अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
पुराना ट्रैक्टर दो चरणों में हाथ बदलता है। विक्रेता बिक्री की सूचना Form 29 पर देता है, और खरीदार RC, बीमा प्रमाणपत्र और फीस के साथ Form 30 पर ट्रांसफर का आवेदन करता है। एक ही राज्य में हस्तांतरण की तारीख से विक्रेता के पास 14 दिन और खरीदार के पास 30 दिन हैं। ट्रैक्टर दूसरे राज्य जा रहा हो तो विक्रेता के पास 45 दिन हैं और अनापत्ति प्रमाणपत्र (Form 28) लगता है।
जिस ट्रैक्टर पर बैंक का लोन है, उसका साफ ट्रांसफर तब तक नहीं होता जब तक RC से लोन की एंट्री Form 35 से हटवा न ली जाए। देरी पर जुर्माना है, इसलिए दोनों पक्ष कागजी काम एक ही हफ्ते में निपटाएं।
एक नजर में फॉर्म
| फॉर्म | उद्देश्य | कौन भरता है |
|---|---|---|
| Form 29 | स्वामित्व हस्तांतरण की सूचना (नियम 55(1)) | विक्रेता |
| Form 30 | स्वामित्व हस्तांतरण का आवेदन (नियम 55(2)) | खरीदार |
| Form 35 | लोन (हाइपोथेकेशन) की एंट्री खत्म कराना, RC और फीस के साथ (नियम 61) | मालिक और बैंक, दोनों के दस्तखत |
| Form 36 | लोन एंट्री हटने के बाद नई RC का आवेदन | मालिक |
| Form 28 | ट्रैक्टर जिस RTO में पंजीकृत है उससे अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) (नियम 58) | मालिक, दूसरे राज्य जाने पर |
| Form 31 | मालिक की मृत्यु के बाद ट्रांसफर, 3 महीने के भीतर (नियम 56) | वारिस |
समय सीमा और जुर्माना
| कौन | सीमा | स्रोत |
|---|---|---|
| विक्रेता, एक ही राज्य | हस्तांतरण से 14 दिन | धारा 50 |
| विक्रेता, ट्रैक्टर राज्य से बाहर जा रहा हो | हस्तांतरण से 45 दिन | धारा 50 |
| खरीदार | हस्तांतरण से 30 दिन, RC, फीस और विक्रेता की सूचना की कॉपी के साथ | धारा 50 |
| NOC पर RTO का फैसला | 30 दिन; इनकार न हो तो NOC मंजूर मानी जाती है | धारा 48 |
| मालिक की मृत्यु पर वारिस | 30 दिन में RTO को सूचना, 3 महीने में Form 31 | नियम 56 |
देरी पर धारा 50 के तहत RTO धारा 177 के मुकदमे की जगह ₹100 से अधिक न होने वाली राशि ले सकता है। राशि न दी जाए तो धारा 177 की कार्रवाई होती है। फीस तालिका में NOC देर से जमा हो तो मोटरसाइकिल के अलावा अन्य वाहनों पर हर महीने या महीने के हिस्से के लिए ₹500 और लगते हैं।
ट्रांसफर फीस
नियम 81 में ट्रांसफर फीस उस वर्ग की रजिस्ट्रेशन फीस की आधी है। Rajasthan Transport की तालिका में ट्रैक्टर वाले वर्ग के लिए ₹3,000 है, यानी ट्रांसफर के ₹1,500 बनते हैं, और राज्य कम फीस ले सकता है (G.S.R. 271(E))। RTO काउंटर पर बताई रकम ही देनी है।
जब ट्रैक्टर पर लोन चल रहा हो
- RC में फाइनेंसर के रूप में बैंक का नाम दिखता है। लोन बंद होने का पत्र और बैंक की NOC मांगें।
- मालिक और फाइनेंसर Form 35 पर दस्तखत करके RC और फीस के साथ जमा करते हैं। Rajasthan की प्रकाशित तालिका में एंट्री रद्द करने की अलग फीस नहीं है, जबकि नियमों की एक पुरानी छपी प्रति में ₹100 दिखता है।
- RTO एंट्री हटा देता है, और नई RC का आवेदन Form 36 पर होता है।
- इसके बाद बिक्री के लिए Form 29 और Form 30 दाखिल होते हैं।
यदि मालिक RC फाइनेंसर को देने से मना करे, तो RTO मालिक को Form 37 पर नोटिस भेजता है। जिस खरीदार को RC पर फाइनेंसर का नाम दिखे, वह लोन बंद होने का रिकॉर्ड चढ़ने तक पूरा पैसा न दे।
दूसरे राज्य से खरीदना
- विक्रेता Form 28 पर उस RTO में आवेदन करता है जहां ट्रैक्टर पंजीकृत है, RC की प्रमाणित कॉपी, बीमे की प्रमाणित कॉपी, मोटर वाहन कर अद्यतन जमा होने का प्रमाण, या जिस अवधि में कर देय नहीं था उसके लिए कर बकाया न होने का प्रमाणपत्र लगाकर।
- NOC देने या मना करने से पहले RTO चोरी के लिए पुलिस रिकॉर्ड देखता है और पक्का करता है कि रोड टैक्स और अन्य बकाया चुके हैं।
- खरीदार Form 30 के साथ NOC, या इनकार का आदेश, या विक्रेता की घोषणा और रसीद लगाता है।
- दूसरे राज्य में 12 महीने से ज्यादा रहने वाले ट्रैक्टर को वहां नया रजिस्ट्रेशन मार्क लेना होता है, NOC के साथ Form 27 पर, उस अवधि के बाद 30 दिन के भीतर।
खरीदार क्या जांचे
- इंजन और चेसिस नंबर: ट्रैक्टर पर पढ़कर असली RC से मिलाएं। फोटोकॉपी पर न खरीदें।
- लोन एंट्री: RC पर नामित फाइनेंसर को पहले साफ कराना जरूरी है, जैसा ऊपर लिखा है।
- बकाया चालान: चालान वाहन के साथ जुड़े रहते हैं, चालक के साथ नहीं, और न चुकाए चालान ट्रांसफर मुश्किल करते हैं। Parivahan का e-challan पोर्टल रजिस्ट्रेशन नंबर से कोई भी देख सकता है।
- बकाया टैक्स: Form 28 में टैक्स जमा होने का प्रमाण लगता है, इसलिए रसीदें मांगें। राज्यों की स्थिति के लिए रजिस्ट्रेशन गाइड देखें।
- बीमा: पॉलिसी RTO ट्रांसफर के 14 दिन के भीतर खरीदार के नाम होनी चाहिए। जब तक एंडोर्समेंट न हो, पुरानी पॉलिसी पर क्लेम से इनकार हो सकता है।
- कीमत: ट्रैक्टर वैल्यूएशन टूल और पुराने ट्रैक्टर बाजार की लिस्टिंग से मिलाएं।
दोनों पक्षों के लिए बिक्री चेकलिस्ट
| विक्रेता | खरीदार |
|---|---|
| असली RC, बीमा और टैक्स के कागज तैयार रखे | इंजन और चेसिस नंबर RC से मिलाए |
| चालान और लोन साफ करे; बैंक की NOC और Form 35 पर दस्तखत ले | पैसे देने से पहले रजिस्ट्रेशन नंबर से चालान देखे |
| Form 29 और Form 30 पर दस्तखत करके खरीदार को दे | Form 30 पर दस्तखत करे और Form 29, RC, बीमा और ID की कॉपी ले |
| कीमत, तारीख और दोनों के नाम के साथ बिक्री की रसीद लिखे | बैंक ट्रांसफर से भुगतान करे और रसीद रखे |
| 14 दिन में बिक्री की सूचना दे और पावती रखे | 30 दिन में ट्रांसफर का आवेदन करे |
| बीमा कंपनी से पॉलिसी ट्रांसफर करने को कहे और नो क्लेम बोनस के कागज रखे | 14 दिन में पॉलिसी अपने नाम एंडोर्स कराए |
बेचने के लिए बाजार में ट्रैक्टर मुफ्त लिस्ट करें। नया खरीदना हो तो ट्रैक्टर की कीमतें, डीलर और ट्रैक्टर लोन पेज, और EMI कैलकुलेटर देखें।
Sources
- Central Motor Vehicles Rules, 1989 (rules 54, 55, 58, 60, 61, 81), Chhattisgarh Transport copy
- Motor Vehicles Act, 1988, section 50: transfer of ownership
- Motor Vehicles Act, 1988, section 48: no objection certificate
- Rajasthan Transport, Registration Fees under Rule 81 (secondary copy of the fee table)
- MoRTH G.S.R. 271(E), 21 March 2017: States may levy a lower fee than the Rule 81 table
- Tata AIG, transferring motor insurance on a second-hand vehicle (insurer page)
- Acko, used vehicle challan clearance (secondary source; the official check is the Parivahan e-challan portal)
- Tractor Karvan, tractor registration certificate guide (secondary source)