वायनाड ज़िले में खेती: कॉफी और मसालों की पहाड़ियाँ
केरल का वायनाड ज़िला कॉफी और मसालों की पहाड़ियाँ के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन कबिनी से सिंचित होती है और मुख्यतः लेटराइट, पहाड़ी मिट्टी पर है, जो कॉफी, काली मिर्च, इलायची के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं वायनाड की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
वायनाड में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें कॉफी, काली मिर्च, इलायची, अदरक हैं। कॉफी स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए वायनाड के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की लेटराइट, पहाड़ी मिट्टी विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त है।
वायनाड में मिट्टी, पानी और सिंचाई
लेटराइट, पहाड़ी मिट्टी और कबिनी के पानी के साथ, वायनाड के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
वायनाड में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में वायनाड में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, मक्का, सूरजमुखी थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 6,804 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 100%) था, और इसकी उपज 3,199 किग्रा/हेक्टेयर केरल के औसत से 9% ज़्यादा रही।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | केरल औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 6,804 | 21,765 | 3,199 | 2,923 | -7% |
| मक्का | 8 | 1 | 148 | 3,117 | - |
| सूरजमुखी | 1 | 1 | 662 | 960 | - |
| तिल | 1 | 0 | 222 | 526 | +733% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। केरल औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
वायनाड का मौसम और बुवाई का समय
वायनाड में सालाना औसतन लगभग 1854 मिमी बारिश होती है, जिसका 66% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (378 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मार्च है (दिन का औसत 34°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 16°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 1854 मिमी बारिश के साथ मौसम में पानी भरपूर है; सिंचाई जितना ही खेत से पानी निकासी भी ज़रूरी है, और धान व बागानी फसलें यहां के मौसम के अनुकूल हैं।
- जनवरी में भी दिन का औसत तापमान 29°C रहता है, जो गेहूँ की अच्छी पैदावार के लिए ज़्यादा गर्म है; ठंड के मौसम में गर्मी सहने वाली दलहन, तिलहन और सब्ज़ियां बेहतर रहती हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 4 | 29° | 16° |
| फ़रवरी | 7 | 32° | 17° |
| मार्च | 29 | 34° | 20° |
| अप्रैल | 73 | 33° | 21° |
| मई | 170 | 29° | 21° |
| जून | 372 | 26° | 21° |
| जुलाई | 378 | 25° | 20° |
| अगस्त | 275 | 25° | 20° |
| सितंबर | 203 | 26° | 20° |
| अक्टूबर | 213 | 26° | 20° |
| नवंबर | 107 | 26° | 18° |
| दिसंबर | 23 | 27° | 17° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), वायनाड ज़िले के केंद्र (11.7151, 76.1271) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
वायनाड के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
वायनाड के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- कोझिकोड - 38 km
- मलप्पुरम - 68 km
- नीलगिरि, Tamil Nadu - 69 km
- कन्नूर - 70 km
- मैसूरु, Karnataka - 75 km
- कोडगु, Karnataka - 90 km
वायनाड ज़िले में किसान योजनाएं
वायनाड, केरल के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: