झारखंड में तिल: रकबा, उत्पादन और उपज

2024-25 में झारखंड में तिल का उत्पादन 1,587 टन (3,824 हेक्टेयर में, औसत उपज 415 किग्रा/हे.) रहा - ज़िलेवार आंकड़ों के अनुसार राज्यों में 15वां स्थान, देश के उत्पादन का 0%। 2019-20 की तुलना में उत्पादन -29% बदला।

वर्षरकबा (हेक्टेयर)उत्पादन (टन)उपज (किग्रा/हे.)
2019-205,8442,224381
2020-215,6472,197389
2021-225,1822,173419
2022-233,7681,648437
2023-243,4801,423409
2024-253,8241,587415

झारखंड में तिल के सबसे बड़े उत्पादक ज़िले (2024-25)

  1. Garhwa: 570 टन (36%), उपज 370 किग्रा/हे.
  2. Palamu: 266 टन (17%), उपज 525 किग्रा/हे.
  3. Latehar: 122 टन (8%), उपज 250 किग्रा/हे.
  4. Ranchi: 121 टन (8%), उपज 450 किग्रा/हे.
  5. Simdega: 109 टन (7%), उपज 600 किग्रा/हे.

स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। राज्य का आंकड़ा = ज़िलेवार अनुमानों का जोड़।

झारखंड में तिल की खेती

झारखंड भारत में तिल के प्रमुख उत्पादक राज्यों में से एक है। ऊपर दिए गए भाव झारखंड की APMC मंडियों के थोक भाव हैं। असली भाव ग्रेड, नमी और आवक पर निर्भर करता है।

तिल एमएसपी और खरीद

तिल का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹10,346/क्विंटल है। झारखंड में सरकारी एजेंसियां इसी भाव पर खरीदती हैं, इसलिए एमएसपी से कम पर न बेचें।

झारखंड में तिल कहां बेचें

नज़दीकी APMC मंडी में बेचें, 2-3 मंडियों के भाव की तुलना करें, फसल ग्रेड करें (15-20% ज्यादा दाम), और eNAM पर रजिस्टर करें।