अलवर ज़िले में खेती: सरसों और डेयरी की पट्टी
राजस्थान का अलवर ज़िला सरसों और डेयरी की पट्टी के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन साबी, रूपारेल से सिंचित होती है और मुख्यतः बलुई दोमट मिट्टी पर है, जो सरसों, गेहूँ, बाजरा के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं अलवर की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
अलवर में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें सरसों / राई, गेहूँ, बाजरा, मोती बाजरा हैं। सरसों स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए अलवर के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की बलुई दोमट मिट्टी विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त है।
अलवर में मिट्टी, पानी और सिंचाई
बलुई दोमट मिट्टी और साबी, रूपारेल के पानी के साथ, अलवर के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
अलवर में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में अलवर में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें बाजरा, सरसों / राई, गेहूँ थीं। अकेले बाजरा का रकबा 1,48,790 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 37%) था, और इसकी उपज 1,741 किग्रा/हेक्टेयर राजस्थान के औसत से 52% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: कपास का रकबा -71%, जौ का रकबा -63%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | राजस्थान औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| बाजरा | 1,48,790 | 2,59,073 | 1,741 | 1,147 | -48% |
| सरसों / राई | 1,23,743 | 2,52,950 | 2,044 | 1,552 | -53% |
| गेहूँ | 83,275 | 3,40,594 | 4,090 | 3,559 | -54% |
| कपास | 21,299 | 50,454 | 403 | 2,847 | -71% |
| ज्वार | 14,847 | 11,313 | 762 | 811 | -22% |
| चना / छोला | 7,665 | 9,472 | 1,236 | 1,215 | -45% |
| जौ | 1,841 | 6,833 | 3,711 | 3,707 | -63% |
| तिल | 502 | 182 | 362 | 363 | -64% |
| मक्का | 378 | 965 | 2,552 | 2,658 | -83% |
| ग्वार दाना | 196 | 130 | 662 | 662 | -97% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। राजस्थान औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
अलवर का मौसम और बुवाई का समय
अलवर में सालाना औसतन लगभग 580 मिमी बारिश होती है, जिसका 83% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश अगस्त में (176 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 43°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 7°C) होती हैं।
- आमतौर पर जुलाई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 83% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 7°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मार्च में ही दिन का औसत 33°C हो जाता है, इसलिए देर से बोए गेहूँ में दाना भरते समय गर्मी का नुकसान हो सकता है। 15 नवंबर तक बुवाई सुरक्षित है।
- मई में दिन का औसत 43°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 11 | 22° | 7° |
| फ़रवरी | 14 | 27° | 10° |
| मार्च | 13 | 33° | 16° |
| अप्रैल | 12 | 39° | 23° |
| मई | 23 | 43° | 28° |
| जून | 62 | 42° | 30° |
| जुलाई | 165 | 37° | 28° |
| अगस्त | 176 | 34° | 26° |
| सितंबर | 81 | 34° | 23° |
| अक्टूबर | 14 | 33° | 19° |
| नवंबर | 4 | 29° | 14° |
| दिसंबर | 5 | 24° | 9° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), अलवर ज़िले के केंद्र (27.414, 76.617) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
अलवर के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
अलवर के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- कोटपूतली-बहरोड़ - 48 km
- डीग - 59 km
- खैरथल-तिजारा - 59 km
- दौसा - 70 km
- नूंह, Haryana - 77 km
- भरतपुर - 80 km
अलवर ज़िले में किसान योजनाएं
अलवर, राजस्थान के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: