अपडेट: 3 अक्टूबर 2026

एक प्रकाशित ICAR ट्रायल में एक हेक्टेयर कार्प तालाब की 8 महीने की फसल की लागत ₹3,27,640 आई और मछली ₹5,04,800 में बिकी, यानी शुद्ध ₹1,77,160। यह तालाब खुदवाने से पहले लगभग ₹71,700 प्रति एकड़ शुद्ध बैठता है। 7 टैंक की छोटी बायोफ्लॉक यूनिट की लागत NFDB ने ₹7.5 लाख बताई है, पर पुस्तिका की आमदनी का आँकड़ा उसकी अपनी स्टॉकिंग संख्या से मेल नहीं खाता।

बीज, दाना और मछली के दाम राज्य, मौसम और मछली के आकार के हिसाब से बदलते हैं, और नीचे हर दाम उसी वर्ष का है जो साथ में लिखा है। अपने नज़दीकी हैचरी, दाना डीलर और मंडी से अंगुलिकाओं, दाने और मछली के आज के भाव पूछकर हिसाब दोबारा लगाएँ। मछली पालन का सार और प्रजाति पेज भी देखें।

एक हेक्टेयर कार्प: ICAR ट्रायल, 2020

ICAR NEH क्षेत्र, त्रिपुरा, ने कतला, रोहू और मृगल (4:3:3) 7,500 प्रति हेक्टेयर की दर से 8 महीने पाली। प्रति एकड़ आँकड़े 2.47 से भाग देकर निकाले हैं (1 हेक्टेयर = 2.47 एकड़) और ₹10 तक पूर्णांकित हैं।

मदप्रति हेक्टेयर (₹)प्रति एकड़ (₹)
तालाब का पट्टा25,00010,120
तालाब की सफ़ाई30,00012,150
चूना12,0004,860
गोबर खाद23,0009,310
उर्वरक6,8252,760
अंगुलिकाएँ18,0007,290
दाना1,30,81552,960
मज़दूरी72,00029,150
विविध10,0004,050
कुल लागत3,27,6401,32,650
बेची गई मछली: 2,524 किलो, ₹200 प्रति किलो5,04,8002,04,370
शुद्ध: 5,04,800 घटा 3,27,6401,77,16071,720
  • दाना ₹3,27,640 में से ₹1,30,815 है, यानी लगभग 40% लागत; दाना रूपांतरण अनुपात 2.25 रहा।
  • ₹200 प्रति किलो त्रिपुरा का स्थानीय बाज़ार भाव है, खेत का भाव नहीं। लागत में ₹25,000 का पट्टा शामिल है और तालाब की खुदाई शामिल नहीं है।
  • इसी ट्रायल का स्रोत: मृगल की जगह पाबदा रखने पर शुद्ध ₹2,23,466 प्रति हेक्टेयर हुआ, क्योंकि पाबदा ₹500 प्रति किलो बिकी।

पुराना NABARD मॉडल, 2013

  • पूँजी: ₹1,06,500 प्रति हेक्टेयर, जिसमें खुदाई 40 घंटे x ₹1,200 = ₹48,000 और 3 HP डीज़ल पंप ₹30,000 है। प्रति एकड़ लगभग ₹43,100।
  • सालाना चालू लागत: ₹1,12,375, जिसमें दाना 6,000 किलो x ₹12 = ₹72,000 और 5,000 अंगुलिकाएँ x ₹5 = ₹25,000 हैं। प्रति एकड़ लगभग ₹45,500।
  • आमदनी: 4,000 किलो से साल में ₹2.00 लाख, जो ₹50 प्रति किलो मानता है। शुद्ध: ₹2,00,000 घटा ₹1,12,375 = ₹87,625, यानी लगभग ₹35,500 प्रति एकड़।
  • ये 2013 के दाम हैं, इसलिए ₹12 प्रति किलो दाना और ₹50 प्रति किलो मछली पुराने हैं। चालू लागत के लिए ऊपर का 2020 का ट्रायल बेहतर मार्गदर्शक है।
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नया तालाब खुदवाना: PMMSY की सीमाएँ

PMMSY असली लागत का 40% (SC, ST और महिलाओं के लिए 60%) इन सीमाओं तक देता है (सितंबर 2020 पुस्तिका)। तालाब कम से कम 1.5 मीटर गहरा और बारहमासी पानी वाला होना चाहिए, और ज़मीन के लिए कोई पैसा नहीं मिलता।

घटकसीमा प्रति हेक्टेयर (₹)प्रति एकड़ (₹)40% प्रति एकड़ (₹)60% प्रति एकड़ (₹)
नया ग्रो-आउट तालाब7,00,0002,83,4001,13,4001,70,000
नए मीठे पानी के तालाब के लिए इनपुट4,00,0001,61,90064,80097,200

छोटी बायोफ्लॉक यूनिट: 7 टैंक, NFDB पुस्तिका

200 m2 में 4 मीटर व्यास और 15,000 लीटर के सात टैंक, GIFT तिलापिया के लिए: 80% जीवित रहना, दाना रूपांतरण 1.2, 6 महीने, 500 ग्राम की मछली, साल में 2 फसल, ₹130 प्रति किलो। पुस्तिका में वर्ष नहीं छपा है।

पूँजी की मदलागत (₹ लाख)
7 तिरपाल या फ़ाइबर टैंक, ₹25,000 प्रति टैंक1.75
शेड सामग्री और लगवाई1.20
बोरवेल (3 HP)1.00
हवा और पानी के लिए PVC पाइप0.75
जाल और सामान0.15
ब्लोअर (1 HP), एयर स्टोन0.30
बिजली का काम0.10
जनरेटर (2 kVA)0.45
तौलने की मशीन0.10
विविध0.20
पूँजी कुल6.00
एक फसल के इनपुट (बीज, दाना, प्रोबायोटिक, टेस्ट किट)1.50
परियोजना लागत7.50

तौलने की मशीन की पंक्ति में ₹5,000 की दर के सामने ₹0.10 लाख छपा है; यहाँ छपे हुए कुल का ही इस्तेमाल किया गया है।

आमदनी: पुस्तिका के आँकड़े आपस में मेल नहीं खाते

पुस्तिका में "100 प्रति m3" भी लिखा है और "15,000 लीटर के टैंक में 1,000" भी। इनसे अलग-अलग फसल निकलती है। दाना 1.2 किलो प्रति किलो मछली और ₹30 प्रति किलो मान लिया है, जो इसी पुस्तिका के बड़े मॉडलों में इस्तेमाल हुआ है।

पाठडाली गई मछलीकटाई (80% जीवित, 500 ग्राम)₹130 प्रति किलो पर कुलदाना और उसकी लागत
प्रति टैंक 1,0007 x 1,000 = 7,0007,000 x 0.8 x 0.5 = 2,800 किलो₹3,64,0003,360 किलो, ₹1,00,800
100 प्रति m3, प्रति टैंक 1,5007 x 1,500 = 10,50010,500 x 0.8 x 0.5 = 4,200 किलो₹5,46,0005,040 किलो, ₹1,51,200
  • पुस्तिका की अपनी 4.2 टन की कटाई और ₹5.46 लाख केवल दूसरे पाठ से मेल खाते हैं। उसमें अकेला दाना (₹1,51,200) पुस्तिका के पूरे ₹1.50 लाख के इनपुट भत्ते से ऊपर है, बीज (10,500 x ₹4 = ₹42,000), प्रोबायोटिक, कार्बन स्रोत और बिजली से पहले।
  • पहले पाठ में दाना और बीज (₹1,00,800 + ₹28,000 = ₹1,28,800) के बाद ₹1.50 लाख में से बाकी सबके लिए ₹21,200 बचते हैं। प्रति फसल सकल मार्जिन ₹3,64,000 घटा ₹1,50,000 = ₹2,14,000।
  • पहले पाठ पर दो फसलें: 2 x ₹2,14,000 = ₹4,28,000, इसमें से पूँजी का 15% घिसावट (₹90,000) और ₹7.5 लाख पर 12% ब्याज (₹90,000) घटाने पर ₹2,48,000, ऋण का मूलधन चुकाने से पहले। पुस्तिका का ₹4.975 लाख 4.2 टन वाले पाठ और ₹0.975 लाख की घिसावट पंक्ति पर टिका है, जबकि ₹6.00 लाख का 15% ₹0.90 लाख होता है।

बायोफ्लॉक के जोखिम

  • उपयोग किए गए स्रोतों में बायोफ्लॉक यूनिटों की विफलता की कोई दर नहीं छपी है, इसलिए कोई दर नहीं दी गई।
  • बिजली: ब्लोअर पानी को चलाता रखता है, और NFDB के हर मॉडल में जनरेटर शामिल है (7 टैंक की यूनिट में ₹45,000)। बिजली का खर्च अलग से नहीं गिना गया है।
  • कार्बन स्रोत: रोज़ाना, हर किलो दाने पर 600 ग्राम। 3,360 किलो दाने के लिए यह एक फसल में लगभग 2 टन होता है; पुस्तिका में इसका दाम नहीं दिया।
  • तापमान: पुस्तिका 26 से 34 °C बताती है। 15 से 28 °C पर ICAR के मुरल ट्रायल में 10 महीने में मछली केवल लगभग 150 ग्राम की हुई, सर्दी में सबसे धीमी।
  • हुनर: फ्लॉक की मात्रा जाँचनी पड़ती है (मछली के लिए 25 से 35 ml प्रति लीटर) और ICAR के अनुसार सघन मछली पालन में पानी जल्दी बिगड़ता है। एक ICAR पेपर यह भी कहता है कि कैटफ़िश पालन कम मुनाफ़े पर चलता है।
  • कागज़ और बाज़ार: PMMSY में बैंक की सहमति वाली प्रोजेक्ट रिपोर्ट चाहिए, और बीज, दाना और बाज़ार की पूरी ज़िम्मेदारी किसान की है। तिलापिया के लिए राज्य का परमिट भी चाहिए।

पैसे का इंतज़ाम

7 टैंक की यूनिट की ₹7.5 लाख की सीमा पर 40% ₹3.0 लाख और 60% ₹4.5 लाख होता है, बाकी ₹4.5 लाख या ₹3.0 लाख का इंतज़ाम करना होता है। सब्सिडी और लोन, कार्यशील पूँजी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड और EMI कैलकुलेटर देखें।

स्रोत

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