भारत में नाशपाती दो बहुत अलग तरीकों से चलती है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों में Bartlett जैसी नरम यूरोपीय किस्मों को लगभग 900 से 1,000 चिलिंग घंटे चाहिए; पंजाब के मैदानों और ऐसे ही उप-उष्णकटिबंधीय इलाकों में कम-चिलिंग वाली एशियाई "सैंड पियर" किस्में जैसे पथरनाख केवल 200 से 300 घंटे में चल जाती हैं और ज्यादातर व्यावसायिक बाग इन्हीं के हैं। किस्म उस सर्दी के हिसाब से चुनें जो आपके यहां सच में पड़ती है, चलन के हिसाब से नहीं।

नाशपाती धीमे चलने वाला, लंबी उम्र का बाग है। पेड़ सर्दी में लगाए जाते हैं, फल देने में कई साल लगते हैं, और बाग ठीक से संभला हो तो दशकों तक फल देता है। Punjab Agricultural University (PAU) पथरनाख को उसकी भंडारण और ढुलाई की गुणवत्ता के लिए जाना हुआ बताती है, इसीलिए मैदानों में यही हावी है।

भारत में कहां उगती है

  • दायरा: नाशपाती ठंडी, सूखी समशीतोष्ण पहाड़ियों से लेकर उत्तर भारत के गर्म उप-उष्णकटिबंधीय मैदानों तक उगती है। जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश को नाशपाती का सबसे बड़ा क्षेत्र बताया गया है, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों में भी यह उगती है।
  • पंजाब पट्टी: PAU के एक अध्ययन के अनुसार पंजाब में पथरनाख मुख्य किस्म है और राज्य के नाशपाती उत्पादन में 80% से ज्यादा का योगदान देती है।
  • चिलिंग: पंजाब के लिए सुझाई गई उप-उष्णकटिबंधीय नाशपाती को 200 से 300 चिलिंग घंटे चाहिए; ऊंचे पहाड़ों की नरम नाशपाती को 900 से 1,000 घंटे चाहिए, जो उत्तर भारत के मैदानों में नहीं मिलते, इसलिए वहां नहीं उगाई जातीं।
  • मिट्टी: गहरी, अच्छे जल-निकास वाली बलुई दोमट से चिकनी दोमट, उपजाऊ, ऊपर के 2 m में कोई कठोर परत नहीं। PAU की सीमाएं: pH 8.7 से ज्यादा नहीं, विद्युत चालकता 1.5 mmhos/cm से कम, कैल्शियम कार्बोनेट 10% से कम और चूना कंकड़ 20% से कम। ज्यादा pH वाली मिट्टी में लोहे और जिंक की कमी बार-बार आती है।
  • पानी: मैदानों में पक्की सिंचाई चाहिए; फसल जलभराव या सुप्त सर्दी के महीनों में ज्यादा सिंचाई सहन नहीं करती।

किस्में

किस्मप्रकार और वर्षखासियतेंपकने का समय और उपज (PAU)
Patharnakhकठोर नाशपाती (1967)फैलने वाला, तेज बढ़ने वाला पेड़; गोल हरा फल; किरकिरा, कुरकुरा, रसीला गूदा; भंडारण और ढुलाई में अच्छीजुलाई का आखिरी हफ्ता; औसत 150 kg प्रति पेड़
Punjab Nakhकठोर नाशपाती (2008), पथरनाख से चयन155 g का अंडाकार फल, हल्का पीला-हरा; कुरकुरा और रसीलाजुलाई का चौथा हफ्ता; औसत 190 kg प्रति पेड़
Punjab Goldअर्ध-नरम (2004)सीधा पेड़; बड़ा 166 g सुनहरा फल; TSS 13.3%; ताजा खाने और प्रसंस्करण के लिएजुलाई के अंत में; 80 kg प्रति पेड़
Punjab Nectarअर्ध-नरम (2004)जल्दी फल देने वाली; 138 g का पीला-हरा फल; TSS 13.6%; पकने पर बहुत रसीलाजुलाई का चौथा हफ्ता; 80 kg प्रति पेड़
Punjab Beautyअर्ध-नरम (1999)लाल आभा वाला मध्यम पीला फल; TSS 14%; हर साल नियमित फलजुलाई का तीसरा हफ्ता; 80 kg प्रति पेड़
Baggugoshaअर्ध-नरम (1967)सीधा, तेज बढ़ने वाला; मीठा, कुछ किरकिरा गूदा; ढुलाई सह लेता हैअगस्त का पहला हफ्ता; 60 kg प्रति पेड़
Nijisseikiनरम (2010)मध्यम फल, बहुत रसीला, पेड़ पर ही पकता है; RTS, नेक्टर और स्क्वैश के लिएजून के अंत से जुलाई के पहले हफ्ते; 80.2 kg प्रति पेड़
Punjab Softनरम (2007)बहुत रसीली, नरम; TSS 11.3%; प्रसंस्करण के लिएजुलाई का पहला हफ्ता; 85 kg प्रति पेड़

ऊपर की उपज PAU के जमे हुए पेड़ों के औसत हैं, पहले साल के आंकड़े नहीं। पहाड़ों में Bartlett और उसकी लाल किस्में (Max Red Bartlett, Red Bartlett) मुख्य ज्यादा-चिलिंग विकल्प हैं; अपनी ऊंचाई के लिए सही किस्म राज्य बागवानी विभाग या नजदीकी KVK से पक्की करें।

पौध सामग्री और दूरी

  • मूल-वृंत: PAU कैंथ (Pyrus pashia) के बीजू मूल-वृंत की सलाह देता है। यह फल जल्दी आने को घटाता है पर जड़ से फुटाव नहीं देता। नाशपाती उस पर T-budding या tongue grafting से लगाई जाती है; tongue grafting दिसंबर और जनवरी में होती है।
  • नर्सरी: जैसा पंजाब के एक कॉलेज के अध्ययन में बताया गया है, व्यावसायिक पट्टी में सही किस्म की पौध मिलना कठिन है और प्रमाणित नर्सरियां कम हैं। पौध केवल ऐसी सरकारी या ICAR से जुड़ी नर्सरी से लें जो किस्म और मूल-वृंत का नाम बताए।
  • रोपाई का समय: सर्दी में, जब पौधे सुप्त हों, जनवरी के भीतर पूरी कर लें। एक साल के पौधे आम हैं; 2 से 3 साल के नर्सरी में तैयार पौधे भी चलते हैं।
  • दूरी: PAU पथरनाख के लिए 8 m x 4 m सुझाता है, यानी लगभग 126 पेड़ प्रति एकड़ (312 प्रति हेक्टेयर), मुख्य शाखाएं झुकाकर; इससे फल आने की किशोर अवस्था दो साल घटती है। PAU के एक ट्रायल में 8 साल के पथरनाख पेड़ Y-trellis पर 3 m x 3 m (लगभग 450 पेड़ प्रति एकड़, 1,111 प्रति हेक्टेयर) पर लगे थे और chlormequat से उपचारित पेड़ों पर करीब 14 से 15.5 kg प्रति पेड़ दर्ज हुआ; यह शोध की प्रणाली है, पहले बाग के लिए तैयार नुस्खा नहीं।
  • ट्रेनिंग: रोपाई पर पौधे को 90 cm पर काटें, 45 cm से नीचे कोई शाखा न रहने दें, modified leader पद्धति अपनाएं, और दूसरे साल 3 से 5 पार्श्व शाखाएं नीचे की ओर झुकाएं। नाशपाती स्पर पर फलती है जो लगभग 8 साल उपजाऊ रहते हैं, इसलिए बड़े पेड़ों को जनवरी में हल्की कटाई ही चाहिए, कटे हिस्से पर Bordeaux paste लगाएं।

पोषण और सिंचाई

PAU का प्रति पेड़ कार्यक्रम (गोबर खाद, सुपरफॉस्फेट और म्यूरेट ऑफ पोटाश दिसंबर में दें; आधा यूरिया फूल आने से पहले फरवरी की शुरुआत में, आधा फल लगने के बाद अप्रैल में):

पेड़ की उम्र (साल)गोबर खाद (kg)यूरिया (g)सुपरफॉस्फेट (g)म्यूरेट ऑफ पोटाश (g)
1 से 310 से 20100 से 300200 से 600150 से 450
4 से 625 से 35400 से 600800 से 1,200600 से 900
7 से 940 से 50700 से 9001,400 से 1,8001,050 से 1,350
10 और ऊपर501,0002,0001,500
  • प्रति एकड़ और हेक्टेयर, 8 m x 4 m पर पूरे बढ़े पेड़: लगभग 126 पेड़ प्रति एकड़ को करीब 126 kg यूरिया, 252 kg सुपरफॉस्फेट, 189 kg म्यूरेट ऑफ पोटाश और 6.3 t गोबर खाद चाहिए; प्रति हेक्टेयर (312 पेड़) यह लगभग 312 kg, 624 kg, 468 kg और 15.6 t है।
  • Punjab Beauty के लिए अतिरिक्त: सिफारिश के ऊपर सितंबर में प्रति पूरे बढ़े पेड़ 500 g यूरिया।
  • जिंक की कमी: 500 लीटर पानी में 3 kg जिंक सल्फेट और 1.5 kg बिना बुझा चूना मिलाकर छिड़कें। लोहे की कमी: 0.3% फेरस सल्फेट (100 लीटर में 300 g) छिड़कें।
  • फल का आकार: पूरे फूल आने के 15, 30 और 45 दिन बाद 1.5% पोटैशियम नाइट्रेट (15 g प्रति लीटर) के तीन पर्णीय छिड़काव पथरनाख और अर्ध-नरम नाशपाती में उपज और आकार बढ़ाते हैं। अप्रैल के बीच में प्राकृतिक फल झड़ने के बाद हर गुच्छे में एक फल छोड़कर बाकी हटा दें।
  • सिंचाई: रोपाई के बाद बार-बार; फल देने वाले पेड़ों को गर्मी में हर 5 से 7 दिन, जुलाई और अगस्त में लगभग हर 15 दिन, तुड़ाई के बाद सीमित, और जनवरी में बिल्कुल नहीं। बरसीम अंतरफसल के रूप में न उगाएं क्योंकि उसे सर्दी में पानी चाहिए जो सुप्त पेड़ों को नहीं चाहिए। पानी बचाने के विकल्पों के लिए ड्रिप सिंचाई देखें।
  • छोटे बाग में अंतरफसलें: खरीफ में मूंग और माश; रबी में मटर, चना और सेंजी, अंतरफसल के लिए अलग से खाद के साथ।

कीट और रोग

समस्याकहां और कबPAU की रोकथाम
फल मक्खी (Bactrocera dorsalis, B. zonata)पकने के पास नाशपाती के फलों पर गंभीर; अलग-थलग बागों में कमपकते फल तोड़ें, गिरे फल हटाकर कम से कम 60 cm गहरे गाड़ें, तुड़ाई के बाद हल्की जुताई करें, जून के पहले हफ्ते में PAU फ्रूट फ्लाई ट्रैप 16 प्रति एकड़ लगाएं
मकड़ी माइटअप्रैल से जूनबार-बार सिंचाई; माइट को ठहराने वाले अरंडी और भांग हटाएं
माहूफरवरी से अप्रैल के बीच; कठोर की तुलना में अर्ध-नरम पर ज्यादाफूल की कलियों और नई पत्तियों पर नजर रखें; किसी भी छिड़काव के लिए लेबल और अपने KVK की सलाह मानें
छाल खाने वाली सुंडीउपेक्षित बागजाला हटाएं; सितंबर से अक्टूबर और जनवरी से फरवरी में छेदों में मिट्टी का तेल डालें
रोएंदार सुंडी, पत्ती फुदकाकभी-कभारअंडों के गुच्छे और छोटी कॉलोनियां जल्दी देखकर हटाएं
शूट और फल झुलसा, छाल का कैंकरकली के निशान, घाव और ठूंठमरी छाल को 2 cm स्वस्थ छाल के साथ काटें, कटी लकड़ी नष्ट करें, Bordeaux paste फिर paint लगाएं; जनवरी, मार्च और जून में Bordeaux mixture छिड़कें
जड़ सड़न और सैपवुड सड़नपेड़ मुरझाते हैं, पत्ते जल्दी झड़ते हैं, गिर सकते हैंगहरी गुड़ाई, तने पर मिट्टी चढ़ाने और सर्दी में ज्यादा पानी वाली अंतरफसलों से बचें; प्रभावित पेड़ों को अलग से सींचें

पहचान के लिए कीट गाइड देखें और किसी भी रसायन के लिए लेबल और स्थानीय KVK की सलाह मानें।

तुड़ाई, भंडारण और उपज

  • परिपक्वता: पथरनाख फल लगने के लगभग 145 दिन बाद पकता है; Baggugosha और Punjab Beauty में 135 दिन; Punjab Nectar और Punjab Gold में 140 दिन लगते हैं। फल को ऊपर की ओर मरोड़कर तोड़ें ताकि स्पर न टूटें।
  • रखरखाव: चोट खाए फल छांट दें और छंटे हुए फल corrugated fibre board के डिब्बों में पैक करें।
  • पकाना और भंडारण: Patharnakh, Punjab Nakh और Punjab Beauty 0 से 1 डिग्री C और 90 से 95% नमी पर 60 दिन टिकते हैं; भंडारण के बाद पथरनाख कमरे के तापमान पर लगभग 2 दिन चलता है। पथरनाख को 0 डिग्री C पर 3 दिन ठंडा करके 20 डिग्री C पर 4 दिन पकाया जाता है। Punjab Soft और Nijisseiki लगभग 4 हफ्ते रखी जा सकती हैं (Punjab Soft को 2% कैल्शियम क्लोराइड में डुबोकर 2 महीने)। कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी देखें।
  • पहली फसल: PAU के अनुसार झुकी शाखाओं के साथ पास-पास रोपाई से किशोर अवस्था दो साल घटती है। नवीनीकृत पुराने पेड़ तीसरे साल में फल देते हैं और पांचवें साल में व्यावसायिक फसल देते हैं। कैंथ पर नए बाग के लिए, पहले फल की उम्र के बारे में प्रतिबद्ध होने से पहले नर्सरी और राज्य बागवानी विभाग से पूछें।

लागत और आमदनी

इस गाइड के लिए कोई ताजा, जांचा हुआ भारतीय खेती-लागत का आंकड़ा या खेत-द्वार भाव नहीं मिला, इसलिए नीचे की तालिका में केवल गणित है, PAU की प्रति पेड़ उपज और 126 पेड़ प्रति एकड़ के साथ। भाव वाला स्तंभ समझाने के लिए मान्यता है, बाजार भाव नहीं। उसकी जगह अपनी मंडी का ताजा भाव (मंडी भाव देखें) लें और पौध, मजदूरी, खाद, सिंचाई, तुड़ाई और पैकिंग की अपनी लागत घटाएं।

प्रति पेड़ उपजkg प्रति एकड़ (126 पेड़)मान्य ₹10/kg पर कुल₹20/kg पर कुल₹30/kg पर कुल
50 kg6,300₹63,000₹1,26,000₹1,89,000
100 kg12,600₹1,26,000₹2,52,000₹3,78,000
150 kg (PAU पथरनाख औसत)18,900₹1,89,000₹3,78,000₹5,67,000

छोटे पेड़ कई साल कुछ नहीं देते, इसलिए बाग को फल न देने वाले दौर में भी चलाना पड़ता है; अंतरफसलें इसमें मदद करती हैं।

बाजार और बिक्री

  • ताजा फल थोक फल मंडियों में जाता है; पथरनाख टिकता और ढुलाई सहता है, यही उसकी मुख्य व्यावसायिक ताकत है। नरम और अर्ध-नरम किस्में प्रसंस्करण (RTS, नेक्टर, स्क्वैश) के लिए ठीक हैं।
  • जोखिम: फल मक्खी का नुकसान, ज्यादा फल लगने से छोटे फल, और जुलाई में पूरे इलाके की एक साथ तुड़ाई का छोटा समय। ग्रेडिंग और कोल्ड स्टोरेज से बेचने की तारीख चुनने की छूट मिलती है।
  • फसल बीमा और कर्ज: PMFBY और किसान क्रेडिट कार्ड देखें। बाग की सब्सिडी के लिए राज्य बागवानी विभाग से पूछें और सब्सिडी खोजक देखें; इस गाइड के लिए नाशपाती की कोई जांची हुई सब्सिडी दर नहीं मिली।
💡 Tip: पौधे खरीदने से पहले किस्म को चिलिंग घंटों से मिलाएं। उप-उष्णकटिबंधीय मैदान में नरम यूरोपीय नाशपाती अनियमित पत्ते और फूल देगी और कम फलेगी।

Sources