विदेशी (कट) गुलदाउदी भारत में संरक्षित खेती की फसल है: यह तभी फायदा देती है जब किसान दिन की लंबाई और तापमान काबू में रख सके, सख्त समय-सारणी से फसल उगा सके और एक दिन के भीतर शहर की फूल मंडी या फूल बेचने वाले तक माल पहुंचा सके। बड़े फूल वाली "standard" और कई फूल वाली "spray" किस्में ज्यादातर पॉलीहाउस में उगाई जाती हैं, जबकि माला के लिए छोटे फूल वाली शेवंती एक अलग और बहुत सस्ती फसल है।

नीचे का तकनीकी ब्योरा TNAU की कट गुलदाउदी गाइड और ICAR-IIHR की सामग्री पर आधारित है। कट गुलदाउदी की लागत की कोई जांची हुई भारतीय तालिका या मौजूदा डंडी का भाव नहीं मिला, इसलिए कमाई वाले हिस्से में सिर्फ हिसाब का तरीका दिया है और भाव उस स्थानीय मंडी पर छोड़ा है जहां आप बेचेंगे।

भारत में यह कहां चलती है

  • जलवायु: TNAU ढांचे के अंदर 16 से 25 °C तापमान और 70 से 85% सापेक्ष नमी का लक्ष्य बताता है, और बंद, अच्छी तरह संभाले गए हाउस में CO2 600 से 900 ppm। गुलदाउदी छोटे दिन का पौधा है, इसलिए फूल आने का समय दिन की लंबाई से तय किया जाता है।
  • कहां: पॉलीहाउस या शेड-नेट की खेती उन जगहों के लिए ठीक है जो फूल बेचने वालों और आयोजनों की मांग वाले बड़े शहरों के पास हों, और जहां ढांचा साल के ज्यादातर समय 16 से 25 °C बनाए रख सके। गर्म मैदानों में हाउस के अंदर गर्मी का तापमान सबसे बड़ी रुकावट है। राज्य के बागवानी विभाग से पूछें कि किन जिलों में कट फूल के क्लस्टर चल रहे हैं।
  • उगाने का माध्यम: TNAU अच्छे जल निकास वाली रेतीली दोमट, या मिट्टी, कम्पोस्ट और कोकोपीट का 1:1:2 वाला माध्यम बताता है, pH 5.5 से 6.5, और 1 मीटर चौड़ी व 0.3 मीटर ऊंची क्यारियों पर।

किस्में

किस्मप्रकार / स्रोतटिप्पणी
Bonfire Orange, Bonfire YellowStandard (एक डंडी पर एक बड़ा फूल), TNAU की सूची मेंकली छांटें: ऊपर की कली रखें, बगल की कलियां हटाएं
Reagan Yellow, Reagan White, NanakoSpray (एक डंडी पर कई फूल), TNAU की सूची मेंऊपर की बड़ी कली हटाएं ताकि बगल की कलियां साथ खिलें
Arka RaviICAR-IIHR; कोरियन प्रकार, आड़ू रंग के फूलकट फूल के लिए ठीक
Arka Ravi KiranICAR-IIHR; लालिमा लिए भूरे तारे जैसे फूलकट फूल और गुलदस्तों के लिए
  • कई कट किस्में विदेश से आई पेटेंट वाली किस्में हैं। जड़ वाली कलमें सिर्फ ऐसी नर्सरी से लें जो किस्म का नाम बता सके और बिल दे, और पक्का कर लें कि किस्म आपके मौसम में चलती है।
  • ICAR-IIHR बेंगलुरु दूसरी Arka गुलदाउदी भी देता और बताता है, जो ज्यादातर माला, गमले या क्यारी के लिए हैं, इसलिए किस्म चुनने से पहले उसका इस्तेमाल देख लें।

रोपण सामग्री और दूरी

  • कलमें: TNAU स्वस्थ मदर पौधों से 5 से 7 सेमी लंबी सिरे की कलमें बताता है, जिन्हें 1,000 ppm IBA से जड़ें निकलवाई जाती हैं।
  • दूरी: 15 x 15 सेमी पर क्यारी के प्रति वर्ग मीटर 45 पौधे; 10 x 15 सेमी पर प्रति वर्ग मीटर 67 पौधे।
  • पिंचिंग: पहली पिंचिंग रोपाई के करीब 3 हफ्ते बाद और दूसरी करीब 5 हफ्ते बाद।

दिन की लंबाई, खाद और पानी

  • बढ़वार की अवस्था (4 से 5 हफ्ते): 13 घंटे रोशनी और 11 घंटे अंधेरा। छोटे दिनों के मौसम में रात में 2 से 3 घंटे की रोशनी (night-break) से पौधे बढ़वार में रहते हैं।
  • फूल की अवस्था (5 से 6 हफ्ते के बाद): 10 घंटे रोशनी और 14 घंटे अंधेरा। जहां दिन लंबे हों, वहां क्यारियों पर काला कपड़ा डालकर 14 से 16 घंटे अंधेरा दिया जाता है।
  • खाद (TNAU): आधार में DAP 50 ग्राम प्रति वर्ग मीटर, फिर हर हफ्ते fertigation से 20:20:10 ग्राम NPK प्रति वर्ग मीटर।
  • पानी (TNAU): ड्रिप से करीब 8 से 9 लीटर प्रति वर्ग मीटर प्रति दिन। देखें drip irrigation।
  • खुला खेत: ICAR-IIHR की प्रति हेक्टेयर 100:50:100 किलो NPK की सिफारिश (करीब 40:20:40 किलो प्रति एकड़) केरल कृषि विश्वविद्यालय के एक किस्म ट्रायल में इस्तेमाल हुई, जिसमें 40 x 40 सेमी की दूरी रखी गई थी।

कीट और रोग

  • TNAU कीटों में leaf miner, thrips, aphids और red spider mite, और रोगों में white rust, पत्ती धब्बा, उकठा और powdery mildew गिनाता है।
  • नमी वाले पॉलीहाउस में फफूंद रोग ज्यादा फैलते हैं: हवा चलती रखें, शाम को पत्तियां गीली न करें और बीमार पौधे जल्दी निकाल दें। देखें pests। सिर्फ वही रसायन इस्तेमाल करें जो फसल के लिए पंजीकृत हों, लेबल के हिसाब से चलें और अपने KVK या बागवानी अधिकारी से पूछें; फूल बेचने वाले खराब या दागी फूल वापस कर देते हैं।

कटाई और उपज

  • अवस्था: standard किस्मों में TNAU के अनुसार तब काटें जब पंखुड़ियों की 2 से 3 कतारें फूल की डंडी से सीधी (लंबवत) खड़ी हों।
  • उपज (TNAU): अच्छी तरह चलाए गए पॉलीहाउस में प्रति फसल करीब 67 डंडियां प्रति वर्ग मीटर standard किस्मों में और 260 डंडियां प्रति वर्ग मीटर spray किस्मों में। इन्हें ऊपरी संदर्भ मानें; पहली बार उगाने वाले अक्सर इससे कम पाते हैं।
  • फसल दिन की लंबाई से तय होती है, इसलिए पॉलीहाउस में साल में कई फसलें ली जा सकती हैं, लेकिन तभी जब कटाई, मजदूर और बाजार की तारीखें मिलाकर चलें।
💡 सुझाव: 100 से 200 वर्ग मीटर क्यारी से शुरू करें, एक फसल आखिर तक उगाएं और उसे असली बाजार में बेचें, फिर कुछ बड़ा बनाएं। महंगा हिस्सा ढांचा और रोशनी है, कलमें नहीं।

लागत और कमाई

  • भारत में कट गुलदाउदी की मौजूदा, जांची हुई लागत की तालिका नहीं मिली, इसलिए यहां कुल लागत या मुनाफा नहीं दिया गया है। सबसे बड़ा खर्च पॉलीहाउस है; कोटेशन लिखित में लें और मौजूदा MIDH या राज्य दर के लिए polyhouse subsidy और subsidy finder देखें।
  • आय का हिसाब: प्रति वर्ग मीटर डंडियां x प्रति डंडी भाव x क्यारी का क्षेत्र। 67 डंडियों वाली standard किस्म में प्रति डंडी हर ₹1 पर क्यारी के प्रति वर्ग मीटर ₹67; 260 डंडियों वाली spray किस्म में हर ₹1 पर ₹260। डंडियां अक्सर गुच्छे में बिकती हैं, इसलिए पहले स्थानीय गुच्छे का भाव प्रति डंडी भाव में बदलें।
  • इसमें से कलमें, रोशनी की बिजली, पिंचिंग, कली छांटने और पैकिंग की मजदूरी, पैकिंग का सामान, ढुलाई और मंडी का कमीशन घटाएं, और ढांचे की लागत को उतने सालों में बांटें जितने साल वह चलेगा।

बाजार और जोखिम

  • खरीदार थोक फूल मंडियां, फूल बेचने वाले, आयोजन सजावट वाले और गुलदस्ता बनाने वाले हैं। भाव त्योहारों और शादी के मौसम के साथ ऊपर नीचे होता है, और एक ही तारीख पर ज्यादा कटाई से भाव गिर सकता है।
  • फूलों को ठंडी और तेज ढुलाई चाहिए। कुछ घंटों में पहुंचने वाली मंडी में बेचना दूर की मंडी से कहीं सुरक्षित है।
  • मिलकर बेचने से मात्रा बनती है; देखें FPO। जहां सूचीबद्ध हो वहां mandi bhav पर रोज के भाव देखें, हालांकि फूल मंडियां अक्सर स्थानीय भाव बोलती हैं।
  • अगर संरक्षित हाउस का खर्च नहीं उठा सकते, तो गेंदा और छोटे फूल वाली गुलदाउदी खुले खेत के आसान विकल्प हैं।

स्रोत