अररिया ज़िले में खेती: मध्य गंगा का मैदान
बिहार मुख्य रूप से मध्य गंगा का मैदान कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (गर्म उप-आर्द्र, पूरे क्षेत्र में सालाना 1000-1500mm बारिश)। इस क्षेत्र में घनी खेती वाले धान-गेहूँ के मैदान, ऊँची फसल सघनता आम है, मिट्टी ज़्यादातर उपजाऊ जलोढ़ (चूनेदार और बिना चूने वाली) है और आमतौर पर धान / चावल, गेहूँ, मक्का, गन्ना, दालें, तिलहन, सब्जियाँ उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), अररिया की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में अररिया की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
अररिया में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में अररिया में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें मक्का, धान / चावल, गेहूँ थीं। अकेले मक्का का रकबा 97,726 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 59%) था, और इसकी उपज 9,035 किग्रा/हेक्टेयर बिहार के औसत से 48% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: मक्का का रकबा +117%, जूट का रकबा -25%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | बिहार औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| मक्का | 97,726 | 8,82,915 | 9,035 | 6,101 | +117% |
| धान / चावल | 36,089 | 83,485 | 2,313 | 2,561 | +2% |
| गेहूँ | 16,849 | 51,123 | 3,034 | 3,145 | +21% |
| जूट | 9,906 | 1,37,785 | 2,504 | 14,311 | -25% |
| मूंग | 4,857 | 2,947 | 607 | 595 | +14% |
| मसूर | 83 | 42 | 502 | 1,021 | +1283% |
| सरसों / राई | 44 | 48 | 1,083 | 1,204 | - |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। बिहार औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
अररिया का मौसम और बुवाई का समय
अररिया में सालाना औसतन लगभग 1393 मिमी बारिश होती है, जिसका 79% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (379 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 36°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 10°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 10°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 6 | 22° | 10° |
| फ़रवरी | 10 | 26° | 13° |
| मार्च | 23 | 32° | 17° |
| अप्रैल | 53 | 36° | 22° |
| मई | 128 | 36° | 24° |
| जून | 216 | 34° | 25° |
| जुलाई | 379 | 31° | 25° |
| अगस्त | 269 | 31° | 25° |
| सितंबर | 235 | 30° | 23° |
| अक्टूबर | 68 | 28° | 20° |
| नवंबर | 4 | 26° | 16° |
| दिसंबर | 2 | 23° | 11° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), अररिया ज़िले के केंद्र (26.2651, 87.3699) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
अररिया के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
अररिया के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- पूर्णिया - 55 km
- सुपौल - 57 km
- किशनगंज - 58 km
- मधेपुरा - 69 km
- उत्तर दिनाजपुर, West Bengal - 74 km
- कटिहार - 83 km
अररिया ज़िले में किसान योजनाएं
अररिया, बिहार के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: