महाराष्ट्र में सूरजमुखी: रकबा, उत्पादन और उपज

2024-25 में महाराष्ट्र में सूरजमुखी का उत्पादन 8,231 टन (13,780 हेक्टेयर में, औसत उपज 597 किग्रा/हे.) रहा - ज़िलेवार आंकड़ों के अनुसार राज्यों में 4वां स्थान, देश के उत्पादन का 4%। 2019-20 की तुलना में उत्पादन -32% बदला।

वर्षरकबा (हेक्टेयर)उत्पादन (टन)उपज (किग्रा/हे.)
2019-2027,80212,134436
2020-2126,03412,178468
2021-2218,14711,310623
2022-2323,35014,464619
2023-246,1402,375387
2024-2513,7808,231597

महाराष्ट्र में सूरजमुखी के सबसे बड़े उत्पादक ज़िले (2024-25)

  1. Solapur: 2,834 टन (34%), उपज 424 किग्रा/हे.
  2. Jalgaon: 1,920 टन (23%), उपज 1,511 किग्रा/हे.
  3. Aurangabad: 778 टन (9%), उपज 600 किग्रा/हे.
  4. Sangli: 621 टन (8%), उपज 555 किग्रा/हे.
  5. Hingoli: 542 टन (7%), उपज 623 किग्रा/हे.

स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। राज्य का आंकड़ा = ज़िलेवार अनुमानों का जोड़।

महाराष्ट्र में सूरजमुखी की खेती

महाराष्ट्र भारत में सूरजमुखी का 4वां सबसे बड़ा उत्पादक है। ऊपर दिए गए भाव महाराष्ट्र की APMC मंडियों के थोक भाव हैं। असली भाव ग्रेड, नमी और आवक पर निर्भर करता है।

सूरजमुखी एमएसपी और खरीद

सूरजमुखी का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹8,343/क्विंटल है। महाराष्ट्र में सरकारी एजेंसियां इसी भाव पर खरीदती हैं, इसलिए एमएसपी से कम पर न बेचें।

महाराष्ट्र में सूरजमुखी कहां बेचें

नज़दीकी APMC मंडी में बेचें, 2-3 मंडियों के भाव की तुलना करें, फसल ग्रेड करें (15-20% ज्यादा दाम), और eNAM पर रजिस्टर करें।