सीधा फ़ैसला
ज़्यादातर भारतीय खेतों के लिए सौर आगे है - लागत, सरलता और सब्सिडी में। पवन सिर्फ़ वाकई हवादार जगहों पर सही है, और पवन-सौर हाइब्रिड उस बीच की स्थिति के लिए है जहां हवा ठीक है पर रात या बादल वाले मानसून में भी बिजली चाहिए।
आमने-सामने
| पहलू | सौर | पवन (छोटा) |
|---|---|---|
| कहां काम करता है | अच्छी धूप वाली लगभग हर जगह (अधिकांश भारत) | सिर्फ़ वाकई हवादार जगहों पर |
| प्रति यूनिट शुरुआती लागत | कम | ज़्यादा |
| भरोसा | ज़्यादा (दिन में, मौसमी) | परिवर्तनशील, जगह पर निर्भर |
| रात/बादल में बिजली | बैटरी चाहिए | तभी जब हवा हो |
| सब्सिडी | हां - पंप पर PM-KUSUM | कोई व्यापक राष्ट्रीय सब्सिडी नहीं |
| रख-रखाव | कम (कोई चलने वाला पुर्ज़ा नहीं) | ज़्यादा (चलने वाले पुर्ज़े) |
कब चुनें
अच्छी धूप (अधिकांश भारत) हो और सबसे कम लागत व रख-रखाव व PM-KUSUM सब्सिडी चाहिए तो सौर सिंचाई पंप चुनें। पवन जांच से तेज़, लगातार हवा की पुष्टि हो और दिन के बाहर भी बिजली चाहिए तो छोटा पवन चुनें। हवा ठीक पर लगातार नहीं तो पवन-सौर हाइब्रिड सही है।