पुरुलिया ज़िले में खेती: निचला गंगा का मैदान
पश्चिम बंगाल मुख्य रूप से निचला गंगा का मैदान कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (गर्म आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय, पूरे क्षेत्र में सालाना 1300-1600mm बारिश)। इस क्षेत्र में गंगा डेल्टा की धान-जूट पट्टी, सघन फसल प्रणाली आम है, मिट्टी ज़्यादातर जलोढ़, डेल्टाई और लाल-लेटराइट है और आमतौर पर धान / चावल, जूट, आलू, तिलहन, सब्जियाँ, दालें उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), पुरुलिया की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में पुरुलिया की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
पुरुलिया में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में पुरुलिया में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, सरसों / राई, उड़द थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 3,28,830 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 86%) था, और इसकी उपज 2,524 किग्रा/हेक्टेयर पश्चिम बंगाल के औसत से 12% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: चना / छोला का रकबा +259%, सरसों / राई का रकबा +252%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | पश्चिम बंगाल औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 3,28,830 | 8,29,850 | 2,524 | 2,865 | +15% |
| सरसों / राई | 17,474 | 19,906 | 1,139 | 1,250 | +252% |
| उड़द | 9,687 | 5,962 | 615 | 742 | -6% |
| मक्का | 7,732 | 19,006 | 2,458 | 6,999 | +110% |
| चना / छोला | 3,988 | 4,116 | 1,032 | 1,240 | +259% |
| मसूर | 3,858 | 2,211 | 573 | 915 | -4% |
| मूँगफली | 3,806 | 4,895 | 1,286 | 3,045 | +15% |
| मूंग | 1,966 | 1,883 | 958 | 875 | +28% |
| तिल | 1,807 | 1,655 | 916 | 1,014 | +466% |
| गन्ना | 996 | 92,760 | 93,133 | 66,580 | -5% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। पश्चिम बंगाल औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
पुरुलिया का मौसम और बुवाई का समय
पुरुलिया में सालाना औसतन लगभग 1477 मिमी बारिश होती है, जिसका 79% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (356 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 40°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 9°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 9°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मार्च में ही दिन का औसत 35°C हो जाता है, इसलिए देर से बोए गेहूँ में दाना भरते समय गर्मी का नुकसान हो सकता है। 15 नवंबर तक बुवाई सुरक्षित है।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 13 | 24° | 9° |
| फ़रवरी | 16 | 29° | 13° |
| मार्च | 23 | 35° | 18° |
| अप्रैल | 43 | 40° | 23° |
| मई | 102 | 40° | 26° |
| जून | 230 | 35° | 26° |
| जुलाई | 356 | 31° | 25° |
| अगस्त | 329 | 30° | 25° |
| सितंबर | 248 | 30° | 24° |
| अक्टूबर | 98 | 29° | 20° |
| नवंबर | 9 | 26° | 15° |
| दिसंबर | 10 | 24° | 10° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), पुरुलिया ज़िले के केंद्र (23.2021, 86.3229) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
पुरुलिया के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
पुरुलिया के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- बोकारो, Jharkhand - 65 km
- पूर्वी सिंहभूम, Jharkhand - 66 km
- सरायकेला-खरसावां, Jharkhand - 66 km
- धनबाद, Jharkhand - 73 km
- बांकुड़ा - 91 km
- रामगढ़, Jharkhand - 98 km
पुरुलिया ज़िले में किसान योजनाएं
पुरुलिया, पश्चिम बंगाल के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: