अमरावती ज़िले में खेती: विदर्भ की कपास और संतरा पट्टी
महाराष्ट्र का अमरावती ज़िला विदर्भ की कपास और संतरा पट्टी के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन वर्धा, पूर्णा से सिंचित होती है और मुख्यतः काली कपास मिट्टी मिट्टी पर है, जो कपास, सोयाबीन, अरहर के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं अमरावती की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
अमरावती में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें कपास, सोयाबीन, अरहर, संतरा हैं। कपास स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए अमरावती के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की काली कपास मिट्टी मिट्टी नमी रखती है और कपास, सोयाबीन, दलहन के लिए अच्छी है है।
अमरावती में मिट्टी, पानी और सिंचाई
काली कपास मिट्टी मिट्टी और वर्धा, पूर्णा के पानी के साथ, अमरावती के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
अमरावती में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में अमरावती में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें सोयाबीन, कपास, अरहर / तुअर थीं। अकेले सोयाबीन का रकबा 2,59,265 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 31%) था, और इसकी उपज 1,432 किग्रा/हेक्टेयर महाराष्ट्र के औसत से 1% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: तिल का रकबा +141%, मक्का का रकबा +117%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | महाराष्ट्र औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| सोयाबीन | 2,59,265 | 3,71,185 | 1,432 | 1,453 | +9% |
| कपास | 2,37,174 | 7,96,743 | 571 | 1,788 | -14% |
| अरहर / तुअर | 1,17,420 | 1,03,997 | 886 | 1,160 | +7% |
| चना / छोला | 1,12,009 | 1,55,296 | 1,386 | 1,031 | +18% |
| गेहूँ | 52,389 | 83,996 | 1,603 | 1,922 | +22% |
| मक्का | 26,213 | 56,941 | 2,172 | 2,922 | +117% |
| ज्वार | 10,230 | 9,271 | 906 | 1,091 | -27% |
| धान / चावल | 5,523 | 5,387 | 975 | 2,299 | -10% |
| मूंग | 3,776 | 746 | 198 | 640 | -70% |
| तिल | 2,816 | 528 | 187 | 373 | +141% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। महाराष्ट्र औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
अमरावती का मौसम और बुवाई का समय
अमरावती में सालाना औसतन लगभग 949 मिमी बारिश होती है, जिसका 88% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (271 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 43°C) और सबसे ठंडी रातें दिसंबर में (औसत 12°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 88% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- जनवरी में भी दिन का औसत तापमान 29°C रहता है, जो गेहूँ की अच्छी पैदावार के लिए ज़्यादा गर्म है; ठंड के मौसम में गर्मी सहने वाली दलहन, तिलहन और सब्ज़ियां बेहतर रहती हैं।
- मई में दिन का औसत 43°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 11 | 29° | 13° |
| फ़रवरी | 8 | 33° | 16° |
| मार्च | 18 | 37° | 20° |
| अप्रैल | 9 | 42° | 25° |
| मई | 16 | 43° | 28° |
| जून | 168 | 36° | 26° |
| जुलाई | 271 | 31° | 23° |
| अगस्त | 228 | 29° | 23° |
| सितंबर | 164 | 30° | 22° |
| अक्टूबर | 42 | 30° | 19° |
| नवंबर | 11 | 30° | 15° |
| दिसंबर | 3 | 29° | 12° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), अमरावती ज़िले के केंद्र (21.1545, 77.6443) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
अमरावती के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
अमरावती के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- अकोला - 64 km
- बैतूल, Madhya Pradesh - 84 km
- वाशिम - 105 km
- वर्धा - 107 km
- पांढुर्णा, Madhya Pradesh - 121 km
- बुरहानपुर, Madhya Pradesh - 133 km
अमरावती ज़िले में किसान योजनाएं
अमरावती, महाराष्ट्र के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: