बिहार में मसूर: रकबा, उत्पादन और उपज
2024-25 में बिहार में मसूर का उत्पादन 1,36,703 टन (1,33,956 हेक्टेयर में, औसत उपज 1,021 किग्रा/हे.) रहा - ज़िलेवार आंकड़ों के अनुसार राज्यों में 4वां स्थान, देश के उत्पादन का 8%। 2019-20 की तुलना में उत्पादन +52% बदला।
| वर्ष | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) |
|---|---|---|---|
| 2019-20 | 1,43,046 | 90,159 | 630 |
| 2020-21 | 1,36,532 | 1,24,552 | 912 |
| 2021-22 | 1,33,154 | 1,24,221 | 933 |
| 2022-23 | 1,33,623 | 1,31,672 | 985 |
| 2023-24 | 1,40,015 | 1,13,832 | 813 |
| 2024-25 | 1,33,956 | 1,36,703 | 1,021 |
बिहार में मसूर के सबसे बड़े उत्पादक ज़िले (2024-25)
- Patna: 38,237 टन (28%), उपज 1,466 किग्रा/हे.
- Nalanda: 11,480 टन (8%), उपज 952 किग्रा/हे.
- Sitamarhi: 11,287 टन (8%), उपज 976 किग्रा/हे.
- Lakhisarai: 10,492 टन (8%), उपज 1,647 किग्रा/हे.
- Aurangabad: 8,824 टन (6%), उपज 623 किग्रा/हे.
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। राज्य का आंकड़ा = ज़िलेवार अनुमानों का जोड़।
बिहार में मसूर की खेती
बिहार भारत में मसूर का 3वां सबसे बड़ा उत्पादक है। ऊपर दिए गए भाव बिहार की APMC मंडियों के थोक भाव हैं। असली भाव ग्रेड, नमी और आवक पर निर्भर करता है।
मसूर एमएसपी और खरीद
मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹7,000/क्विंटल है। बिहार में सरकारी एजेंसियां इसी भाव पर खरीदती हैं, इसलिए एमएसपी से कम पर न बेचें।
बिहार में मसूर कहां बेचें
नज़दीकी APMC मंडी में बेचें, 2-3 मंडियों के भाव की तुलना करें, फसल ग्रेड करें (15-20% ज्यादा दाम), और eNAM पर रजिस्टर करें।