पूर्वी सिंहभूम ज़िले में खेती: पूर्वी पठार और पहाड़ियाँ
झारखंड मुख्य रूप से पूर्वी पठार और पहाड़ियाँ कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (गर्म उप-आर्द्र, पूरे क्षेत्र में सालाना 1000-1600mm बारिश)। इस क्षेत्र में ऊबड़-खाबड़ आदिवासी पठार, अधिकतर वर्षा पर निर्भर खेती आम है, मिट्टी ज़्यादातर लाल, पीली और लेटराइट है और आमतौर पर धान / चावल, रागी, मक्का, दालें, तिलहन, रामतिल, तिल उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), पूर्वी सिंहभूम की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में पूर्वी सिंहभूम की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
पूर्वी सिंहभूम में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में पूर्वी सिंहभूम में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, सरसों / राई, मक्का थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 82,400 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 64%) था, और इसकी उपज 1,638 किग्रा/हेक्टेयर झारखंड के औसत से 14% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: सरसों / राई का रकबा +56%, अरहर / तुअर का रकबा -46%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | झारखंड औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 82,400 | 1,34,947 | 1,638 | 1,894 | +6% |
| सरसों / राई | 14,110 | 13,120 | 930 | 883 | +56% |
| मक्का | 9,241 | 22,035 | 2,385 | 2,418 | +1% |
| चना / छोला | 6,560 | 7,244 | 1,104 | 1,173 | +9% |
| गेहूँ | 4,966 | 10,426 | 2,100 | 2,201 | -5% |
| अरहर / तुअर | 4,400 | 4,334 | 985 | 1,177 | -46% |
| उड़द | 3,000 | 2,035 | 678 | 879 | -25% |
| मसूर | 2,613 | 2,169 | 830 | 859 | +9% |
| मूंग | 300 | 191 | 635 | 834 | -83% |
| रागी | 65 | 65 | 1,000 | 1,106 | - |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। झारखंड औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
पूर्वी सिंहभूम का मौसम और बुवाई का समय
पूर्वी सिंहभूम में सालाना औसतन लगभग 1522 मिमी बारिश होती है, जिसका 77% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (349 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना अप्रैल है (दिन का औसत 40°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 9°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 1522 मिमी बारिश के साथ मौसम में पानी भरपूर है; सिंचाई जितना ही खेत से पानी निकासी भी ज़रूरी है, और धान व बागानी फसलें यहां के मौसम के अनुकूल हैं।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 9°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मार्च में ही दिन का औसत 35°C हो जाता है, इसलिए देर से बोए गेहूँ में दाना भरते समय गर्मी का नुकसान हो सकता है। 15 नवंबर तक बुवाई सुरक्षित है।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 14 | 25° | 9° |
| फ़रवरी | 18 | 30° | 13° |
| मार्च | 25 | 35° | 19° |
| अप्रैल | 48 | 40° | 23° |
| मई | 111 | 40° | 25° |
| जून | 233 | 35° | 26° |
| जुलाई | 349 | 31° | 25° |
| अगस्त | 330 | 30° | 24° |
| सितंबर | 258 | 30° | 24° |
| अक्टूबर | 112 | 29° | 20° |
| नवंबर | 13 | 26° | 15° |
| दिसंबर | 11 | 24° | 10° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), पूर्वी सिंहभूम ज़िले के केंद्र (22.6132, 86.3819) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
पूर्वी सिंहभूम के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
पूर्वी सिंहभूम के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- सरायकेला-खरसावां - 50 km
- पुरुलिया, West Bengal - 66 km
- झाड़ग्राम, West Bengal - 70 km
- मयूरभंज, Odisha - 78 km
- पश्चिमी सिंहभूम - 90 km
- बांकुड़ा, West Bengal - 102 km
पूर्वी सिंहभूम ज़िले में किसान योजनाएं
पूर्वी सिंहभूम, झारखंड के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: