे अच्छी: 4 नवंबर की बुवाई पर 16.25 t/ha
Pusa Kanchan, Lufa F-1Allahabad, रबी 2016-17उसी परीक्षण में Palam Samridhi से कम उपज
Aishwaryaकानपुर, 3 रबी मौसमअगेती; रोपाई के लगभग 70 दिन बाद पहली कटाई; सबसे अच्छी पोषण योजना में 204.76 क्विंटल/हेक्टेयर
Palam Vichitra, Pusa Broccoli KTS-1, Palam HaritikaSardarkrushinagar, गुजरात, रबी 2015-16तीन दूरियों पर Palam Samridhi से तुलना हुई

Palam किस्में CSK HPKV, Palampur की और Pusa किस्में ICAR-IARI की हैं। होटल और रिटेलर अक्सर ठोस, गहरे हरे, कसे हुए सिर चाहते हैं, इसलिए बीज खरीदने से पहले खरीदार से पसंदीदा किस्म पूछ लें। हाइब्रिड बीज महंगा होता है; लाइसेंस वाले डीलर से सीलबंद पैकेट ही लें।

नर्सरी, दूरी और पौधों की संख्या

  • नर्सरी क्यारी या ट्रे में पौध तैयार करें और रोपाई करें। इलाहाबाद और कानपुर दोनों परीक्षणों में रोपाई की गई।
  • 45 x 45 सेमी इलाहाबाद और कानपुर के परीक्षणों में रखी गई, यानी लगभग 49,000 पौधे प्रति हेक्टेयर (लगभग 20,000 प्रति एकड़)।
  • बेंगलुरु के परीक्षण में 45 x 30 सेमी (लगभग 74,000 प्रति हेक्टेयर, 30,000 प्रति एकड़), 45 x 45 सेमी और 45 x 60 सेमी (लगभग 37,000 प्रति हेक्टेयर, 15,000 प्रति एकड़) की तुलना हुई। सबसे चौड़ी दूरी ने सबसे ऊंचे पोषण स्तर और सूक्ष्म पोषक छिड़काव के साथ 205 क्विंटल/हेक्टेयर की सबसे ऊंची उपज दी।

पोषण और सिंचाई

  • बेंगलुरु में इस्तेमाल हुई अनुशंसित मात्रा: 120:80:60 kg N:P2O5:K2O प्रति हेक्टेयर (लगभग 49:32:24 kg प्रति एकड़)। सबसे अच्छे प्लॉट को 150:100:75 kg प्रति हेक्टेयर (61:40:30 प्रति एकड़) के साथ पत्तियों पर बोरिक एसिड 0.40%, जिंक सल्फेट 0.60% और मैंगनीज सल्फेट 0.30% मिले।
  • कानपुर परीक्षण: पूरी रासायनिक मात्रा 200:50:100 kg प्रति हेक्टेयर (81:20:40 प्रति एकड़) थी। वर्मीकम्पोस्ट 2.5 t/हेक्टेयर के साथ उस रासायनिक मात्रा की आधी (1 t प्रति एकड़ के साथ लगभग 40:10:20 kg प्रति एकड़) से सबसे ज्यादा सिर का वजन (387 g), उपज (204.76 क्विंटल/हेक्टेयर) और लाभ-लागत अनुपात (3.15) मिला, जो पूरी रासायनिक मात्रा (343 g) से आगे था।
  • ब्रोकली बोरॉन और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर अच्छा असर दिखाती है; मिट्टी जांच के अनुसार चलें, और उर्वरक देखें।
  • हल्की और बार-बार सिंचाई दें, क्यारी को न सूखने दें और न पानी भरने दें। ड्रिप सिंचाई पानी बचाती है और पत्तियां सूखी रखती है।
  • कीट और रोग: कोल फसलों की आम समस्याएं माहू, डायमंडबैक मॉथ की इल्लियां, ब्लैक रॉट और डाउनी मिल्ड्यू हैं। साफ बीज, गोभी-कुल की दूसरी फसलों से हटकर फसल चक्र और खेत की निगरानी रखें; किसी भी छिड़काव के लिए लेबल और अपने KVK की सलाह मानें। कीट देखें।

कटाई और उपज

  • मुख्य सिर तब काटें जब कलियां अभी कसी और हरी हों, पीले फूल दिखने से पहले; बाद में बगल के कल्ले काटे जा सकते हैं। कानपुर की अगेती किस्म रोपाई के लगभग 70 दिन बाद तैयार हुई।
  • परीक्षण की उपज: इलाहाबाद में 12 से 16 t/ha (लगभग 5 से 6.6 t प्रति एकड़), कानपुर और बेंगलुरु में सबसे अच्छे उपचार पर लगभग 20.5 t/ha (लगभग 8.3 t प्रति एकड़)। कानपुर परीक्षण में सिर का औसत वजन लगभग 340 से 390 g रहा।
  • ब्रोकली कटने के बाद जल्दी मुरझाती है; ठंडा रखें और एक-दो दिन में बेचें, या बर्फ और कोल्ड चेन का इस्तेमाल करें। कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी देखें।
💡 सुझाव: रोपाई एक महीने में हर 10 से 15 दिन पर बांटकर करें ताकि सारे सिर एक ही हफ्ते में न पकें, और रोपाई से पहले खरीदार तय कर लें।

लागत और आय

  • कानपुर, 3 साल का औसत (AICRP): सबसे अच्छी एकीकृत योजना पर खेती की लागत ₹34,500 प्रति हेक्टेयर, कुल आय ₹1,43,332 और शुद्ध आय ₹1,08,832 प्रति हेक्टेयर। प्रति एकड़ यह लगभग ₹14,000 लागत, ₹58,000 कुल आय और ₹44,000 शुद्ध आय है।
  • कुल आय को 204.76 क्विंटल/हेक्टेयर उपज से भाग दें तो लगभग ₹7 प्रति kg आता है, जो सादा थोक दाम है। ऊंचे दाम के लिए ग्रेड और पैक करके होटल और रिटेल को बेचना पड़ता है, और वे दर सत्यापित नहीं हुईं; खरीदार से लिखित दाम मांगें और मंडी भाव देखें।
  • परीक्षण की लागत शोध फार्म के खेती के कामों की है। पैकिंग, ढुलाई, क्रेट, बर्फ और आपकी अपनी मजदूरी इसके ऊपर जुड़ती है।
  • इलाहाबाद के परीक्षण में सबसे अच्छी बुवाई तारीख और किस्म पर लाभ-लागत अनुपात 1:4.05 दर्ज हुआ, जो सिर्फ एक मौसम का है।

बाजार और जोखिम

  • खरीदार: शहरों में होटल और रेस्तरां की रसोई, कैटरर, सुपरमार्केट, ऑनलाइन ग्रोसर और सब्जी वितरक। ब्रोकली कम मात्रा वाली सब्जी है, इसलिए शहर के पास कुछ एकड़ भी बाजार भर सकते हैं।
  • सर्दी की भरमार में दाम झूलते हैं, और एक दिन ज्यादा रुके सिर फूल में खुल जाते हैं और कीमत खो देते हैं।
  • अगर सिर एक दिन में शहर तक नहीं पहुंच सकते तो छोटे टुकड़ों में ही उगाएं या ढुलाई मिलाकर करने के लिए FPO से जुड़ें।
  • सब्जी क्षेत्र और कोल्ड चेन की मदद के लिए राज्य की बागवानी योजनाएं सब्सिडी खोजक से देखें; ब्रोकली की कोई अलग दर सत्यापित नहीं हुई।

स्रोत