भंडारा ज़िले में खेती: पश्चिमी पठार और पहाड़ियाँ
महाराष्ट्र मुख्य रूप से पश्चिमी पठार और पहाड़ियाँ कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (अर्ध-शुष्क, पूरे क्षेत्र में सालाना 500-1000mm बारिश)। इस क्षेत्र में दक्कन की काली मिट्टी का क्षेत्र, कपास, तिलहन, गन्ना और बागवानी आम है, मिट्टी ज़्यादातर गहरी काली कपास मिट्टी (वर्टिसोल) है और आमतौर पर कपास, सोयाबीन, ज्वार, अरहर, गन्ना, प्याज, अंगूर उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), भंडारा की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में भंडारा की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
भंडारा में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में भंडारा में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, चना / छोला, गेहूँ थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 2,49,828 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 83%) था, और इसकी उपज 2,284 किग्रा/हेक्टेयर महाराष्ट्र के औसत से 1% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: धान / चावल का रकबा +31%, गेहूँ का रकबा +30%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | महाराष्ट्र औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 2,49,828 | 5,70,567 | 2,284 | 2,299 | +31% |
| चना / छोला | 18,546 | 19,205 | 1,036 | 1,031 | +6% |
| गेहूँ | 12,929 | 18,881 | 1,460 | 1,922 | +30% |
| अरहर / तुअर | 9,427 | 4,117 | 437 | 1,160 | -9% |
| गन्ना | 3,485 | 2,73,850 | 78,575 | 94,230 | +1% |
| सरसों / राई | 2,860 | 1,416 | 495 | 403 | +611% |
| मक्का | 2,183 | 5,418 | 2,482 | 2,922 | - |
| अलसी | 616 | 316 | 513 | 318 | +1479% |
| सोयाबीन | 469 | 386 | 823 | 1,453 | +74% |
| कपास | 321 | 989 | 524 | 1,788 | +200% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। महाराष्ट्र औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
भंडारा का मौसम और बुवाई का समय
भंडारा में सालाना औसतन लगभग 1360 मिमी बारिश होती है, जिसका 89% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (397 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 44°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 12°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 89% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- मई में दिन का औसत 44°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 16 | 29° | 12° |
| फ़रवरी | 12 | 33° | 16° |
| मार्च | 20 | 37° | 20° |
| अप्रैल | 15 | 42° | 25° |
| मई | 24 | 44° | 29° |
| जून | 231 | 37° | 27° |
| जुलाई | 397 | 30° | 24° |
| अगस्त | 348 | 29° | 23° |
| सितंबर | 229 | 30° | 23° |
| अक्टूबर | 53 | 29° | 19° |
| नवंबर | 10 | 28° | 15° |
| दिसंबर | 5 | 28° | 12° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), भंडारा ज़िले के केंद्र (21.1226, 79.7945) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
भंडारा के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
भंडारा के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- गोंदिया - 56 km
- नागपुर - 81 km
- बालाघाट, Madhya Pradesh - 99 km
- राजनांदगांव, Chhattisgarh - 104 km
- चंद्रपुर - 118 km
- वर्धा - 127 km
भंडारा ज़िले में किसान योजनाएं
भंडारा, महाराष्ट्र के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: