कांगड़ा ज़िले में खेती: कांगड़ा चाय और पहाड़ी धान
हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा ज़िला कांगड़ा चाय और पहाड़ी धान के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन ब्यास से सिंचित होती है और मुख्यतः भूरी पहाड़ी मिट्टी पर है, जो चाय, धान, गेहूँ के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं कांगड़ा की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
कांगड़ा में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें चाय, धान / चावल, गेहूँ, मक्का हैं। चाय स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए कांगड़ा के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की भूरी पहाड़ी मिट्टी विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त है।
कांगड़ा में मिट्टी, पानी और सिंचाई
भूरी पहाड़ी मिट्टी और ब्यास के पानी के साथ, कांगड़ा के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
कांगड़ा में मंडी भाव
कांगड़ा की मंडियों (SMY Jassur, SMY Nagrota Bagwan, PMY Kangra, SMY Baijnath) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Green Chilli | ₹3,500 | ₹4,800 | ₹4,025 |
| Potato | ₹800 | ₹1,200 | ₹975 |
| Banana | ₹4,000 | ₹5,000 | ₹4,600 |
| Apple | ₹12,000 | ₹17,000 | ₹14,313 |
| Lemon | ₹7,000 | ₹9,000 | ₹8,213 |
| Cabbage | ₹1,100 | ₹1,800 | ₹1,463 |
| Bitter gourd | ₹2,000 | ₹3,000 | ₹2,400 |
| Pomegranate | ₹9,000 | ₹17,500 | ₹13,500 |
| Water Melon | ₹1,000 | ₹1,500 | ₹1,300 |
| French Beans(Frasbean) | ₹8,500 | ₹13,500 | ₹11,400 |
स्रोत: कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
कांगड़ा में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में कांगड़ा में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें गेहूँ, मक्का, धान / चावल थीं। अकेले गेहूँ का रकबा 78,163 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 48%) था, और इसकी उपज 1,964 किग्रा/हेक्टेयर हिमाचल प्रदेश के औसत से 7% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: उड़द का रकबा +37%, सरसों / राई का रकबा -35%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | हिमाचल प्रदेश औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| गेहूँ | 78,163 | 1,53,490 | 1,964 | 2,120 | -8% |
| मक्का | 43,824 | 1,01,853 | 2,324 | 2,650 | -22% |
| धान / चावल | 32,955 | 68,653 | 2,083 | 2,080 | -3% |
| जौ | 1,871 | 3,223 | 1,723 | 1,690 | -19% |
| सरसों / राई | 1,543 | 1,017 | 659 | 810 | -35% |
| उड़द | 1,441 | 826 | 573 | 710 | +37% |
| तिल | 1,279 | 370 | 290 | 290 | +1405% |
| गन्ना | 812 | 10,483 | 12,910 | 15,440 | +62% |
| बाजरा | 85 | 49 | 571 | 480 | +13% |
| चना / छोला | 36 | 40 | 1,124 | 1,020 | -76% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। हिमाचल प्रदेश औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
कांगड़ा का मौसम और बुवाई का समय
कांगड़ा में सालाना औसतन लगभग 1058 मिमी बारिश होती है, जिसका 75% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (274 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना जून है (दिन का औसत 35°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 5°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 5°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 41 | 15° | 5° |
| फ़रवरी | 55 | 17° | 7° |
| मार्च | 59 | 23° | 11° |
| अप्रैल | 35 | 29° | 16° |
| मई | 34 | 34° | 21° |
| जून | 108 | 35° | 23° |
| जुलाई | 274 | 31° | 23° |
| अगस्त | 272 | 29° | 22° |
| सितंबर | 137 | 28° | 20° |
| अक्टूबर | 13 | 25° | 15° |
| नवंबर | 12 | 21° | 11° |
| दिसंबर | 18 | 17° | 7° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), कांगड़ा ज़िले के केंद्र (32.0769, 76.2986) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
कांगड़ा के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
कांगड़ा के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
कांगड़ा ज़िले में किसान योजनाएं
कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: