गेहूँ के लिए खाद और उर्वरक
गेहूँ भारत की प्रमुख रबी फसल है और यह संतुलित पोषण पर अच्छी प्रतिक्रिया देती है। पैदावार सही समय पर सही मात्रा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश देने से बढ़ती है, ज़्यादा यूरिया डालने से नहीं

परिचय
गेहूँ भारत की प्रमुख रबी फसल है और यह संतुलित पोषण पर अच्छी प्रतिक्रिया देती है। पैदावार सही समय पर सही मात्रा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश देने से बढ़ती है, ज़्यादा यूरिया डालने से नहीं। ICAR और राज्य कृषि विश्वविद्यालय सिंचित गेहूँ के लिए संतुलित N:P:K मात्रा की सलाह देते हैं, जिसमें नाइट्रोजन को बुवाई, ताज जड़ और कल्ले निकलने की अवस्था में बाँटकर दिया जाता है। फॉस्फोरस और पोटाश बुवाई के समय बीज के पास डालने पर सबसे अच्छा काम करते हैं। हल्की, बलुई और क्षारीय मिट्टी में गेहूँ को अक्सर ज़िंक और कभी-कभी गंधक की ज़रूरत होती है। नीचे दिए आँकड़ों को शुरुआती सीमा मानें और अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच और नज़दीकी KVK की सलाह के अनुसार बदलें।
गेहूँ के लिए अनुशंसित NPK मात्रा
सिंचित गेहूँ के लिए ICAR की एक सामान्य सलाह लगभग 120 कि.ग्रा. N, 60 कि.ग्रा. P2O5 और 40 कि.ग्रा. K2O प्रति हेक्टेयर है, यानी लगभग 48 कि.ग्रा. N, 24 कि.ग्रा. P2O5 और 16 कि.ग्रा. K2O प्रति एकड़। खाद के रूप में प्रति हेक्टेयर यह लगभग 130 कि.ग्रा. डीएपी, 210 कि.ग्रा. यूरिया और 67 कि.ग्रा. एमओपी है, या प्रति एकड़ लगभग 52 कि.ग्रा. डीएपी, 85 कि.ग्रा. यूरिया और 27 कि.ग्रा. एमओपी। डीएपी देने पर यूरिया घटा दें क्योंकि डीएपी में भी कुछ नाइट्रोजन होती है। देर से बोई और बारानी गेहूँ को आमतौर पर कम, लगभग 80 से 90 कि.ग्रा. N प्रति हेक्टेयर चाहिए। ये केवल सामान्य सीमाएँ हैं। खाद खरीदने से पहले मात्रा को अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच के अनुसार बदलें और नज़दीकी KVK से पुष्टि करें।
डालने का समय और तरीका
बुवाई के समय पूरा फॉस्फोरस और पोटाश तथा एक तिहाई से आधी नाइट्रोजन को आधार खुराक के रूप में बीज के पास डालें। अगली नाइट्रोजन ताज जड़ बनने की अवस्था पर, बुवाई के लगभग 21 से 25 दिन बाद पहली सिंचाई के साथ दें, और आखिरी हिस्सा कल्ले निकलने की अवस्था पर, बुवाई के लगभग 40 से 45 दिन बाद दूसरी सिंचाई के साथ दें। हल्की बलुई मिट्टी में नाइट्रोजन को तीन भागों में देना दो भागों से बेहतर रहता है। फूल आने की अवस्था के बाद नाइट्रोजन की टॉप ड्रेसिंग न करें, क्योंकि इससे मुख्यतः देर के कल्ले और फसल गिरने की समस्या बढ़ती है, दाने की पैदावार नहीं।
जैविक और जैव उर्वरक
बुवाई से पहले 8 से 10 टन अच्छी सड़ी गोबर की खाद या 4 से 5 टन अच्छी कम्पोस्ट प्रति हेक्टेयर मिट्टी में मिलाएँ, यानी लगभग 3 से 4 टन गोबर खाद प्रति एकड़। गोबर खाद कम हो तो 2 से 2.5 टन वर्मीकम्पोस्ट प्रति हेक्टेयर अच्छी रहती है। गेहूँ से पहले ढैंचा या सनई जैसी हरी खाद की फसल मिट्टी की नाइट्रोजन और बनावट सुधारती है। बीज को एज़ोटोबैक्टर और पीएसबी जैव उर्वरकों से उपचारित करें, इससे नाइट्रोजन स्थिरीकरण और बँधे फॉस्फोरस को छोड़ने में मदद मिलती है और कुछ रासायनिक खाद बचती है। हर साल जैविक खाद डालने से मिट्टी का जैविक कार्बन बढ़ता है और समय के साथ यूरिया की ज़रूरत घटती है।
सूक्ष्म पोषक और कमी के लक्षण
गेहूँ में ज़िंक की कमी सबसे आम है, खासकर बलुई, चूनेदार और धान-गेहूँ वाली मिट्टी में। जहाँ मिट्टी जाँच में कमी दिखे, बुवाई पर लगभग 25 कि.ग्रा. ज़िंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर, यानी लगभग 10 कि.ग्रा. प्रति एकड़ डालें। ज़िंक की कमी बीच की पत्तियों पर शिराओं के बीच पीली से सफ़ेद धारियाँ या धब्बों और बौने पौधों के रूप में दिखती है। गंधक की कमी, जो हल्की मिट्टी और तिलहन के बाद आम है, नई पत्तियों के पीलेपन के रूप में दिखती है और सिंगल सुपर फॉस्फेट या जिप्सम से ठीक होती है। लोहे और मैंगनीज की कमी, जो नई पत्तियों की शिराओं के बीच पीलेपन के रूप में दिखती है, मुख्यतः क्षारीय मिट्टी में होती है और छिड़काव से बेहतर ठीक होती है।
सुझाव और सावधानियां
नाइट्रोजन को एक साथ देने के बजाय बाँटकर दें, क्योंकि गेहूँ नाइट्रोजन धीरे लेता है और एक भारी खुराक बह या उड़ जाती है। नीम लेपित यूरिया चुनें, जो नाइट्रोजन धीरे छोड़ती है और उपयोग दक्षता बढ़ाती है। कल्ले निकलने और दाना भरने की शुरुआती अवस्था पर नैनो यूरिया का छिड़काव पूरक हो सकता है, पर यह मिट्टी में दी आधार नाइट्रोजन की पूरी जगह नहीं ले सकता। यूरिया का अधिक प्रयोग न करें, क्योंकि अधिकता से फसल लम्बी और गिरने वाली होती है, रोग-कीट बढ़ते हैं और पैसा बर्बाद होता है। फॉस्फोरस को बिखेरने के बजाय हमेशा बीज के पास डालें और अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड का पालन करें।
ये सामान्य अनुशंसाएं हैं। सही मात्रा के लिए अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड / मिट्टी जांच और स्थानीय KVK की सलाह लें। ज़रूरत से ज्यादा यूरिया न डालें।
सवाल-जवाब
गेहूँ को प्रति एकड़ कितना यूरिया चाहिए?
गेहूँ में नाइट्रोजन की टॉप ड्रेसिंग कब करें?
क्या गेहूँ को ज़िंक खाद की ज़रूरत होती है?
क्या गेहूँ में नैनो यूरिया सामान्य यूरिया की जगह ले सकती है?
गेहूँ के कीट और रोग
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