अजोला भारत में लगभग हर उस जगह उगाया जा सकता है जहां उथला पानी, छांव और ठीक-ठाक ठंडा मौसम हो, लेकिन यह आपके अपने पशुओं के लिए चारे का पूरक है, बेचने की फसल नहीं। शोध समीक्षाओं के अनुसार रोज करीब 2 किलो तक ताजा अजोला खिलाने से पशुओं में दूध की उपज करीब 11% बढ़ी, और यह खरीदे हुए दाने का कुछ हिस्सा बदल सकता है; पूरी खुराक की जगह नहीं ले सकता।

फर्न उगाना आसान हिस्सा है। असली काम रोज का है: कटाई, पोषक तत्व डालना, पानी को ठंडा और साफ रखना, और बेड खराब हो जाए तो दोबारा शुरू करना। 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बढ़वार रुक जाती है, इसलिए मैदानों की गर्मी में छांव और ठंडक चाहिए।

अजोला क्या है और इसकी सीमाएं

  • बढ़वार: अच्छी हालत में इसका जैवभार करीब हर 2 से 5 दिन में दोगुना हो जाता है, क्योंकि इसमें नाइट्रोजन जमाने वाला cyanobacterium (Anabaena azollae) रहता है। समीक्षाओं में 18 से 28 डिग्री सेल्सियस को सबसे अच्छा बताया गया है, 15 से नीचे बढ़वार धीमी और 35 से ऊपर बंद।
  • pH: pH 5.5 से 7.5 पर सबसे अच्छी बढ़वार। खारा पानी, भारी धातुओं की गंदगी और pH का उतार-चढ़ाव इसे नुकसान पहुंचाते हैं।
  • रोशनी: गर्मी में तेज धूप इसे जला देती है और पानी गर्म कर देती है; भारत के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक छांव ठीक रहती है। अपने इलाके की गर्मी के लिए weather देखें।
  • प्रजाति: ज्यादातर भारतीय फीडिंग ट्रायल में Azolla pinnata इस्तेमाल हुई है; A. microphylla और A. filiculoides दूसरी जगहों पर उगाई जाती हैं।
  • भारत में खेत की उपज: A. pinnata का एक भारतीय धान-खेत का रिकॉर्ड 37.8 टन ताजा वजन प्रति हेक्टेयर (2.78 टन सूखा वजन) है, जो फर्न की क्षमता दिखाता है, घर की टंकी की उपज नहीं।

इसे उगाना

  • बेड: छांव में अस्तर लगे उथले गड्ढे या टंकियां। गहरा पानी रोशनी और गैस का आदान-प्रदान घटा देता है और बढ़वार कम करता है।
  • पोषक तत्व: अजोला को जैविक पदार्थ के साथ फास्फोरस, पोटैशियम और सूक्ष्म तत्व भी चाहिए। A. pinnata पर एक भारतीय प्रयोगशाला-स्तर के अध्ययन (मानसून, 28 से 33 डिग्री सेल्सियस) में पानी में 10% गोबर या 0.5% गोमूत्र से सबसे अच्छी बढ़वार मिली। मलेशिया के एक ट्रायल में भेड़ की खाद 1 ग्राम प्रति लीटर पर 14 दिन में 132 ग्राम ताजा वजन प्रति वर्ग मीटर मिला, सूखे आधार पर 21.2% कच्चा प्रोटीन, 14.4% रेशा और 19.6% राख के साथ।
  • गड्ढे के आकार, superphosphate की खुराक या प्रति वर्ग मीटर रोज की उपज का कोई जांचा हुआ भारतीय मानक नहीं मिला। मौजूदा तालिका अपने KVK या राज्य के पशुपालन विश्वविद्यालय से लें और एक छोटे बेड से शुरू करें।
  • बीज कल्चर: स्वस्थ बेड से जवान, हरा और तेज बढ़ने वाला फर्न डालें; भूरा या गहरा फर्न परेशानी का संकेत है।

पोषण मूल्य

  • A. pinnata की समीक्षाओं में कच्चा प्रोटीन सूखे पदार्थ का 25 से 30% बताया गया है (अलग-अलग हालात में 15 से 35%), लेकिन ताजा अजोला ज्यादातर पानी है: मलेशिया के ट्रायल में सूखा पदार्थ 7.3% था। ताजे वजन के आधार पर प्रोटीन सिर्फ कुछ प्रतिशत है (एक समीक्षा में 3.9 से 5.2%)।
  • हिसाब: 7% सूखे पदार्थ पर 2 किलो ताजा अजोला करीब 0.14 किलो सूखा पदार्थ है, यानी 25 से 30% पर करीब 35 से 45 ग्राम प्रोटीन। दूध देने वाली गाय के लिए यह काम की अतिरिक्त खुराक है, दाने का विकल्प नहीं।
  • अजोला में tannin, oxalate और phytic acid होते हैं जो प्रोटीन के पाचन और खनिजों की उपलब्धता घटाते हैं, और एक समीक्षा के अनुसार इसे आमतौर पर खुराक के करीब 25% तक ही रखा जाता है।
  • ताजा अजोला कुछ दिनों में सड़ जाता है; ताजा खिलाएं, या रखना हो तो सावधानी से सुखाएं।

बताई गई खुराक

पशुबताया गया स्तरबताया गया असर
दुधारू पशुरोज 2 किलो तक ताजा; या 10 से 25% दाना बदलाअध्ययनों में दूध 7 से 20% बढ़ा, एक में 11.2%
बकरी और भेड़दाने का 15% तक (बकरी)सुरक्षित विकल्प बताया गया; भेड़ में 6% पर feed conversion बेहतर हुआ
ब्रॉयलरखुराक का 5 से 10%10% से ऊपर फायदा घटता गया
Pekin बत्तख (ओडिशा ट्रायल)5 या 10% ताजा अजोलाछठे हफ्ते 10% पर feed conversion बेहतर; प्रति पक्षी मुनाफा ₹16.73, जबकि कंट्रोल में ₹2.61
तिलापियाखुराक का 20% तकबढ़वार में कमी नहीं बताई गई
💡 सुझाव: एक महीने तक एक बेड चलाकर देखें कि वह रोज कितना देता है, फिर और बनाएं। पूरे झुंड की खुराक बदलने से पहले कुछ पशुओं को खिलाएं और दूध, गोबर और चारा खाने पर नजर रखें।

लागत और बचत

  • अध्ययनों में अजोला खिलाने पर खरीदे चारे में 15 से 20% की कमी बताई गई है, और ओडिशा के बत्तख ट्रायल में प्रति पक्षी मुनाफा बढ़ा। अजोला की प्रति किलो लागत का कोई जांचा हुआ भारतीय आंकड़ा नहीं मिला, इसलिए नीचे के आंकड़े तरीका हैं, वादा नहीं।
  • हिसाब (उदाहरण, मान्यता): अगर गाय को रोज 4 किलो दाना ₹30 प्रति किलो पर मिलता है (अपने यहां का भाव देखें), तो 10 से 15% बदलने पर 0.4 से 0.6 किलो बचता है, यानी रोज ₹12 से ₹18, साल में करीब ₹4,400 से ₹6,600। इसे मुनाफा कहने से पहले अपनी मजदूरी और बेड का सामान घटाएं।
  • अतिरिक्त दूध अलग है: रोज 8 लीटर देने वाली गाय पर 11% करीब 0.9 लीटर रोज होता है। भाव डेयरी के हिसाब से बदलता है; अपनी दूध समिति से पूछें।

दूसरे उपयोग और सावधानियां

  • धान में हरी खाद: समीक्षाओं के अनुसार अजोला प्रति हेक्टेयर रोज 1.1 से 3.5 किलो नाइट्रोजन जमाता है और प्रति सीजन 30 से 60 किलो N प्रति हेक्टेयर देता है। देखें fertilizers।
  • सुरक्षा: 2024 के एक अध्ययन में Azolla और cyanobacterium की जोड़ी में BMAA विष नहीं मिला, हालांकि इंसानों पर लंबे समय की सुरक्षा के अध्ययन नहीं हैं, और गंदे या खारे पानी में उगा अजोला भारी धातुएं खींच सकता है। साफ पानी इस्तेमाल करें, खिलाने से पहले धोएं और रंग बदला या बदबूदार फर्न कभी न खिलाएं।
  • बाजार: ताजे अजोला का कोई स्थापित बिक्री बाजार नहीं है। इसे अपनी डेयरी, मुर्गी या मछली के काम का सस्ता सामान मानें। अजोला पर कोई सब्सिडी दर पक्की नहीं हो सकी; अपने पशुपालन विभाग से पूछें और subsidy finder देखें।

स्रोत