पटना ज़िले में खेती: पटना का धान और सब्जी क्षेत्र
बिहार का पटना ज़िला पटना का धान और सब्जी क्षेत्र के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन गंगा, सोन, पुनपुन से सिंचित होती है और मुख्यतः जलोढ़ मिट्टी पर है, जो धान, गेहूँ, सब्जियाँ के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं पटना की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
पटना में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें धान / चावल, गेहूँ, सब्जियाँ, मसूर हैं। धान स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए पटना के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।
पटना में मिट्टी, पानी और सिंचाई
जलोढ़ मिट्टी और गंगा, सोन, पुनपुन के पानी के साथ, पटना के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
पटना में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में पटना में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, गेहूँ, मसूर थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 91,386 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 40%) था, और इसकी उपज 3,210 किग्रा/हेक्टेयर बिहार के औसत से 25% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: धान / चावल का रकबा +60%, सरसों / राई का रकबा +59%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | बिहार औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 91,386 | 2,93,341 | 3,210 | 2,561 | +60% |
| गेहूँ | 91,290 | 2,85,324 | 3,125 | 3,145 | +49% |
| मसूर | 26,081 | 38,237 | 1,466 | 1,021 | 0% |
| चना / छोला | 7,635 | 9,585 | 1,255 | 1,045 | +26% |
| सरसों / राई | 6,477 | 8,966 | 1,384 | 1,204 | +59% |
| मक्का | 4,953 | 18,311 | 3,697 | 6,101 | -26% |
| मूंग | 700 | 570 | 815 | 595 | +47% |
| अरहर / तुअर | 581 | 828 | 1,426 | 1,558 | -69% |
| जौ | 253 | 565 | 2,235 | 1,881 | +32% |
| अलसी | 70 | 60 | 864 | 872 | -22% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। बिहार औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
पटना का मौसम और बुवाई का समय
पटना में सालाना औसतन लगभग 996 मिमी बारिश होती है, जिसका 85% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (276 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 42°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 8°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 85% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 8°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मार्च में ही दिन का औसत 35°C हो जाता है, इसलिए देर से बोए गेहूँ में दाना भरते समय गर्मी का नुकसान हो सकता है। 15 नवंबर तक बुवाई सुरक्षित है।
- मई में दिन का औसत 42°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 11 | 23° | 8° |
| फ़रवरी | 14 | 28° | 12° |
| मार्च | 9 | 35° | 18° |
| अप्रैल | 14 | 41° | 24° |
| मई | 50 | 42° | 28° |
| जून | 152 | 40° | 30° |
| जुलाई | 276 | 34° | 27° |
| अगस्त | 233 | 32° | 26° |
| सितंबर | 181 | 31° | 25° |
| अक्टूबर | 51 | 31° | 20° |
| नवंबर | 2 | 27° | 14° |
| दिसंबर | 3 | 24° | 10° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), पटना ज़िले के केंद्र (25.4681, 85.1953) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
पटना के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
पटना के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
पटना ज़िले में किसान योजनाएं
पटना, बिहार के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: