फरीदकोट ज़िले में खेती: पार-गंगा का मैदान
पंजाब मुख्य रूप से पार-गंगा का मैदान कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (अर्ध-शुष्क, पूरे क्षेत्र में सालाना 360-890mm बारिश)। इस क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हरित क्रांति पट्टी, पक्की सिंचाई के साथ आम है, मिट्टी ज़्यादातर जलोढ़ बलुई से दोमट है और आमतौर पर गेहूँ, धान / चावल, कपास, गन्ना, सरसों / राई, बाजरा उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), फरीदकोट की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में फरीदकोट की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
फरीदकोट में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में फरीदकोट में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, गेहूँ, सरसों / राई थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 1,17,202 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 50%) था, और इसकी उपज 4,388 किग्रा/हेक्टेयर पंजाब के औसत से 1% कम रही।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | पंजाब औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 1,17,202 | 5,14,307 | 4,388 | 4,433 | +1% |
| गेहूँ | 1,14,909 | 6,07,736 | 5,289 | 5,130 | -1% |
| सरसों / राई | 700 | 1,266 | 1,808 | 1,771 | +75% |
| मूंग | 600 | 499 | 831 | 890 | +20% |
| कपास | 300 | 775 | 439 | 2,582 | -82% |
| जौ | 100 | 380 | 3,800 | 3,715 | - |
| गन्ना | 100 | 8,252 | 82,524 | 81,952 | - |
| चना / छोला | 20 | 34 | 1,710 | 1,190 | - |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। पंजाब औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
फरीदकोट का मौसम और बुवाई का समय
फरीदकोट में सालाना औसतन लगभग 491 मिमी बारिश होती है, जिसका 76% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (120 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना जून है (दिन का औसत 43°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 5°C) होती हैं।
- आमतौर पर जुलाई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 491 मिमी बारिश के साथ यह सूखा इलाका है: बाजरा, ग्वार, मोठ, दलहन जैसी सख्त फसलें, जल संचयन और ड्रिप सिंचाई सबसे फायदेमंद हैं।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 5°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मई में दिन का औसत 43°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 16 | 20° | 5° |
| फ़रवरी | 22 | 24° | 8° |
| मार्च | 23 | 31° | 14° |
| अप्रैल | 16 | 38° | 21° |
| मई | 22 | 43° | 27° |
| जून | 67 | 43° | 30° |
| जुलाई | 120 | 40° | 29° |
| अगस्त | 107 | 38° | 27° |
| सितंबर | 80 | 36° | 24° |
| अक्टूबर | 5 | 34° | 19° |
| नवंबर | 6 | 28° | 13° |
| दिसंबर | 7 | 22° | 8° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), फरीदकोट ज़िले के केंद्र (30.6015, 74.795) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
फरीदकोट के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
फरीदकोट के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
फरीदकोट ज़िले में किसान योजनाएं
फरीदकोट, पंजाब के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: