अपडेट: 4 अक्टूबर 2026

हां। ट्रैक्टर के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 146 कहती है कि किसी सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन तभी चलाया जा सकता है जब बीमा पॉलिसी लागू हो, और ट्रैक्टर एक मोटर वाहन है। बिना बीमा चलाना धारा 196 में अपराध है: पहली बार 3 महीने तक की जेल या ₹2,000 जुर्माना या दोनों, और दोबारा पकड़े जाने पर 3 महीने तक या ₹4,000 या दोनों।

थर्ड-पार्टी पॉलिसी सिर्फ दूसरे लोगों और उनकी संपत्ति के नुकसान का भुगतान करती है। इससे अपना ट्रैक्टर ठीक नहीं होता, चोरी होने पर बदला नहीं जाता, और बाढ़ या आग का नुकसान भी नहीं मिलता। इसके लिए कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी चाहिए।

ट्रैक्टर और ट्रॉली का बीमा अनिवार्य है या नहीं

  • ट्रैक्टर: धारा 146 सार्वजनिक स्थान पर चलने वाले हर मोटर वाहन पर लागू होती है, जैसे गांव की सड़क, हाईवे या मंडी यार्ड की सड़क। छूट सिर्फ सरकारी कामों में लगे सरकारी वाहनों को (धारा 146(2)) और उन वाहनों को है जिन्हें सरकार आदेश से छूट दे (धारा 146(3))। देखे गए पाठ में खेती के उपयोग के लिए कोई छूट नहीं मिली।
  • ट्रॉली: नियमों में ट्रॉली का प्रीमियम अलग से तय है, यानी ट्रॉली की अपनी प्रीमियम लाइन है। 5 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने Royal Sundaram Alliance Insurance बनाम Honnamma में कहा कि जुड़ी हुई ट्रॉली की अलग पॉलिसी न होने भर से ट्रैक्टर का बीमाकर्ता जिम्मेदारी से मना नहीं कर सकता। फिर भी नियमों में ट्रॉली का प्रीमियम अलग है, इसलिए ट्रॉली का बीमा भी ट्रैक्टर के साथ कराएं।

थर्ड-पार्टी बनाम कॉम्प्रिहेंसिव

कवरसिर्फ थर्ड-पार्टीकॉम्प्रिहेंसिव
दूसरों की चोट या मृत्यु, उनकी संपत्ति का नुकसानहांहां
मालिक-चालक का व्यक्तिगत दुर्घटना कवरहां (Digit इसे दोनों में बताता है)हां
दुर्घटना में अपने ट्रैक्टर का नुकसाननहींहां
चोरी, आग, बाढ़, भूकंप, दंगानहींहां
प्रीमियमकेंद्र सरकार तय करती है, हर बीमाकर्ता पर एक जैसाओन-डैमेज हिस्सा हर बीमाकर्ता तय करता है, साथ में तय थर्ड-पार्टी हिस्सा
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सरकार द्वारा तय थर्ड-पार्टी प्रीमियम

बेस थर्ड-पार्टी प्रीमियम अब सिर्फ IRDAI अधिसूचित नहीं करता। 1 जून 2022 से यह Motor Vehicles (Third Party Insurance Base Premium and Liability) Rules, 2022 (G.S.R. 394(E), 25 मई 2022) से तय होता है, जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने IRDAI से परामर्श करके बनाए हैं। इससे पहले दरें IRDAI अधिसूचित करता था, जैसे जून 2019 में।

नियमों में वाहन का वर्ग2019 (IRDAI)1 जून 2022 से
कृषि ट्रैक्टर 6 HP तक (तालिका I में सूचीबद्ध)₹857₹910
पैदल चलाए जाने वाले कृषि ट्रैक्टर 6 HP तक (तालिका III)₹1,550₹1,645
ट्रॉली, अन्य वाहन जिनमें विविध और विशेष प्रकार (Class C) शामिल हैं, प्रति ट्रॉली₹2,341₹2,485
अन्य विविध और विशेष प्रकार के वाहन (तालिका III)₹6,847₹7,267

अधिसूचित दर सूची में 6 HP से बड़े ट्रैक्टर की अलग लाइन नहीं है। बड़े ट्रैक्टर के लिए बीमाकर्ता कौन सी लाइन लगाते हैं, यह वे प्रकाशित नहीं करते, इसलिए पॉलिसी पर लिखा कोट ही आधार है। 2023-24 के जून 2023 के प्रस्ताव में ₹910 और ₹2,485 वही दिखाए गए हैं, और बाद के संशोधन पुष्ट नहीं हुए। दरें हर बीमाकर्ता पर एक जैसी हैं, इसलिए तुलना ओन-डैमेज हिस्से की करनी चाहिए।

ओन-डैमेज प्रीमियम क्या तय करता है

  • IDV (Insured Declared Value): पूरा नुकसान होने पर मिलने वाली अधिकतम रकम। IDV ज्यादा तो प्रीमियम ज्यादा।
  • ट्रैक्टर का मॉडल, कंपनी, इंजन और निर्माण वर्ष, तथा रजिस्ट्रेशन की जगह।
  • क्लेम का इतिहास और नो-क्लेम बोनस (NCB): बिना क्लेम के साल पर छूट मिलती है, और एक सहायक स्रोत के अनुसार 5 साल बिना क्लेम पर 50% तक।
  • चुने गए ऐड-ऑन।

ओन-डैमेज दर बीमाकर्ता तय करता है, और ट्रैक्टर के लिए कोई एक राष्ट्रीय दर नहीं मिली। एक ही IDV और एक जैसे ऐड-ऑन पर कम से कम दो बीमाकर्ताओं से कोट लें।

IDV और मूल्यह्रास की तालिका

IDV निर्माता की सूचीबद्ध बिक्री कीमत से शुरू होता है और उम्र के साथ इस तालिका के हिसाब से घटता है, जैसा IFFCO-Tokio ने छापा है।

ट्रैक्टर की उम्रIDV तय करने के लिए मूल्यह्रास
6 महीने से ज्यादा नहीं5%
6 महीने से ज्यादा, 1 साल तक15%
1 साल से ज्यादा, 2 साल तक20%
2 साल से ज्यादा, 3 साल तक30%
3 साल से ज्यादा, 4 साल तक40%
4 साल से ज्यादा, 5 साल तक50%
5 साल से ज्यादाबीमाकर्ता और मालिक की सहमति से

यह तालिका पूरा नुकसान (total loss) के क्लेम के लिए इस्तेमाल होती है। उसी दस्तावेज में मरम्मत या वापसी की लागत IDV के 75% से ऊपर जाने पर वाहन को constructive total loss माना गया है। पुराने ट्रैक्टर का बीमा सबसे कम रकम पर नहीं, सही बाजार कीमत पर कराना बेहतर है, इसे ट्रैक्टर वैल्यूएशन टूल या पुराने ट्रैक्टर बाजार की लिस्टिंग से मिलाएं।

ऐड-ऑन और क्या कवर नहीं है

  • मिलने वाले ऐड-ऑन: जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन और गियरबॉक्स प्रोटेक्शन, कंज्यूमेबल्स कवर, ब्रेकडाउन असिस्टेंस, अतिरिक्त टोइंग, आय की हानि और EMI प्रोटेक्शन। उपलब्धता बीमाकर्ता पर निर्भर है।
  • कवर नहीं: थर्ड-पार्टी पॉलिसी में अपना नुकसान, वैध लाइसेंस के बिना चलाना, शराब या नशे में चलाना, लापरवाही में योगदान जैसे जानी हुई बाढ़ के पानी में चलाना, परिणामी नुकसान, घिसाई या मशीनी खराबी, और परमिट के बिना अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग।

क्लेम कैसे करें

  1. तुरंत कॉल या ऐप से बीमाकर्ता को बताएं। एक सहायक स्रोत के अनुसार 24 से 48 घंटे बाद बताने पर क्लेम रद्द हो सकता है।
  2. सर्वेयर की अनुमति तक ट्रैक्टर न हिलाएं, और नुकसान की फोटो या वीडियो बनाएं।
  3. चोरी और किसी तीसरे व्यक्ति को चोट होने पर FIR दर्ज कराएं।
  4. पॉलिसी की कॉपी, RC, ड्राइविंग लाइसेंस, मरम्मत के बिल, फोटो और FIR दें।
  5. कैशलेस के लिए नेटवर्क गैराज में मरम्मत कराएं, या खुद भुगतान करके रिफंड का क्लेम करें।

पॉलिसीधारक नियमों की समय-सीमा, जैसा SBI General ने बताया है: सूचना के 72 घंटे के भीतर सर्वेयर की नियुक्ति, 48 घंटे में सर्वे शुरू, अंतिम सर्वे रिपोर्ट के 30 दिन के भीतर क्लेम का भुगतान या अस्वीकृति, और देर होने पर बैंक दर से 2% ऊपर ब्याज।

रिन्यूअल और पॉलिसी का लैप्स होना

  • समाप्ति की तारीख से पहले रिन्यू करें। इससे नो-क्लेम बोनस बना रहता है और वाहन का निरीक्षण नहीं कराना पड़ता।
  • समाप्ति के बाद चलाने का मतलब बिना बीमा चलाना है, जिस पर ऊपर बताई धारा 196 की सजा है और पीड़ित के क्लेम के खिलाफ मालिक के पास कोई कवर नहीं रहता।
  • लैप्स हुई ट्रैक्टर पॉलिसी पर निश्चित दिनों के बाद निरीक्षण लगता है या NCB जाता है, यह बीमाकर्ता पर निर्भर है और पुष्ट नहीं हुआ।

डीलर का जोड़ा बीमा और ऑन-रोड कीमत

डीलर आम तौर पर रजिस्ट्रेशन और अन्य खर्चों के साथ पहला बीमा ऑन-रोड कीमत के कोट में जोड़ देता है। इस पर ट्रैक्टर का कोई अलग नियम नहीं मिला। कारों और दोपहिया के लिए IRDAI ने 1 अगस्त 2020 से लंबी अवधि का ओन-डैमेज कवर बंद किया और कारण में डीलरों की जबरन बिक्री बताई, इसलिए वहां लंबी थर्ड-पार्टी अवधि के साथ एक साल का ओन-डैमेज ही विकल्प है। ट्रैक्टर के लिए डीलर से बीमाकर्ता का नाम, IDV, ऐड-ऑन और ओन-डैमेज तथा थर्ड-पार्टी प्रीमियम का अलग-अलग ब्योरा मांगें और अपने कोट से मिलाएं। फिर पूरी रकम को ऑन-रोड कीमत टूल में जांचें।

ट्रैक्टर लोन पर खरीदने पर कर्जदाता पॉलिसी मांगेगा, और प्रीमियम लोन में जुड़ने पर EMI बदल सकती है। ऑफर की तुलना के लिए ट्रैक्टर की कीमतें और ट्रैक्टर डीलर देखें।

स्रोत

ट्रैक्टर खरीदार गाइड