बायोफ्लॉक मछली पालन भारत में एक तकनीकी, बिजली पर निर्भर टैंक प्रणाली के रूप में चलता है, जो प्रशिक्षित किसानों के लिए ठीक है जिनके पास भरोसेमंद बिजली, जिंदा या ताजी मछली का खरीदार और एक असफल बैच झेलने लायक पैसा हो। यह तालाब से बहुत कम पानी लेता है, पर यह जल्दी पैसा कमाने का सस्ता तरीका नहीं है: आहार उत्पादन लागत का 40 से 60% है, वायुसंचार 24 घंटे चलता है, और कुछ मिनट की बिजली कटौती टैंक बर्बाद कर सकती है।
बायोफ्लॉक में शीरा या गुड़ जैसा कार्बन स्रोत डाला जाता है ताकि हेटेरोट्रॉफिक बैक्टीरिया मछली का अपशिष्ट अमोनिया ले लें और फ्लॉक बनाएं, जिसे मछली खा सकती है। पानी का बदलाव लगभग शून्य है (एक समीक्षा में रोज 0.5 से 1%)। भारत का कोई प्रमाणित व्यावसायिक लागत, भाव या मुनाफे का आंकड़ा नहीं मिला, इसलिए यह गाइड शोध के मान और वह गणित देती है जो आप खुद कर सकते हैं।
कहां चलता है
- जलवायु और बिजली: उष्णकटिबंधीय प्रजातियां 28 से 30 डिग्री C पर सबसे अच्छी बढ़ती हैं, जो भारत के कई इलाकों में साल के बड़े हिस्से में मिलता है, पर जहां बिजली महंगी या अनिश्चित हो वहां इस तकनीक को अव्यावहारिक बताया गया है। ठंडी सर्दी वाले इलाकों में पानी को गर्म सीमा में रखने के लिए शेड या हीटिंग चाहिए।
- टैंक और जगह: भारतीय शोध ट्रायल 1,000 L FRP टैंक, 10,000 और 20,000 L टैंक इस्तेमाल करते हैं। टैंक छत या शेड नेट के नीचे रखें, एयरेटर के लिए बैकअप बिजली और गाद फेंकने की जगह रखें।
- पानी की खपत कम है: एक समीक्षा तिलापिया के प्रति किलो लगभग 0.071 m3 पानी बताती है, जबकि पारंपरिक प्रणाली में प्रति किलो 16.9 m3।
प्रजातियां
- समीक्षाएं तिलापिया, कार्प और झींगे को अच्छी तरह उपयुक्त और कुछ कैटफिश को चलने लायक बताती हैं। जो प्रजातियां ज्यादा निलंबित ठोस सहन नहीं कर सकतीं (जैसे बड़ा मीठे पानी का झींगा) उन्हें अनुपयुक्त बताया गया है।
- भारतीय ट्रायल में स्टिंगिंग कैटफिश (Heteropneustes fossilis), स्ट्राइप्ड कैटफिश (Pangasianodon hypophthalmus), सिल्वर बार्ब (Puntius gonionotus), पेंगबा (Osteobrama belangeri) और Labeo gonius इस्तेमाल हुई हैं।
- विदेशी बायोफ्लॉक शोध की हर प्रजाति भारत में अपने आप अनुमत नहीं है (साहित्य में नामित अफ्रीकी कैटफिश एक उदाहरण है)। इस गाइड के लिए नियम पक्के नहीं किए गए; बीज खरीदने से पहले प्रजाति और बीज स्रोत अपने राज्य मत्स्य विभाग से पक्का करें।
पानी की गुणवत्ता और रोज का प्रबंधन
| पैरामीटर | समीक्षाओं में लक्ष्य | क्यों मायने रखता है |
|---|---|---|
| घुली ऑक्सीजन | 4 mg/L से ऊपर (संतृप्ति का कम से कम 60%); एक और समीक्षा 5 mg/L से ऊपर कहती है | मछली और फ्लॉक बैक्टीरिया दोनों ऑक्सीजन लेते हैं; बंद एयरेटर पूरे टैंक के नुकसान का मुख्य कारण है |
| pH | 6.8 से 8.0 | 7 से नीचे बायोफ्लॉक में आम है पर नाइट्रीकरण धीमा कर सकता है |
| क्षारीयता | CaCO3 के रूप में 100 mg/L से ऊपर (एक समीक्षा में 100 से 150) | नाइट्रीकरण इसे खर्च करता है, इसलिए इसे ऊपर से देना पड़ता है |
| कुल अमोनिया नाइट्रोजन | 1 mg/L से नीचे | pH बढ़ने पर जहरीलापन बढ़ता है |
| नाइट्राइट | 1 mg/L से नीचे | इसे नियंत्रित करना सबसे कठिन पैरामीटर बताया गया है |
| निलंबित ठोस | 500 mg/L से नीचे (अधिकतम 1,000 से नीचे) | ज्यादा ठोस त्वचा में जलन करते हैं और गलफड़े बंद करते हैं |
| जमा फ्लॉक (Imhoff cone) | वयस्क तिलापिया के लिए 20 से 50 mL/L; फिंगरलिंग के लिए 5 से 20 | गाद कब निकालनी है यह बताता है |
| तापमान | उष्णकटिबंधीय प्रजातियों के लिए 28 से 30 डिग्री C सबसे अच्छा | ठंडा पानी मछली और बैक्टीरिया को धीमा करता है |
| C:N अनुपात | 10 से ऊपर; ट्रायल में 10:1 और 15:1 रखा गया; समीक्षाएं 15 से 20:1 बताती हैं | कार्बन (शीरा, गुड़, स्टार्च, गेहूं का आटा, फर्मेंटेड चावल की भूसी) इसलिए डाला जाता है ताकि बैक्टीरिया अमोनिया ले लें |
- शुरुआत: नाइट्रीकरण करने वाले बैक्टीरिया जमने में चार हफ्ते तक लग सकते हैं; 24 से 48 घंटे वायुसंचार किए फर्मेंटेड कार्बन से टीका लगाना इसे तेज करने का एक तरीका है। एक समीक्षा फ्लॉक आयतन, ऑक्सीजन, pH, क्षारीयता, अमोनिया, नाइट्राइट और नाइट्रेट की लगातार निगरानी पर जोर देती है।
- वायुसंचार: लगातार चलना चाहिए; रुक रुक कर वायुसंचार अभी केवल शोध में है। बायोफ्लॉक तालाबों में प्रति हेक्टेयर कम से कम 25 HP वायुसंचार चाहिए बताया गया है, जबकि पारंपरिक तालाब में लगभग 3 HP, इसलिए बिजली एक बड़ी चालू लागत है।
- एक समीक्षा बताती है कि बायोफ्लॉक में तिलापिया कम प्रोटीन वाले आहार (36% की जगह 28%) पर चल सकती है और आहार की मात्रा 50% तक घट सकती है, हालांकि हर ट्रायल इस तक नहीं पहुंचता।
संग्रहण घनत्व और ट्रायल के नतीजे
| ट्रायल | स्थिति | नतीजा |
|---|---|---|
| स्टिंगिंग कैटफिश (ICAR-CIFRI, बैरकपुर) | 1,000 L FRP टैंकों में 750 L पानी, 800 मछली/m3, गुड़ के साथ C:N 15:1, 91 दिन | अंतिम वजन 8.7 g, FCR 1.21 (सबसे अच्छा समूह); नाइट्राइट 1.37 mg/L तक पहुंचा |
| स्ट्राइप्ड कैटफिश + सिल्वर बार्ब + स्टिंगिंग कैटफिश (ICAR-CIFA, भुवनेश्वर) | 800 L कार्यशील आयतन, 187.5 जुवेनाइल/m3, शीरे के साथ C:N 10:1, 90 दिन | 100% उत्तरजीविता, FCR 1.66, प्रति टैंक 5.4 किलो बायोमास |
| पेंगबा जुवेनाइल (ICAR-CIFA) | 20,000 L टैंक, 20 से 50 मछली/m3, 210 दिन | उत्तरजीविता 94.7 से 97.7%, FCR 2.04 से 2.72, सबसे अच्छे घनत्व पर लाभ लागत अनुपात केवल 1.25 |
| रेड तिलापिया (मिस्र) | 1 m3 टैंक, 50 से 200 मछली/m3, छह महीने | उत्तरजीविता 87.7 से 95%, अंतिम वजन 195 से 261 g, FCR 0.87 से 1.92; सबसे अच्छा लाभ 18 ppt खारेपन पर |
घनत्व प्रजाति और आकार के अनुसार अलग है: समीक्षाएं शोध में तिलापिया जुवेनाइल प्रति m3 1,000 तक और कार्प लगभग 250 प्रति m3 बताती हैं, लेकिन तालिका में ऊंचे घनत्व के ट्रायल में FCR खराब और मुनाफा कम है, इसलिए कम से शुरू करें और पानी की गुणवत्ता टिके तभी बढ़ाएं।
लागत और आय
- बताई गई लागत संरचना: एक समीक्षा दुनिया भर में स्थापना लागत US$7.56 से US$48.76 प्रति m2 या m3, आहार कुल उत्पादन लागत का 40 से 60%, और वायुसंचार की बिजली कुल लागत का 6.39 से 21.52% बताती है। तारपोलिन या FRP टैंक इकाइयों की कोई प्रमाणित भारतीय रुपये की लागत नहीं मिली।
- ट्रायल की आय पतली है: ICAR-CIFA के पेंगबा अध्ययन में जुवेनाइल चरण ने अपने सबसे अच्छे घनत्व पर केवल 1.25 का लाभ लागत अनुपात दिया (ट्रायल में शुद्ध लाभ लगभग US$17.61), जबकि छोटे फ्राई और फिंगरलिंग चरण बेहतर रहे (3.36 और 2.38)। उस ट्रायल में बीज उत्पादन और नर्सरी का काम ग्रो-आउट से ज्यादा कमा सकता है।
- गणित जो आप कर सकते हैं: ICAR-CIFA के पॉलीकल्चर ट्रायल में 90 दिन में 0.8 m3 से 5.4 किलो मिला, यानी लगभग 6.8 किलो प्रति m3। उस दर पर 10,000 L (10 m3) का टैंक प्रति चक्र लगभग 68 किलो देता है; बिक्री भाव के हर ₹100 प्रति किलो पर यह आहार, बिजली, कार्बन स्रोत, बीज और मजदूरी से पहले प्रति टैंक प्रति चक्र ₹6,800 है। अपना बाजार भाव और अपनी लागत इस्तेमाल करें; व्यावसायिक उपज ज्यादा या कम हो सकती है।
बाजार और जोखिम
- बायोफ्लॉक मछली के लिए कोई खरीदार या भाव का आंकड़ा नहीं मिला। जहां मछली सूचीबद्ध हो वहां मंडी भाव पर थोक भाव जांचें, और संग्रहण से पहले खरीदार तय करें।
- मुख्य जोखिम: बिजली या एयरेटर की खराबी (कुछ मिनट घातक हो सकते हैं), अमोनिया या नाइट्राइट का उछाल, क्षारीयता का घटना, रोग, और पतला स्थानीय बाजार। तकनीक को अभी पूरी तरह अनुमान योग्य नहीं बताया गया है, और कर्मचारियों का कौशल एक मानी हुई बाधा है।
- उन विक्रेताओं से सावधान रहें जो टैंक, बीज और वादा किया बाय-बैक पैकेज में बड़े मुनाफे के दावों के साथ बेचते हैं; चालू इकाई के खेत के आंकड़े मांगें और खेत पर जाकर जांचें।
- मत्स्य विभाग की योजना (PMMSY) के तहत कुछ बायोफ्लॉक इकाइयों के लिए सब्सिडी है, लेकिन मौजूदा इकाई लागत और दर यहां पक्की नहीं हो सकी। अपने जिला मत्स्य अधिकारी से पूछें, और सब्सिडी खोजक और किसान क्रेडिट कार्ड देखें।
स्रोत
- Biofloc Technology (BFT) in aquaculture: what goes right, what goes wrong, PMC
- Biofloc technology: emerging microbial biotechnology for the improvement of aquaculture productivity, PMC
- Sustainable utilization of aquaculture waste: review of biofloc technology and aquamimicry, PMC
- A review on biofloc system technology, history, types and future economical perceptions in aquaculture, PMC
- Microbial inoculums and Heteropneustes fossilis in biofloc, ICAR-CIFRI, PMC
- Freshwater biofloc polyculture of Puntius gonionotus, Pangasianodon hypophthalmus and Heteropneustes fossilis, ICAR-CIFA, PMC
- Stocking density in biofloc-reared pengba, ICAR-CIFA, PMC
- Salinity and stocking density for red tilapia in a zero-water-exchange biofloc system, PMC
