कैथल ज़िले में खेती: बासमती धान की पट्टी
हरियाणा का कैथल ज़िला बासमती धान की पट्टी के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन सरस्वती, नहर से सिंचित होती है और मुख्यतः जलोढ़ मिट्टी पर है, जो धान (बासमती), गेहूँ के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं कैथल की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
कैथल में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें धान / चावल, गेहूँ हैं। धान (बासमती) स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए कैथल के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।
कैथल में मिट्टी, पानी और सिंचाई
जलोढ़ मिट्टी और सरस्वती, नहर के पानी के साथ, कैथल के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
कैथल में मंडी भाव
कैथल की मंडियों (Cheeka APMC, Dhand APMC, Siwan APMC) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Potato | ₹550 | ₹1,000 | ₹717 |
| Bhindi(Ladies Finger) | ₹1,000 | ₹1,100 | ₹1,050 |
| Water Melon | ₹700 | ₹800 | ₹750 |
| Brinjal | ₹1,100 | ₹1,300 | ₹1,200 |
| Karbuja(Musk Melon) | ₹1,000 | ₹1,150 | ₹1,100 |
| Bitter gourd | ₹1,000 | ₹1,200 | ₹1,100 |
| Bottle gourd | ₹600 | ₹700 | ₹650 |
| Green Chilli | ₹2,400 | ₹2,600 | ₹2,500 |
स्रोत: कैथल, हरियाणा की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
कैथल में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में कैथल में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें गेहूँ, धान / चावल, गन्ना थीं। अकेले गेहूँ का रकबा 1,73,531 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 51%) था, और इसकी उपज 4,865 किग्रा/हेक्टेयर हरियाणा के औसत से 2% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: गन्ना का रकबा -64%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | हरियाणा औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| गेहूँ | 1,73,531 | 8,44,150 | 4,865 | 4,774 | -5% |
| धान / चावल | 1,62,438 | 6,59,475 | 4,060 | 3,766 | -7% |
| गन्ना | 1,650 | 1,55,785 | 94,415 | 81,382 | -64% |
| कपास | 890 | 2,959 | 565 | 2,953 | -81% |
| बाजरा | 180 | 312 | 1,735 | 2,225 | -70% |
| मक्का | 6 | 22 | 3,714 | 3,716 | -95% |
| सूरजमुखी | 1 | 2 | 2,158 | 2,158 | - |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। हरियाणा औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
कैथल का मौसम और बुवाई का समय
कैथल में सालाना औसतन लगभग 642 मिमी बारिश होती है, जिसका 78% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (158 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 42°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 5°C) होती हैं।
- आमतौर पर जुलाई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 5°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मई में दिन का औसत 42°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 22 | 20° | 5° |
| फ़रवरी | 25 | 24° | 9° |
| मार्च | 25 | 31° | 14° |
| अप्रैल | 19 | 38° | 21° |
| मई | 32 | 42° | 27° |
| जून | 86 | 42° | 30° |
| जुलाई | 158 | 38° | 28° |
| अगस्त | 149 | 36° | 26° |
| सितंबर | 105 | 35° | 23° |
| अक्टूबर | 7 | 32° | 18° |
| नवंबर | 5 | 27° | 12° |
| दिसंबर | 9 | 22° | 7° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), कैथल ज़िले के केंद्र (29.8537, 76.4684) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
कैथल के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
कैथल के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- कुरुक्षेत्र - 37 km
- पटियाला, Punjab - 41 km
- करनाल - 45 km
- जींद - 46 km
- संगरूर, Punjab - 67 km
- पानीपत - 69 km
कैथल ज़िले में किसान योजनाएं
कैथल, हरियाणा के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: