मलप्पुरम ज़िले में खेती: पश्चिमी तटीय मैदान और घाट
केरल मुख्य रूप से पश्चिमी तटीय मैदान और घाट कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (आर्द्र उष्णकटिबंधीय, पूरे क्षेत्र में सालाना 2000-3000mm बारिश)। इस क्षेत्र में कोंकण और मालाबार तट की अधिक वर्षा वाली बागान पट्टी आम है, मिट्टी ज़्यादातर लेटराइट और तटीय जलोढ़ है और आमतौर पर धान / चावल, नारियल, सुपारी, मसाले, काजू, केला, रबर उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), मलप्पुरम की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में मलप्पुरम की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
मलप्पुरम में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में मलप्पुरम में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, तिल थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 9,166 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 100%) था, और इसकी उपज 3,171 किग्रा/हेक्टेयर केरल के औसत से 8% ज़्यादा रही।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | केरल औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 9,166 | 29,067 | 3,171 | 2,923 | +4% |
| तिल | 29 | 9 | 306 | 526 | -42% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। केरल औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
मलप्पुरम का मौसम और बुवाई का समय
मलप्पुरम में सालाना औसतन लगभग 1986 मिमी बारिश होती है, जिसका 64% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जून में (393 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मार्च है (दिन का औसत 34°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 19°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 1986 मिमी बारिश के साथ मौसम में पानी भरपूर है; सिंचाई जितना ही खेत से पानी निकासी भी ज़रूरी है, और धान व बागानी फसलें यहां के मौसम के अनुकूल हैं।
- जनवरी में भी दिन का औसत तापमान 31°C रहता है, जो गेहूँ की अच्छी पैदावार के लिए ज़्यादा गर्म है; ठंड के मौसम में गर्मी सहने वाली दलहन, तिलहन और सब्ज़ियां बेहतर रहती हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 6 | 31° | 19° |
| फ़रवरी | 10 | 33° | 20° |
| मार्च | 34 | 34° | 22° |
| अप्रैल | 83 | 33° | 23° |
| मई | 188 | 30° | 23° |
| जून | 393 | 27° | 23° |
| जुलाई | 375 | 26° | 22° |
| अगस्त | 283 | 26° | 22° |
| सितंबर | 215 | 27° | 22° |
| अक्टूबर | 246 | 27° | 22° |
| नवंबर | 127 | 28° | 21° |
| दिसंबर | 26 | 28° | 19° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), मलप्पुरम ज़िले के केंद्र (11.1066, 76.1102) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
मलप्पुरम के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
मलप्पुरम के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- कोझिकोड - 46 km
- पलक्कड़ - 53 km
- वायनाड - 68 km
- त्रिशूर - 72 km
- नीलगिरि, Tamil Nadu - 74 km
- कोयंबटूर, Tamil Nadu - 111 km
मलप्पुरम ज़िले में किसान योजनाएं
मलप्पुरम, केरल के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: