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रोग · Cereal

गेहूं का काला रतुआ (तना रतुआ) का नियंत्रण

प्रभावित फसलें: Wheat
गेहूं का काला रतुआ (तना रतुआ) के लक्षण और नियंत्रण - Wheat

लक्षण

मुख्यतः तने, पत्ती आवरण और कभी कभी पत्तियों और बाली पर बड़े, लंबे, गहरे लाल भूरे से ईंट लाल चूर्णयुक्त फफोले बनते हैं। फफोले सतह को खुरदरा तोड़कर निकलते हैं और चूर्ण गहरा होता है। बाद में काले बीजाणु बनने पर फफोले काले हो जाते हैं जिससे रोग को यह नाम मिला। इसे गर्म मौसम चाहिए और यह आमतौर पर मौसम में देर से मुख्यतः मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में आता है।

नुकसान

काला रतुआ ऐतिहासिक रूप से सबसे विनाशकारी गेहूं रतुआ है और गंभीर हमला दानों को सिकोड़ सकता है, तनों को कमजोर कर तोड़ सकता है जिससे फसल गिर जाती है, और महामारी में संवेदनशील किस्मों में पूरी फसल नष्ट होने तक बहुत भारी हानि कर सकता है। यह सबसे खतरनाक तब होता है जब जल्दी और गर्म नम मौसम में आता है।

जैविक और सांस्कृतिक नियंत्रण

अपने क्षेत्र के लिए अनुशंसित प्रतिरोधी किस्में उगाएं जिससे भारत में काला रतुआ काफी हद तक नियंत्रित रहा है। अनुशंसित समय पर बुवाई करें, विशेषकर मध्य और दक्षिण भारत में जहां देर से बुवाई जोखिम बढ़ाती है क्योंकि गर्म मौसम में फसल हरी रहती है। संतुलित उर्वरक दें, स्वतः उगे पौधे हटाएं और मौसम के अंत में निचले तनों और आवरणों को देखें तथा कोई भी ईंट लाल फफोला दिखते ही केवीके को सूचित करें।

रासायनिक नियंत्रण

काला रतुआ दिखे तो पंजीकृत ट्राइएजोल फफूंदनाशक जैसे प्रोपिकोनाजोल 25 ईसी या टेबुकोनाजोल तनों और निचली पत्तियों पर अच्छी तरह छिड़कें और रोग फैले तो लेबल अनुसार दोहराएं। हमेशा उत्पाद लेबल की मात्रा का पालन करें, कटाई पूर्व अंतराल का ध्यान रखें और छिड़काव से पहले अपने केवीके या कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।

हमेशा उत्पाद के लेबल, अनुशंसित प्रतीक्षा अवधि (PHI) और अपने KVK या कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें। कीटनाशक नियम बदलते रहते हैं, उपयोग से पहले पुष्टि करें।

रोकथाम

प्रतिरोधी किस्मों का प्रमाणित बीज प्रयोग करें और समय पर बुवाई करें ताकि फसल गर्म रतुआ अनुकूल मौसम से पहले पक जाए। मध्य और दक्षिण भारत में देर से बोई गेहूं से बचें। स्वतः उगे गेहूं नष्ट करें और जहां हों वहां पहाड़ियों में वैकल्पिक मेजबान बारबेरी झाड़ियां हटाएं। केवीके रतुआ निगरानी सलाह का पालन करें।

सवाल-जवाब

काला रतुआ सबसे खतरनाक रतुआ क्यों कहलाता है?
काला रतुआ तने पर ही हमला करता है और उसे कमजोर कर देता है जिससे पौधा गिर या टूट जाता है, और यह गर्म नम मौसम में बहुत तेजी से फैल सकता है तथा ऐतिहासिक रूप से पूरी गेहूं फसल नष्ट कर चुका है। भारत में प्रतिरोधी किस्मों ने इसे नियंत्रित रखा है पर मौसम के अंत में इस पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
देर से बुवाई काला रतुआ का जोखिम क्यों बढ़ाती है?
देर से बोई गेहूं फरवरी मार्च में मौसम गर्म होने पर भी हरी और बढ़ रही होती है, जो ठीक वही गर्म नम स्थिति है जो काले रतुआ को चाहिए, इसलिए मध्य और दक्षिण भारत में देर वाली फसल पर हमले की संभावना कहीं अधिक होती है। समय पर बुवाई से फसल इस जोखिम भरे समय से पहले पक जाती है।
क्या बारबेरी झाड़ियों का काले रतुआ से कोई संबंध है?
हां, बारबेरी एक वैकल्पिक मेजबान है जहां काला रतुआ फफूंद अपने जीवन चक्र का एक भाग पूरा करती है और नए बीजाणु प्रकार बनाती है, मुख्यतः पहाड़ी क्षेत्रों में। पहाड़ों में गेहूं खेतों के पास बारबेरी झाड़ियां हटाने से नए संक्रमण का स्रोत घटता है।

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