यवतमाल ज़िले में खेती: पश्चिमी पठार और पहाड़ियाँ
महाराष्ट्र मुख्य रूप से पश्चिमी पठार और पहाड़ियाँ कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (अर्ध-शुष्क, पूरे क्षेत्र में सालाना 500-1000mm बारिश)। इस क्षेत्र में दक्कन की काली मिट्टी का क्षेत्र, कपास, तिलहन, गन्ना और बागवानी आम है, मिट्टी ज़्यादातर गहरी काली कपास मिट्टी (वर्टिसोल) है और आमतौर पर कपास, सोयाबीन, ज्वार, अरहर, गन्ना, प्याज, अंगूर उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), यवतमाल की फसल गणना नहीं। यवतमाल की अपनी मंडियों में असल में क्या बिकता है, वह नीचे है। मौसम वाले हिस्से में यवतमाल की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
यवतमाल में मंडी भाव
यवतमाल की मंडियों (Ghatanji APMC, Umarkhed APMC, Mahesh Krushi Utpanna Bazar, Digras, Dist Yeotmal, Umarked(Danki) APMC) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Bengal Gram(Gram)(Whole) | ₹4,500 | ₹5,650 | ₹5,314 |
| Soyabean | ₹6,600 | ₹7,200 | ₹6,845 |
| Red gram/Arhar/Tur(whole) | ₹6,500 | ₹7,400 | ₹6,964 |
| Wheat | ₹2,200 | ₹2,400 | ₹2,280 |
| Bajra(Pearl Millet/Cumbu) | ₹2,200 | ₹2,250 | ₹2,234 |
स्रोत: यवतमाल, महाराष्ट्र की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
यवतमाल में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में यवतमाल में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें कपास, सोयाबीन, चना / छोला थीं। अकेले कपास का रकबा 5,11,051 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 44%) था, और इसकी उपज 290 किग्रा/हेक्टेयर महाराष्ट्र के औसत से 84% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: गन्ना का रकबा +92%, उड़द का रकबा -66%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | महाराष्ट्र औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| कपास | 5,11,051 | 8,72,109 | 290 | 1,788 | +8% |
| सोयाबीन | 2,81,874 | 3,49,583 | 1,240 | 1,453 | -1% |
| चना / छोला | 1,40,102 | 1,73,951 | 1,242 | 1,031 | +23% |
| अरहर / तुअर | 1,11,425 | 1,26,766 | 1,138 | 1,160 | -19% |
| गेहूँ | 58,665 | 68,168 | 1,162 | 1,922 | +29% |
| गन्ना | 17,023 | 10,83,069 | 63,623 | 94,230 | +92% |
| ज्वार | 13,695 | 11,186 | 817 | 1,091 | -17% |
| तिल | 13,519 | 8,551 | 632 | 373 | +1215% |
| मूँगफली | 8,425 | 12,641 | 1,500 | 1,448 | 0% |
| मूंग | 5,729 | 2,650 | 462 | 640 | +2% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। महाराष्ट्र औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
यवतमाल का मौसम और बुवाई का समय
यवतमाल में सालाना औसतन लगभग 986 मिमी बारिश होती है, जिसका 87% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (285 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 44°C) और सबसे ठंडी रातें दिसंबर में (औसत 13°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 87% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- जनवरी में भी दिन का औसत तापमान 30°C रहता है, जो गेहूँ की अच्छी पैदावार के लिए ज़्यादा गर्म है; ठंड के मौसम में गर्मी सहने वाली दलहन, तिलहन और सब्ज़ियां बेहतर रहती हैं।
- मई में दिन का औसत 44°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 11 | 30° | 13° |
| फ़रवरी | 7 | 34° | 17° |
| मार्च | 19 | 38° | 21° |
| अप्रैल | 11 | 42° | 26° |
| मई | 16 | 44° | 29° |
| जून | 175 | 36° | 26° |
| जुलाई | 285 | 31° | 24° |
| अगस्त | 238 | 30° | 23° |
| सितंबर | 162 | 30° | 22° |
| अक्टूबर | 50 | 30° | 19° |
| नवंबर | 10 | 29° | 16° |
| दिसंबर | 2 | 29° | 13° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), यवतमाल ज़िले के केंद्र (20.0639, 78.3566) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
यवतमाल के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
यवतमाल के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- आदिलाबाद, Telangana - 63 km
- वर्धा - 89 km
- निर्मल, Telangana - 108 km
- वाशिम - 119 km
- चंद्रपुर - 120 km
- हिंगोली - 137 km
यवतमाल ज़िले में किसान योजनाएं
यवतमाल, महाराष्ट्र के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: