कार्नेशन संरक्षित खेती का कट फ्लावर है: यह केवल ठंडी, तेज रोशनी और कम नमी वाली जलवायु में पॉलीहाउस में फायदा देता है, इसके लिए फूल मंडी में खरीदार चाहिए और बड़ा निवेश लगता है। भारत के प्रकाशित अध्ययन महाराष्ट्र के पुणे और सतारा तथा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के हैं, और दिखाते हैं कि करीब एक एकड़ के पॉलीहाउस को बनाने में ₹36.95 लाख और हर साल चलाने में करीब ₹46 लाख लगते हैं।

एक रोपाई से फसल करीब दो साल फूल देती है। इन्हीं अध्ययनों से पता चलता है कि मुनाफा इकाई के आकार और फूल के भाव पर बहुत निर्भर है: छोटी इकाइयों में लाभ लागत अनुपात केवल 1.18 रहा, बड़ी इकाइयों में 1.56 से 1.67।

जलवायु और स्थान

  • तापमान और नमी: TNAU के अनुसार दिन में 18 से 24 डिग्री सेल्सियस, रात में 10 से 15 डिग्री सेल्सियस और सापेक्ष आर्द्रता 70 से 75%। गर्म मैदानी गर्मी और गर्म रातों में ढांचे को ठंडा न करें तो गुणवत्ता घटती है।
  • मिट्टी: अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट, pH 5.5 से 6.5। भारी, जलभराव वाली मिट्टी में उकठा रोग लगता है।
  • कहां उगाई जाती है: महाराष्ट्र के पुणे और सतारा जिले, और हिमाचल प्रदेश का बिलासपुर। अन्य ठंडी जलवायु वाले स्थानों के लिए राज्य बागवानी विभाग से पूछें। पॉलीहाउस के डिजाइन और सब्सिडी के लिए पॉलीहाउस सब्सिडी देखें।

प्रकार और किस्में

स्टैंडर्ड कार्नेशन में एक डंठल पर एक बड़ा फूल होता है; स्प्रे प्रकार में कई छोटे फूल। TNAU ने नीचे की किस्मों को प्रचलित बताया है, और प्रजनकों की सूची के साथ नाम बदलते रहते हैं, इसलिए चुनने से पहले खरीदार से पूछें कि कौन से रंग बिक रहे हैं।

प्रकारलालसफेदगुलाबी
स्टैंडर्डDomingo, MasterBaltico, White LibertyDona, Charmant
स्प्रेRed Eye, Red FuegoWhite Prestige, Milky WayRosa Bebe, Spur

पौध सिरे की कटिंग से तैयार होती है, इसलिए भरोसेमंद प्रवर्धक से प्रमाणित रोगमुक्त कटिंग खरीदें।

रोपाई, दूरी और प्रशिक्षण

  • कटिंग: 5 से 10 सेमी की सिरे की कटिंग, जड़ निकलने के लिए NAA 500 ppm से उपचारित (TNAU)।
  • दूरी: 15 x 15 सेमी, प्रति क्यारी छह कतारें (क्यारी के प्रति वर्ग मीटर 25 पौधे) या चार कतारें (प्रति वर्ग मीटर 22)। यानी क्यारी वाले क्षेत्र के प्रति एकड़ करीब 90,000 से 1,00,000 पौधे, रास्ते घटाने पर कम। अन्य अध्ययनों में संकरी दूरी पर 30 से 45 पौधे प्रति वर्ग मीटर भी लगाए गए हैं।
  • पिंचिंग: पौधे में 5 गांठें होने पर एक बार पिंचिंग से करीब छह पार्श्व शाखाएं निकलती हैं (TNAU)।
  • सहारा: जाली की चार परतें, नीचे 7.5 x 7.5 सेमी से ऊपर 15 x 15 सेमी तक की आंख वाली, फसल बढ़ने के साथ ऊपर उठाई जाती हैं और डंठल सीधे रखती हैं (TNAU)।

पोषण और सिंचाई

  • आधार खुराक: रोपाई से पहले क्यारियों में नीम खली 2.5 टन/हेक्टेयर और फॉस्फोरस 400 ग्राम प्रति 100 वर्ग फुट (TNAU)।
  • कली बनने तक फर्टिगेशन (TNAU): अमोनियम नाइट्रेट 3 ग्राम, पोटैशियम नाइट्रेट 5 ग्राम और कैल्शियम नाइट्रेट 8 ग्राम प्रति वर्ग मीटर प्रति सप्ताह। बाद में टॉप ड्रेसिंग 2.5 ग्राम प्रति पौधा प्रति माह है; मिट्टी और पानी की जांच के आधार पर कार्यक्रम बदलने के लिए स्थानीय KVK से पूछें।
  • पानी: 30 सेमी पर ड्रिपर वाली ड्रिप, प्रति वर्ग मीटर प्रति दिन करीब 4 से 6 लीटर। देखें ड्रिप सिंचाई।

कीट और रोग

  • कीट: माहू, थ्रिप्स, मकड़ी (माइट) और कली छेदक (TNAU)। कीट रोधी जाली, पीले और नीले चिपचिपे ट्रैप और नियमित निगरानी रखें; रसायन केवल लेबल और KVK की सलाह पर चुनें, और देखें कीट।
  • रोग: फ्यूजेरियम उकठा, अल्टरनेरिया पत्ती धब्बा, ग्रे मोल्ड और कैलिक्स का फटना (TNAU)। उकठा मिट्टी में रहता है, इसलिए साफ कटिंग, अच्छे जल निकास वाली ऊंची क्यारी और उपचारित या ताजी मिट्टी इस्तेमाल करें; ग्रे मोल्ड नमी के साथ बढ़ता है, इसलिए हवा आने दें।

कटाई और उपज

  • पहले फूल: रोपाई के 110 से 120 दिन बाद (TNAU)।
  • अवस्था: स्टैंडर्ड प्रकार पेंट ब्रश अवस्था पर; स्प्रे प्रकार जब दो फूल खुल जाएं और बाकी कलियों में रंग दिखे (TNAU)।
  • उपज: TNAU के अनुसार दो साल में करीब 15 फूल प्रति पौधा, यानी 350 से 375 डंठल प्रति वर्ग मीटर। TNAU औसतन करीब 8 डंठल प्रति पौधा प्रति वर्ष भी बताता है, इसलिए जब तक आपकी अपनी फसल साबित न करे, निचले आंकड़े पर योजना बनाएं।

लागत और आमदनी

अध्ययनपरिणाम
पुणे और सतारा, महाराष्ट्र, 60 पॉलीहाउस उत्पादक, 2018-19पूंजी निवेश ₹36.95 लाख; खेती की लागत ₹46.07 लाख प्रति एकड़; कुल आय ₹77.30 लाख; शुद्ध आय ₹31.24 लाख; लाभ लागत अनुपात 1.67; IRR 39%; स्थिर लागत कुल का 52.75%
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश, 2021भाव ₹3,050 से ₹3,071 प्रति 1,000 डंठल के डिब्बे; 500 वर्ग मीटर से छोटे पॉलीहाउस में लाभ लागत अनुपात 1.18 और 500 वर्ग मीटर से बड़े में 1.56; IRR 44.1% और 229%

ये अध्ययन के औसत हैं, गारंटी नहीं। महाराष्ट्र के आंकड़े बड़े बाजारों में बेचने वाले स्थापित उत्पादकों के थे, और हिमाचल का परिणाम दिखाता है कि छोटी इकाई में मार्जिन पतला होता है, इसलिए फूल के भाव में थोड़ी गिरावट या फसल विफल होने से मुनाफा खत्म हो सकता है। स्थिर लागत (ढांचा, पौध सामग्री, मजदूरी) कुल के आधे से ज्यादा है, इसलिए फ्यूजेरियम या गर्मी से फसल विफल हो तो ज्यादातर निवेश डूब जाता है। भाव मौसम और त्योहार के साथ रोज बदलते हैं; आमदनी का अनुमान लगाने से पहले अपना बाजार देखें। ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड देखें।

बाजार और बिक्री

  • कटे डंठल लंबाई के अनुसार ग्रेड होते हैं और 1,000 डंठल के डिब्बों में थोक व्यापारियों, फूल वालों और सजावटकर्ताओं को बिकते हैं, इसलिए खेत के पास की फूल मंडी से जुड़ाव जरूरी है।
  • भाव शादी और त्योहार के मौसम और उसी समय कितने दूसरे उत्पादक फूल काट रहे हैं, इससे घटते बढ़ते हैं, इसलिए थोक व्यापारी से पिछले साल की मासिक दरें पूछें।
  • कार्नेशन की फूलदान उम्र लंबी होती है, जिससे परिवहन में मदद मिलती है, पर कटाई के बाद भी ठंडी श्रृंखला चाहिए। बड़ी इकाइयां निर्यात खरीदार भी देख सकती हैं।
💡 सुझाव: बनाने से पहले दो चालू कार्नेशन पॉलीहाउस देखें, उनके पिछले 12 महीनों के डिब्बा भाव और पौध नुकसान पूछें, और कटिंग आपूर्तिकर्ता पक्का करें। 500 वर्ग मीटर की इकाई में एकड़ से कम जोखिम है, पर हिमाचल अध्ययन के अनुसार मार्जिन बहुत पतला है।

स्रोत