स्पिरुलिना भारत में वहां उगाई जा सकती है जहां गर्म, धूप वाला मौसम और साफ क्षारीय पानी मिले, लेकिन यह खेत की फसल नहीं बल्कि कारखाने जैसा उद्यम है: इसमें लाइन वाली टंकियां, जांची हुई किस्म का कल्चर, पानी के रसायन का सावधान प्रबंधन और सूखे पाउडर का खरीदार चाहिए। इस पेज के लिए प्रति वर्ग मीटर उपज और बिक्री भाव के भरोसेमंद भारतीय आंकड़े उपलब्ध नहीं थे, इसलिए पैसा लगाने से पहले CSIR-CFTRI मैसूरु, किसी KVK या प्रोसेसर से मौजूदा आंकड़े पूछ लें।
नीचे की तकनीकी बुनियादी बातें थाईलैंड और अमेरिका के दो बड़े व्यावसायिक फार्मों की एक छपी समीक्षा से हैं। भारत की छोटी इकाइयां यही सिद्धांत छोटे पैमाने पर अपनाती हैं।
इसे कैसे उगाते हैं
- कल्चर: स्पिरुलिना (Arthrospira) क्षारीय झीलों में अपने आप उगती है। फार्म इसे उथले खुले तालाबों में उगाते हैं जो आयताकार नाली (raceway) के आकार के होते हैं, और पानी घुमाने के लिए पैडल व्हील लगा होता है। समीक्षा में थाईलैंड के फार्म में 2,000 वर्ग मीटर के 13 कंक्रीट तालाब थे और अमेरिकी फार्म में 5,000 वर्ग मीटर के प्लास्टिक लाइन वाले 30 तालाब। छोटा फार्म कुछ वर्ग मीटर की टंकी इस्तेमाल करता है।
- किस्म: समीक्षा जोर देती है कि जो किस्म प्रयोगशाला में अच्छी चलती है वह बाहर भी वैसी ही चले, जरूरी नहीं, इसलिए स्थानीय हालात के लिए किस्म का चुनाव मायने रखता है। शुरुआती कल्चर किसी भरोसेमंद स्रोत से लें, जैसे CSIR-CFTRI, जिसे सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी पोर्टल पर ग्रामीण स्पिरुलिना उत्पादन तकनीक का विकासकर्ता बताया गया है।
- pH: कार्बन डाइऑक्साइड से 9.5 से 10.5 पर रखा जाता है। ऊंची क्षारीयता ज्यादातर प्रतिस्पर्धी जीवों को दूर रखती है, फिर भी दूसरे शैवाल, कीड़ों और गंदगी से दूषण असली व्यावहारिक समस्या है।
- गर्म मौसम: 25 से 29 °C औसत तापमान वाले थाई फार्म में पूरे साल उत्पादन हुआ; ठंडी सर्दी वाला अमेरिकी फार्म सिर्फ अप्रैल से अक्टूबर तक उत्पादन कर सका। साल की योजना बनाने से पहले अपने यहां सर्दी में पानी का तापमान देख लें।
कल्चर माध्यम
समीक्षा एक सरल Zarrouk माध्यम देती है, जो स्पिरुलिना की मानक विधि है। सूक्ष्म तत्व आपके पानी की गुणवत्ता के हिसाब से बदले जाते हैं, और नाइट्रेट की जगह सस्ता पड़े तो अमोनिया पानी लिया जा सकता है।
| सामग्री | ग्राम प्रति लीटर |
|---|---|
| सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) | 16.8 |
| डाईपोटैशियम फॉस्फेट (K2HPO4) | 0.5 |
| सोडियम नाइट्रेट (NaNO3) | 2.5 |
| पोटैशियम सल्फेट (K2SO4) | 1.0 |
| सोडियम क्लोराइड (NaCl) | 1.0 |
| मैग्नीशियम सल्फेट (MgSO4.7H2O) | 0.2 |
| कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2.2H2O) | 0.04 |
| फेरस सल्फेट (FeSO4.7H2O) | 0.01 |
| EDTA | 0.08 |
- फूड-ग्रेड रसायन और साफ पानी इस्तेमाल करें, और टंकियों को बारिश और जानवरों से ढककर रखें; दूषित कल्चर से खाने लायक उत्पाद नहीं बन सकता।
कटाई, सुखाई और गुणवत्ता
- कटाई: व्यावसायिक फार्मों में शैवाल को जालियों से छाना जाता है और करीब 15% ठोस वाले गीले केक में गाढ़ा किया जाता है।
- सुखाई: बड़े फार्म केक को स्प्रे ड्रायर से महीन पाउडर बनाते हैं और बीटा-कैरोटीन जैसे कम टिकाऊ तत्वों को बचाने के लिए ऑक्सीजन-रोधी थैलियों में पैक करते हैं। छोटी इकाइयां ढके हुए स्थान में कम तापमान पर सुखाती हैं; धूप में सुखाने से दूषण और गुणवत्ता घटने का खतरा रहता है।
- गुणवत्ता का पैमाना: समीक्षा में दिया जापान के Health Food Association का मानक क्रूड प्रोटीन 50% से ऊपर, नमी 7% से नीचे, कोलीफॉर्म नेगेटिव, और आर्सेनिक (2 ppm से नीचे) और सीसा (20 ppm से नीचे) की सीमा मांगता है। अमेरिकी FDA कीड़ों के टुकड़ों और चूहे के बालों की सीमा तय करता है। भारत में खाद्य पूरक की बिक्री FSSAI के नियमों में आती है; कौन सा लाइसेंस और कौन सी जांच लागू है, यह FSSAI या अपने खाद्य सुरक्षा अधिकारी से पूछें।
लागत और कमाई
- टंकी की लागत, उपज या बिक्री भाव का कोई प्रमाणित मौजूदा भारतीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं था। NABARD ने स्पिरुलिना पर एक मॉडल बैंकेबल प्रोजेक्ट छापा है; उसकी मान्यताएं पढ़ें और इस्तेमाल से पहले भाव अपडेट करें।
- हिसाब जो खुद करें: सालाना आय = रोज काटा गया सूखा पाउडर (किलो) x कटाई के दिन x वह भाव प्रति किलो जो आपको सच में मिल सके। पहले अपने पाउडर के ग्रेड के लिए खरीदार से लिखित भाव लें, फिर उससे उल्टा हिसाब लगाकर जरूरी टंकी क्षेत्र निकालें।
- गिनने वाले खर्च: लाइन वाली टंकियां या तालाब, पैडल या एरेटर और बिजली, माध्यम के रसायन, छनाई और सुखाई के उपकरण, पैकिंग, जांच, मजदूरी और लाइसेंस।
बाजार और जोखिम
- समीक्षा के अनुसार स्पिरुलिना ज्यादातर खाद्य पूरक और स्वास्थ्य भोजन के रूप में, चारे की सामग्री (खासकर जलकृषि के लिए) और नीले रंग के अर्क के रूप में बिकती है। उसमें Parry Agro Industries को भारत का एक उत्पादक बताया गया है। बड़े उत्पादक थोक पाउडर का भाव तय करते हैं, इसलिए छोटा फार्म आमतौर पर टैबलेट या कैप्सूल या पाउडर अपने खाद्य लाइसेंस के तहत सीधे बेचकर बेहतर करता है।
- प्रशिक्षण बेचने वालों और "buy-back" योजनाओं से सावधान रहें जो शुरुआती किट की फीस लेकर हर महीने की आमदनी का वादा करती हैं। चालू फार्म और उसके बिक्री रिकॉर्ड दिखाने को कहें।
- जोखिमों में ठंड या बारिश में कल्चर का बैठ जाना, दूषण, लाइसेंस वाले बाजार की कमी और बिना बिके माल का ढेर शामिल हैं।
- समूह में बिक्री के लिए FPO देखें; सब्सिडी के विकल्पों के लिए subsidy finder देखें।
