नैनीताल ज़िले में खेती: पहाड़ी बागवानी और भाबर की खेती
उत्तराखंड का नैनीताल ज़िला पहाड़ी बागवानी और भाबर की खेती के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन गौला, कोसी से सिंचित होती है और मुख्यतः पहाड़ी और भाबर मिट्टी पर है, जो फल, सब्जियाँ, गेहूँ के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं नैनीताल की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
नैनीताल में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें फल, सब्जियाँ, गेहूँ, धान हैं। फल स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए नैनीताल के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की पहाड़ी और भाबर मिट्टी विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त है।
नैनीताल में मिट्टी, पानी और सिंचाई
पहाड़ी और भाबर मिट्टी और गौला, कोसी के पानी के साथ, नैनीताल के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
नैनीताल में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में नैनीताल में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें गेहूँ, धान / चावल, सोयाबीन थीं। अकेले गेहूँ का रकबा 18,749 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 44%) था, और इसकी उपज 4,047 किग्रा/हेक्टेयर उत्तराखंड के औसत से 22% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: मक्का का रकबा -39%, गन्ना का रकबा -33%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | उत्तराखंड औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| गेहूँ | 18,749 | 75,872 | 4,047 | 3,310 | -11% |
| धान / चावल | 11,037 | 38,060 | 3,448 | 2,710 | -5% |
| सोयाबीन | 4,037 | 7,056 | 1,748 | 1,454 | -11% |
| मक्का | 2,315 | 5,990 | 2,587 | 2,743 | -39% |
| उड़द | 2,087 | 2,580 | 1,236 | 918 | +16% |
| गन्ना | 1,838 | 1,48,452 | 80,767 | 84,659 | -33% |
| रागी | 1,384 | 2,228 | 1,610 | 1,583 | -28% |
| चना / छोला | 673 | 604 | 898 | 845 | +46% |
| जौ | 423 | 671 | 1,586 | 1,472 | -50% |
| मसूर | 327 | 314 | 960 | 807 | +12% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। उत्तराखंड औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
नैनीताल का मौसम और बुवाई का समय
नैनीताल में सालाना औसतन लगभग 1299 मिमी बारिश होती है, जिसका 83% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (397 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 35°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 5°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 83% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 5°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 32 | 17° | 5° |
| फ़रवरी | 44 | 20° | 7° |
| मार्च | 31 | 25° | 11° |
| अप्रैल | 30 | 31° | 16° |
| मई | 48 | 35° | 20° |
| जून | 160 | 34° | 22° |
| जुलाई | 397 | 29° | 22° |
| अगस्त | 326 | 27° | 21° |
| सितंबर | 194 | 26° | 19° |
| अक्टूबर | 20 | 25° | 14° |
| नवंबर | 5 | 22° | 10° |
| दिसंबर | 12 | 19° | 6° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), नैनीताल ज़िले के केंद्र (29.295, 79.4163) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
नैनीताल के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
नैनीताल के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- उधम सिंह नगर - 28 km
- अल्मोड़ा - 45 km
- रामपुर, Uttar Pradesh - 60 km
- चंपावत - 67 km
- मुरादाबाद, Uttar Pradesh - 75 km
- बिजनौर, Uttar Pradesh - 91 km
नैनीताल ज़िले में किसान योजनाएं
नैनीताल, उत्तराखंड के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: