ऊना ज़िले में खेती: पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र
हिमाचल प्रदेश मुख्य रूप से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (समशीतोष्ण से अल्पाइन, पूरे क्षेत्र में सालाना 165-2000mm बारिश)। इस क्षेत्र में सीढ़ीदार पहाड़ी खेती, बागवानी और समशीतोष्ण फल आम है, मिट्टी ज़्यादातर भूरी पहाड़ी, पॉडज़ोलिक और उप-पर्वतीय मिट्टी है और आमतौर पर सेब, गुठलीदार फल, मक्का, गेहूँ, जौ, केसर, आलू, अदरक उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), ऊना की फसल गणना नहीं। ऊना की अपनी मंडियों में असल में क्या बिकता है, वह नीचे है। मौसम वाले हिस्से में ऊना की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
ऊना में मंडी भाव
ऊना की मंडियों (SMY Santoshgarh, PMY Una) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Cucumbar(Kheera) | ₹1,200 | ₹2,000 | ₹1,500 |
| Colacasia | ₹2,500 | ₹3,000 | ₹2,800 |
| Pomegranate | ₹12,500 | ₹22,000 | ₹15,750 |
| Tomato | ₹900 | ₹2,000 | ₹1,500 |
| Banana | ₹2,800 | ₹3,400 | ₹3,125 |
| Potato | ₹700 | ₹1,000 | ₹850 |
| Mango | ₹4,500 | ₹5,500 | ₹5,000 |
| Cabbage | ₹1,000 | ₹1,500 | ₹1,275 |
| Ridgeguard(Tori) | ₹3,200 | ₹3,200 | ₹3,200 |
| Water Melon | ₹800 | ₹800 | ₹800 |
स्रोत: ऊना, हिमाचल प्रदेश की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
ऊना में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में ऊना में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें गेहूँ, मक्का, धान / चावल थीं। अकेले गेहूँ का रकबा 35,254 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 51%) था, और इसकी उपज 2,346 किग्रा/हेक्टेयर हिमाचल प्रदेश के औसत से 11% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: गेहूँ का रकबा +24%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | हिमाचल प्रदेश औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| गेहूँ | 35,254 | 82,720 | 2,346 | 2,120 | +24% |
| मक्का | 30,481 | 69,289 | 2,273 | 2,650 | -3% |
| धान / चावल | 1,955 | 5,032 | 2,574 | 2,080 | +14% |
| सरसों / राई | 1,181 | 1,486 | 1,258 | 810 | +1% |
| तिल | 114 | 25 | 217 | 290 | +30% |
| गन्ना | 100 | 1,230 | 12,303 | 15,440 | -37% |
| उड़द | 55 | 50 | 906 | 710 | -48% |
| मूंग | 11 | 5 | 476 | 490 | -39% |
| चना / छोला | 1 | 2 | 2,129 | 1,020 | -89% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। हिमाचल प्रदेश औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
ऊना का मौसम और बुवाई का समय
ऊना में सालाना औसतन लगभग 978 मिमी बारिश होती है, जिसका 77% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश अगस्त में (254 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना जून है (दिन का औसत 40°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 7°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 7°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 37 | 18° | 7° |
| फ़रवरी | 45 | 22° | 10° |
| मार्च | 45 | 28° | 15° |
| अप्रैल | 29 | 34° | 20° |
| मई | 33 | 40° | 25° |
| जून | 113 | 40° | 28° |
| जुलाई | 249 | 36° | 27° |
| अगस्त | 254 | 33° | 25° |
| सितंबर | 139 | 32° | 23° |
| अक्टूबर | 11 | 30° | 18° |
| नवंबर | 8 | 25° | 13° |
| दिसंबर | 15 | 20° | 9° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), ऊना ज़िले के केंद्र (31.5835, 76.2351) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
ऊना के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
ऊना के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- हमीरपुर - 30 km
- होशियारपुर, Punjab - 37 km
- शहीद भगत सिंह नगर, Punjab - 51 km
- कांगड़ा - 55 km
- बिलासपुर - 57 km
- रूपनगर, Punjab - 61 km
ऊना ज़िले में किसान योजनाएं
ऊना, हिमाचल प्रदेश के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: