टमाटर पत्ती मरोड़ विषाणु का नियंत्रण

लक्षण
पत्तियां ऊपर और अंदर की ओर मुड़ जाती हैं, छोटी, मोटी, चमड़े जैसी और सिकुड़ी हो जाती हैं तथा शिराओं के बीच पीलापन आ जाता है। छोटी अवस्था में संक्रमित पौधे बौने और झाड़ीनुमा रह जाते हैं और पर्व की दूरी घट जाती है। फूल कम आते हैं और बहुत कम या बिल्कुल फल नहीं बनते, और जो फल बनते हैं वे छोटे और कठोर रहते हैं। यह रोग खेत में टुकड़ों में फैलता है और गर्म सूखे महीनों में सबसे अधिक होता है जब सफेद मक्खी सक्रिय रहती है।
नुकसान
यह भारत में टमाटर और मिर्च का सबसे विनाशकारी विषाणु रोगों में से एक है और जल्दी संक्रमण होने पर 30 से 100 प्रतिशत तक उपज हानि कर सकता है। एक बार पौधा संक्रमित होने पर इसका कोई इलाज नहीं है, इसलिए सारा बचाव स्वस्थ पौधों को संक्रमण से रोकने में है। यह विषाणु केवल सफेद मक्खी (बेमिसिया टैबेसी) से फैलता है, छूने या औजार से नहीं, इसलिए सफेद मक्खी का नियंत्रण और संक्रमित पौधों को हटाना प्रबंधन का मूल है।
जैविक और सांस्कृतिक नियंत्रण
सबसे संवेदनशील अवस्था में सफेद मक्खी से बचाने के लिए पौध को 40 मेश नायलॉन जाली या कीटरोधी नर्सरी में तैयार करें। मरोड़ दिखते ही संक्रमित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें ताकि वे विषाणु का स्रोत न बनें। निगरानी और मक्खी पकड़ने के लिए प्रति एकड़ 10 से 12 पीले चिपचिपे ट्रैप लगाएं। सफेद मक्खी को भगाने और रोकने के लिए नीम तेल 5 मिली प्रति लीटर या नीम बीज गिरी सत 5 प्रतिशत बार बार छिड़कें। खेत के चारों ओर मक्का या ज्वार की ऊंची अवरोधक फसल लगाएं और मेड़ों से गाजर घास और धतूरा जैसे खरपतवार हटाएं।
रासायनिक नियंत्रण
कोई भी रसायन विषाणु को ठीक नहीं करता, इसलिए रसायन केवल सफेद मक्खी वाहक को नियंत्रित करने के लिए प्रयोग होते हैं। नर्सरी अवस्था में मिट्टी में या पौध की जड़ डुबाकर इमिडाक्लोप्रिड देने से छोटे पौधे सुरक्षित रहते हैं, और खेत में मक्खी बढ़ने पर डायफेनथियूरॉन, पायरीप्रॉक्सीफेन या स्पाइरोमेसिफेन जैसे कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। प्रतिरोध से बचने के लिए अलग अलग कीटनाशक समूहों को बदल बदल कर प्रयोग करें क्योंकि सफेद मक्खी जल्दी प्रतिरोध बना लेती है। हमेशा उत्पाद लेबल की मात्रा का पालन करें, कटाई पूर्व अंतराल का ध्यान रखें और छिड़काव से पहले अपने केवीके या कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
हमेशा उत्पाद के लेबल, अनुशंसित प्रतीक्षा अवधि (PHI) और अपने KVK या कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें। कीटनाशक नियम बदलते रहते हैं, उपयोग से पहले पुष्टि करें।
रोकथाम
अपने क्षेत्र के लिए अनुशंसित सहनशील या प्रतिरोधी संकर किस्में उगाएं क्योंकि यही सबसे भरोसेमंद बचाव है। स्वच्छ कीटरोधी नर्सरी प्रयोग करें, केवल स्वस्थ पौध की रोपाई करें और पौध अवस्था से सफेद मक्खी पर कड़ी निगरानी रखें। संक्रमित पौधे और खरपतवार मेजबान नियमित रूप से हटाकर नष्ट करें। सफेद मक्खी भगाने के लिए परावर्तक या चांदी रंग की मल्च का प्रयोग करें, मक्खी का चक्र तोड़ने के लिए फसल विहीन अवधि रखें, और पुराने संक्रमित टमाटर, मिर्च या कपास के खेतों के पास रोपाई न करें।
सवाल-जवाब
इस विषाणु से पत्तियां मुड़ जाने के बाद क्या मैं टमाटर के पौधे को ठीक कर सकता हूं?
पत्ती मरोड़ विषाणु एक पौधे से दूसरे में कैसे फैलता है?
मैं अपनी नर्सरी की पौध को इस रोग से कैसे बचाऊं?
अपनी फसल की समस्या पर किसानों से सलाह लें
समुदाय में पूछें