कोटा ज़िले में खेती: धनिया और सोयाबीन की प्रमुख मंडी
राजस्थान का कोटा ज़िला धनिया और सोयाबीन की प्रमुख मंडी के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन चंबल से सिंचित होती है और मुख्यतः काली मिट्टी मिट्टी पर है, जो सोयाबीन, धनिया, गेहूँ के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं कोटा की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
कोटा में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें सोयाबीन, धनिया, गेहूँ, लहसुन हैं। सोयाबीन स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए कोटा के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की काली मिट्टी मिट्टी नमी रखती है और कपास, सोयाबीन, दलहन के लिए अच्छी है है।
कोटा में मिट्टी, पानी और सिंचाई
काली मिट्टी मिट्टी और चंबल के पानी के साथ, कोटा के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
कोटा में मंडी भाव
कोटा की मंडियों (Kota APMC, Boli APMC, Ramganjmandi APMC, Itawa APMC) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Mustard | ₹6,600 | ₹7,786 | ₹7,300 |
| Bengal Gram(Gram)(Whole) | ₹4,901 | ₹5,800 | ₹5,429 |
| Green Gram(Moong)(Whole) | ₹6,651 | ₹7,256 | ₹6,816 |
| Maize | ₹1,850 | ₹1,932 | ₹1,891 |
| Methi Seeds | ₹5,601 | ₹6,630 | ₹6,201 |
| Corriander seed | ₹8,000 | ₹16,201 | ₹12,133 |
| Garlic | ₹10,000 | ₹10,000 | ₹10,000 |
| Jowar(Sorghum) | ₹353 | ₹6,433 | ₹3,435 |
| Cotton | ₹5,353 | ₹5,353 | ₹5,353 |
| Soyabean | ₹6,870 | ₹7,590 | ₹7,230 |
स्रोत: कोटा, राजस्थान की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
कोटा में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में कोटा में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें सोयाबीन, गेहूँ, धान / चावल थीं। अकेले सोयाबीन का रकबा 1,81,818 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 39%) था, और इसकी उपज 910 किग्रा/हेक्टेयर राजस्थान के औसत से 16% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: धान / चावल का रकबा +66%, उड़द का रकबा -53%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | राजस्थान औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| सोयाबीन | 1,81,818 | 1,65,422 | 910 | 1,089 | +1% |
| गेहूँ | 1,30,954 | 4,90,953 | 3,749 | 3,559 | -21% |
| धान / चावल | 54,198 | 1,39,050 | 2,566 | 2,593 | +66% |
| चना / छोला | 40,533 | 63,225 | 1,560 | 1,215 | -14% |
| सरसों / राई | 34,973 | 50,879 | 1,455 | 1,552 | +40% |
| उड़द | 20,100 | 5,665 | 282 | 365 | -53% |
| मक्का | 2,163 | 5,521 | 2,552 | 2,658 | +5% |
| तिल | 517 | 90 | 173 | 363 | -61% |
| ज्वार | 398 | 323 | 811 | 811 | -64% |
| मूँगफली | 290 | 588 | 2,026 | 2,024 | +121% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। राजस्थान औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
कोटा का मौसम और बुवाई का समय
कोटा में सालाना औसतन लगभग 811 मिमी बारिश होती है, जिसका 91% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (270 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 44°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 8°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 91% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- मई में दिन का औसत 44°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 6 | 25° | 8° |
| फ़रवरी | 10 | 29° | 11° |
| मार्च | 9 | 35° | 17° |
| अप्रैल | 6 | 41° | 23° |
| मई | 10 | 44° | 28° |
| जून | 100 | 41° | 29° |
| जुलाई | 270 | 34° | 26° |
| अगस्त | 269 | 31° | 24° |
| सितंबर | 103 | 32° | 23° |
| अक्टूबर | 15 | 33° | 18° |
| नवंबर | 10 | 30° | 14° |
| दिसंबर | 3 | 26° | 10° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), कोटा ज़िले के केंद्र (25.1967, 76.001) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
कोटा के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
कोटा के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- बूंदी - 38 km
- बारां - 75 km
- नीमच, Madhya Pradesh - 104 km
- टोंक - 108 km
- श्योपुर, Madhya Pradesh - 111 km
- झालावाड़ - 111 km
कोटा ज़िले में किसान योजनाएं
कोटा, राजस्थान के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: