पाली ज़िले में खेती: पश्चिमी शुष्क क्षेत्र
राजस्थान मुख्य रूप से पश्चिमी शुष्क क्षेत्र कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (शुष्क गर्म रेगिस्तानी, पूरे क्षेत्र में सालाना 100-400mm बारिश)। इस क्षेत्र में थार रेगिस्तान का किनारा, सूखा सहने वाले मोटे अनाज, दालें और सिंचित सरसों आम है, मिट्टी ज़्यादातर बलुई रेगिस्तानी और खारी है और आमतौर पर बाजरा, मोठ, ग्वार दाना, जीरा, सरसों / राई, गेहूँ उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), पाली की फसल गणना नहीं। पाली की अपनी मंडियों में असल में क्या बिकता है, वह नीचे है। मौसम वाले हिस्से में पाली की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
पाली में मंडी भाव
पाली की मंडियों (Pali APMC) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Beetroot | ₹1,550 | ₹1,550 | ₹1,550 |
| Potato | ₹950 | ₹950 | ₹950 |
स्रोत: पाली, राजस्थान की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
पाली में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में पाली में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें मूंग, चना / छोला, गेहूँ थीं। अकेले मूंग का रकबा 1,82,353 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 30%) था, और इसकी उपज 307 किग्रा/हेक्टेयर राजस्थान के औसत से 41% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: बाजरा का रकबा -61%, अरंडी का रकबा +40%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | राजस्थान औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| मूंग | 1,82,353 | 55,973 | 307 | 516 | -28% |
| चना / छोला | 1,09,666 | 1,06,713 | 973 | 1,215 | -15% |
| गेहूँ | 78,895 | 2,17,171 | 2,753 | 3,559 | -21% |
| सरसों / राई | 63,182 | 40,392 | 639 | 1,552 | +7% |
| ज्वार | 54,058 | 31,786 | 588 | 811 | -33% |
| तिल | 48,980 | 16,049 | 328 | 363 | -15% |
| ग्वार दाना | 19,556 | 12,925 | 661 | 662 | -23% |
| कपास | 17,558 | 68,425 | 663 | 2,847 | +6% |
| अरंडी | 11,806 | 11,121 | 942 | 1,535 | +40% |
| बाजरा | 11,684 | 13,361 | 1,144 | 1,147 | -61% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। राजस्थान औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
पाली का मौसम और बुवाई का समय
पाली में सालाना औसतन लगभग 461 मिमी बारिश होती है, जिसका 92% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश अगस्त में (157 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 42°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 9°C) होती हैं।
- आमतौर पर जुलाई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 92% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- सालाना लगभग 461 मिमी बारिश के साथ यह सूखा इलाका है: बाजरा, ग्वार, मोठ, दलहन जैसी सख्त फसलें, जल संचयन और ड्रिप सिंचाई सबसे फायदेमंद हैं।
- मई में दिन का औसत 42°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 2 | 25° | 9° |
| फ़रवरी | 4 | 29° | 12° |
| मार्च | 3 | 34° | 17° |
| अप्रैल | 5 | 40° | 23° |
| मई | 12 | 42° | 27° |
| जून | 50 | 40° | 28° |
| जुलाई | 148 | 36° | 26° |
| अगस्त | 157 | 33° | 24° |
| सितंबर | 70 | 34° | 23° |
| अक्टूबर | 5 | 35° | 20° |
| नवंबर | 3 | 31° | 15° |
| दिसंबर | 2 | 27° | 11° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), पाली ज़िले के केंद्र (25.4552, 73.4194) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
पाली के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
पाली के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
पाली ज़िले में किसान योजनाएं
पाली, राजस्थान के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: