महीसागर ज़िले में खेती: गुजरात के मैदान और पहाड़ियाँ
गुजरात मुख्य रूप से गुजरात के मैदान और पहाड़ियाँ कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (शुष्क से अर्ध-शुष्क, पूरे क्षेत्र में सालाना 340-1793mm बारिश)। इस क्षेत्र में मूंगफली, कपास और अरंडी की पट्टी, तिलहन का बड़ा उत्पादन आम है, मिट्टी ज़्यादातर काली, जलोढ़ और बलुई (खारी तटीय) है और आमतौर पर मूँगफली, कपास, गेहूँ, बाजरा, अरंडी, जीरा, तंबाकू उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), महीसागर की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में महीसागर की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
महीसागर में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में महीसागर में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, मक्का, गेहूँ थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 41,537 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 28%) था, और इसकी उपज 2,506 किग्रा/हेक्टेयर गुजरात के औसत से 4% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: सोयाबीन का रकबा +227%, अरंडी का रकबा -46%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | गुजरात औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 41,537 | 1,04,099 | 2,506 | 2,410 | +8% |
| मक्का | 40,183 | 85,547 | 2,129 | 1,858 | -10% |
| गेहूँ | 24,570 | 63,668 | 2,591 | 3,017 | 0% |
| चना / छोला | 12,672 | 18,142 | 1,432 | 1,841 | +40% |
| कपास | 8,567 | 41,418 | 822 | 3,018 | +35% |
| सोयाबीन | 5,921 | 9,017 | 1,523 | 1,523 | +227% |
| बाजरा | 5,180 | 11,410 | 2,203 | 2,531 | -1% |
| मूँगफली | 2,057 | 4,752 | 2,310 | 2,657 | +33% |
| अरंडी | 2,022 | 3,114 | 1,540 | 2,105 | -46% |
| अरहर / तुअर | 1,814 | 1,225 | 675 | 1,162 | -36% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। गुजरात औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
महीसागर का मौसम और बुवाई का समय
महीसागर में सालाना औसतन लगभग 872 मिमी बारिश होती है, जिसका 96% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (299 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 43°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 11°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 96% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- मई में दिन का औसत 43°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 2 | 29° | 11° |
| फ़रवरी | 2 | 32° | 14° |
| मार्च | 5 | 37° | 19° |
| अप्रैल | 3 | 41° | 23° |
| मई | 6 | 43° | 27° |
| जून | 113 | 38° | 27° |
| जुलाई | 299 | 32° | 25° |
| अगस्त | 285 | 30° | 24° |
| सितंबर | 137 | 31° | 23° |
| अक्टूबर | 13 | 33° | 20° |
| नवंबर | 5 | 32° | 16° |
| दिसंबर | 2 | 30° | 13° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), महीसागर ज़िले के केंद्र (23.1912, 73.6644) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
महीसागर के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
महीसागर के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- अरावली - 42 km
- पंचमहल - 55 km
- डूंगरपुर, Rajasthan - 56 km
- दाहोद - 57 km
- बांसवाड़ा, Rajasthan - 78 km
- खेड़ा - 78 km
महीसागर ज़िले में किसान योजनाएं
महीसागर, गुजरात के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: