मुजफ्फरपुर ज़िले में खेती: भारत की लीची राजधानी (शाही लीची)
बिहार का मुजफ्फरपुर ज़िला भारत की लीची राजधानी (शाही लीची) के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन बूढ़ी गंडक, बागमती से सिंचित होती है और मुख्यतः जलोढ़ मिट्टी पर है, जो लीची, मखाना, धान के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं मुजफ्फरपुर की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
मुजफ्फरपुर में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें लीची, मखाना, धान / चावल, मक्का हैं। लीची स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए मुजफ्फरपुर के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।
मुजफ्फरपुर में मिट्टी, पानी और सिंचाई
जलोढ़ मिट्टी और बूढ़ी गंडक, बागमती के पानी के साथ, मुजफ्फरपुर के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
मुजफ्फरपुर में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में मुजफ्फरपुर में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, गेहूँ, मक्का थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 1,33,036 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 43%) था, और इसकी उपज 1,648 किग्रा/हेक्टेयर बिहार के औसत से 36% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: सरसों / राई का रकबा +29%, मूंग का रकबा -20%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | बिहार औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 1,33,036 | 2,19,218 | 1,648 | 2,561 | +11% |
| गेहूँ | 1,20,846 | 3,69,748 | 3,060 | 3,145 | -6% |
| मक्का | 30,263 | 1,13,473 | 3,750 | 6,101 | -9% |
| मूंग | 19,515 | 19,509 | 1,000 | 595 | -20% |
| सरसों / राई | 6,430 | 12,400 | 1,928 | 1,204 | +29% |
| गन्ना | 889 | 94,073 | 1,05,819 | 63,091 | -20% |
| मसूर | 826 | 765 | 926 | 1,021 | -8% |
| अरहर / तुअर | 619 | 468 | 756 | 1,558 | +27% |
| जौ | 179 | 337 | 1,881 | 1,881 | -37% |
| तंबाकू | 171 | 324 | 1,896 | 1,777 | -48% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। बिहार औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
मुजफ्फरपुर का मौसम और बुवाई का समय
मुजफ्फरपुर में सालाना औसतन लगभग 1060 मिमी बारिश होती है, जिसका 84% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (295 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 41°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 8°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 84% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 8°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मार्च में ही दिन का औसत 35°C हो जाता है, इसलिए देर से बोए गेहूँ में दाना भरते समय गर्मी का नुकसान हो सकता है। 15 नवंबर तक बुवाई सुरक्षित है।
- मई में दिन का औसत 41°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 9 | 23° | 8° |
| फ़रवरी | 14 | 28° | 12° |
| मार्च | 12 | 35° | 17° |
| अप्रैल | 20 | 40° | 24° |
| मई | 61 | 41° | 27° |
| जून | 166 | 39° | 29° |
| जुलाई | 295 | 34° | 27° |
| अगस्त | 233 | 33° | 26° |
| सितंबर | 196 | 32° | 25° |
| अक्टूबर | 50 | 31° | 21° |
| नवंबर | 1 | 28° | 15° |
| दिसंबर | 3 | 24° | 10° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), मुजफ्फरपुर ज़िले के केंद्र (26.1483, 85.3316) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
मुजफ्फरपुर के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
मुजफ्फरपुर के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
मुजफ्फरपुर ज़िले में किसान योजनाएं
मुजफ्फरपुर, बिहार के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: